Haryana News: मुख्य सचिव का कार्यकाल आज खत्म, दोबारा सेवा विस्तार की अटकलें तेज

हरियाणा के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी के कार्यकाल का आज अंतिम दिन है, लेकिन उनके दूसरे सेवा विस्तार (एक्सटेंशन) को लेकर अब तक सस्पेंस बना हुआ है।

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Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

जून 30, 2026

Haryana News: हरियाणा प्रशासन के गलियारों में इस समय सबसे बड़ी चर्चा राज्य के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी के कार्यकाल को लेकर है। 30 जून यानी आज उनके मौजूदा सेवा विस्तार का अंतिम दिन है, लेकिन अभी तक उनके कार्यकाल को लेकर सरकार की ओर से कोई स्पष्ट आदेश जारी नहीं हुआ है। इस स्थिति ने प्रशासनिक हलकों में सस्पेंस बढ़ा दिया है कि क्या उन्हें एक और सेवा विस्तार मिलेगा या राज्य को नया मुख्य सचिव मिलने वाला है।

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दोबारा एक्सटेंशन की संभावना और इतिहास

यदि राज्य सरकार के प्रस्ताव के अनुसार अनुराग रस्तोगी को एक और साल का सेवा विस्तार मिल जाता है, तो यह हरियाणा के प्रशासनिक इतिहास में एक दुर्लभ घटना होगी। वे हरियाणा के पहले ऐसे आईएएस अधिकारी बन जाएंगे, जिन्हें दो बार सेवा विस्तार दिया गया है। 1990 बैच के आईएएस अधिकारी रस्तोगी की नियुक्ति के सफर की बात करें, तो उन्हें पहली बार 31 अक्टूबर 2024 को तीन दिन के लिए अंतरिम मुख्य सचिव बनाया गया था। इसके बाद फरवरी 2025 में, जब तत्कालीन मुख्य सचिव विवेक जोशी को चुनाव आयुक्त की जिम्मेदारी दी गई, तब सरकार ने अनुराग रस्तोगी को पूर्णकालिक मुख्य सचिव के पद पर नियुक्त किया।

यह नियुक्ति काफी चर्चा में रही थी क्योंकि उस समय वरिष्ठता के आधार पर उनके बैचमेट्स सुधीर राजपाल और सुमिता मिश्रा के नाम भी प्रमुखता से दौड़ में थे। हालांकि, सरकार ने रस्तोगी पर विश्वास जताते हुए उन्हें यह जिम्मेदारी सौंपी और जून 2025 में उन्हें एक साल का पहला सेवा विस्तार दिया गया, जो आज समाप्त हो रहा है।

प्रशासनिक निरंतरता और बड़े सुधार

राज्य सरकार द्वारा केंद्र को भेजे गए दूसरे सेवा विस्तार के प्रस्ताव के पीछे कई ठोस प्रशासनिक कारण बताए जा रहे हैं। सरकार का मानना है कि राज्य में चल रही जनकल्याणकारी योजनाओं और महत्वाकांक्षी परियोजनाओं की गति बनाए रखने के लिए मुख्य सचिव स्तर पर निरंतरता अनिवार्य है। सरकार द्वारा दिए गए तर्कों में शामिल प्रमुख बिंदु इस प्रकार हैं:

ई-गवर्नेस और डिजिटल सुधार: पेपरलेस रजिस्ट्री व्यवस्था और ई-गवर्नेस के तहत हो रहे सुधारों को जमीनी स्तर पर पूरी तरह लागू करने में रस्तोगी की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

परिवार पहचान पत्र (PPP): राज्य की सबसे महत्वपूर्ण योजना—परिवार पहचान पत्र (PPP) से जुड़ी जटिलताओं को सुलझाने और इसके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए उनकी निगरानी आवश्यक मानी जा रही है।

निवेश और विकास परियोजनाएं: राज्य में चल रही बड़ी निवेश परियोजनाओं और केंद्र सरकार की फ्लैगशिप योजनाओं में तालमेल बिठाने के लिए सरकार उन्हें वर्तमान पद पर बनाए रखना चाहती है।

प्रशासनिक तालमेल: रस्तोगी की साफ-सुथरी छवि, अधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय और सरकार के साथ उनका सामंजस्यपूर्ण कार्यप्रणाली, उन्हें सरकार की पहली पसंद बनाती है।

अब सबकी निगाहें सरकार के अंतिम निर्णय पर टिकी हैं। क्या अनुराग रस्तोगी को प्रशासनिक निरंतरता के लिए दोबारा मौका मिलेगा या सरकार किसी नए विकल्प पर विचार करेगी, इसका खुलासा आने वाले कुछ घंटों में हो सकता है। यह निर्णय न केवल राज्य के प्रशासनिक ढांचे के लिए बल्कि आगामी विकास लक्ष्यों की दिशा तय करने में भी निर्णायक साबित होगा।

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