Haryana News: हरियाणा सरकार सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) में बड़ा बदलाव करने की तैयारी कर रही है। प्रदेश के बीपीएल (गरीबी रेखा से नीचे) परिवारों को अब राशन के साथ मिलने वाला एक लीटर सरसों का तेल अगले महीने से बंद किया जा सकता है। सरकार इस सुविधा की जगह लाभार्थियों को सीधे उनके बैंक खातों में तेल की कीमत भेजने या किसी अन्य खाद्य सामग्री का विकल्प देने पर विचार कर रही है। अंतिम फैसला आने वाले कुछ दिनों में लिया जा सकता है।
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नकद राशि या दूसरा विकल्प
खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के अधिकारियों के अनुसार, सरकार के सामने दो विकल्प हैं। पहला, सरसों तेल की जगह उसकी निर्धारित राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खाते में ट्रांसफर की जाए। दूसरा, तेल के स्थान पर कोई अन्य आवश्यक खाद्य वस्तु उपलब्ध कराई जाए। इस संबंध में जल्द ही अंतिम निर्णय होने की संभावना है, ताकि अगले महीने से नई व्यवस्था लागू की जा सके।
सरसों की कमी बनी बदलाव की बड़ी वजह
इस प्रस्तावित बदलाव के पीछे सबसे बड़ा कारण सरसों की सीमित सरकारी खरीद बताई जा रही है। इस वर्ष किसानों को खुले बाजार में सरसों का भाव न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) से काफी अधिक मिला। सरकार ने सरसों का एमएसपी 6,200 रुपये प्रति क्विंटल तय किया था, लेकिन कई मंडियों में किसानों को इससे 1,500 से 2,000 रुपये प्रति क्विंटल तक अधिक कीमत मिली। बेहतर दाम मिलने के कारण किसानों ने अपनी फसल सरकारी खरीद केंद्रों की बजाय निजी व्यापारियों को बेचना ज्यादा लाभकारी समझा।
पश्चिम एशिया के तनाव का पड़ा असर
पाम और सोयाबीन तेल का आयात पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण प्रभावित हुआ, जिससे खाद्य तेलों की उपलब्धता और कीमतों पर असर पड़ा। आयात में कमी आने से घरेलू बाजार में सरसों की मांग बढ़ गई। बढ़ती मांग और ऊंचे दामों के चलते सरकारी एजेंसियां तय लक्ष्य के अनुसार सरसों की खरीद नहीं कर सकीं। इसी वजह से राशन योजना में तेल उपलब्ध कराना सरकार के लिए चुनौती बन गया।
अंत्योदय अन्न योजना में भी होगा बड़ा बदलाव
हरियाणा सरकार केवल तेल वितरण में ही नहीं, बल्कि अंत्योदय अन्न योजना (AAY) के नियमों में भी बदलाव की तैयारी कर रही है। वर्तमान में गुलाबी राशन कार्ड धारकों को प्रति राशन कार्ड हर महीने 35 किलोग्राम गेहूं दिया जाता है। प्रस्तावित नई व्यवस्था के तहत प्रत्येक पात्र सदस्य को 7 किलोग्राम गेहूं मिलेगा।
किसे होगा फायदा और किस पर पड़ेगा असर
नई व्यवस्था लागू होने के बाद बड़े परिवारों को पहले की तुलना में अधिक गेहूं मिलने की संभावना है, क्योंकि वितरण परिवार के सदस्यों की संख्या के आधार पर होगा। वहीं, जिन परिवारों में पांच से कम सदस्य हैं, उन्हें मौजूदा व्यवस्था की तुलना में कम गेहूं मिल सकता है। सरकार का उद्देश्य राशन वितरण को अधिक पारदर्शी और परिवार के वास्तविक आकार के अनुसार बनाना है।
जल्द जारी हो सकता है आधिकारिक आदेश
खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने नई व्यवस्था को लागू करने की तैयारियां लगभग पूरी कर ली हैं। माना जा रहा है कि अगले महीने से इन बदलावों को लागू करने के संबंध में आधिकारिक अधिसूचना जारी की जा सकती है। इसके बाद बीपीएल और अंत्योदय कार्डधारकों को नई राशन प्रणाली के अनुसार लाभ मिलेगा।










