Haryana News: हरियाणा को मिले 2500 नए पटवारी, लाल डोरा मुक्त अभियान को मिलेगी नई उड़ान

हरियाणा में राजस्व व्यवस्था का चेहरा बदलने वाला है! सरकार ने 2500 नए पटवारियों की नियुक्ति के साथ लाल डोरा मुक्त अभियान को 'सुपरफास्ट' मोड पर डाल दिया है। ये नए 'स्मार्ट पटवारी' न केवल आपके जमीन के रिकॉर्ड डिजिटल करेंगे, बल्कि भ्रष्टाचार और देरी पर भी आखिरी प्रहार करेंगे। क्या है सरकार का पूरा प्लान?

हरियाणा को मिले 2500 नए पटवारी

Wrriten By :

Neha Mishra

Published On :

मई 2, 2026

Haryana News: हरियाणा के प्रशासनिक ढांचे और ग्रामीण विकास के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। प्रदेश में लंबे समय से चल रही पटवारियों की कमी अब दूर होने जा रही है। राज्य सरकार अगले चार दिनों के भीतर लगभग 2500 नए पटवारियों को नियुक्ति पत्र सौंपने की तैयारी कर रही है। इस कदम से न केवल युवाओं को रोजगार मिलेगा, बल्कि जमीन से जुड़े सरकारी कामों में पारदर्शिता और तेजी भी आएगी।

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पसंद के जिलों और विभागों में तैनाती की प्रक्रिया

भू-अभिलेख निदेशालय ने इस नियुक्ति प्रक्रिया को पारदर्शी और सुगम बनाने के लिए आधुनिक तकनीक का सहारा लिया है। नए चयनित पटवारियों से एक ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से उनकी पसंद के 5-5 जिलों के विकल्प मांगे गए थे। इसके अतिरिक्त, उन्हें केवल राजस्व विभाग तक सीमित न रखकर अन्य महत्वपूर्ण विभागों में भी सेवा देने का अवसर दिया जा रहा है।

पटवारियों ने अपनी पसंद के अनुसार निम्नलिखित 7 प्रमुख विभागों के लिए अपनी प्राथमिकताएं दर्ज की हैं:

  1. राजस्व विभाग (Revenue Department)
  2. चकबंदी विभाग (Consolidation of Holdings)
  3. नगर एवं ग्राम नियोजन (Town and Country Planning)
  4. वन विभाग (Forest Department)
  5. नगर निगम, गुरुग्राम
  6. हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (HSVP)
  7. शहरी स्थानीय निकाय और लोक निर्माण विभाग (PWD)

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पटवार सर्कलों में भारी बढ़ोतरी और कार्यकुशलता

वर्तमान में हरियाणा में पटवार सर्कलों की संख्या 2,691 है। नए पटवारियों के कार्यभार संभालने के बाद प्रदेश में इन सर्कलों की संख्या बढ़ाकर 5,077 कर दी जाएगी। सर्कलों की संख्या लगभग दोगुनी होने से एक पटवारी पर काम का बोझ कम होगा, जिससे वह आम जनता की समस्याओं का निपटारा अधिक कुशलता और कम समय में कर सकेगा। भू-अभिलेख निदेशक डॉ. यशपाल के अनुसार, विभाग की प्राथमिकता सबसे पहले उन पदों को भरने की है जो लंबे समय से खाली पड़े हैं। नए सर्कलों को पूरी तरह व्यवस्थित करने में लगभग ढाई महीने का समय लगेगा।

‘लाल डोरा’ मुक्त अभियान और स्वामित्व योजना को बल

इस पूरी नियुक्ति प्रक्रिया का सबसे महत्वपूर्ण पहलू ‘लाल डोरा’ और ‘स्वामित्व योजना’ से जुड़ा है। सरकार ने तय किया है कि कुल नियुक्तियों में से सर्वाधिक 1,500 पटवारियों को विशेष रूप से लाल डोरा से संबंधित कार्यों और स्वामित्व कार्ड वितरण की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। गाँवों को लाल डोरा मुक्त करने की महत्वाकांक्षी योजना में आ रही तकनीकी और प्रशासनिक बाधाएं अब इन नए अधिकारियों की तैनाती से दूर हो सकेंगी। इससे ग्रामीणों को उनकी संपत्ति का कानूनी मालिकाना हक मिलने की प्रक्रिया में असाधारण रफ्तार आएगी।

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आम जनता को होने वाले लाभ

नए पटवारियों के आने से ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के निवासियों को सीधा लाभ मिलेगा:

  • दस्तावेजों का सत्यापन: आय प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र और भूमि रिकॉर्ड के सत्यापन के लिए अब लंबा इंतजार नहीं करना होगा।
  • जमीनी विवादों में कमी: अधिक पटवारियों और छोटे सर्कलों की वजह से सीमा विवादों का निपटारा जल्दी होगा।
  • डिजिटलीकरण: नए और युवा पटवारी तकनीकी रूप से अधिक सक्षम होंगे, जिससे भूमि रिकॉर्ड के डिजिटलीकरण को बढ़ावा मिलेगा।