Haryana News: हरियाणा की राजनीति में एक मामूली दिखने वाली तकनीकी गड़बड़ी ने बड़ा प्रशासनिक कदम खड़ा कर दिया। महम में आयोजित एक विकास रैली के दौरान मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के भाषण के समय माइक बंद हो जाने की घटना को गंभीरता से लेते हुए सरकार ने संबंधित अधिकारी पर सख्त कार्रवाई की है। विभागीय जांच के बाद डीआईपीआरओ (जिला जनसंपर्क एवं सूचना अधिकारी) संजीव सैनी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
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रैली के दौरान हुआ घटनाक्रम
यह मामला 5 अप्रैल को महम में आयोजित एक विकास रैली से जुड़ा है, जहां मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी जनसभा को संबोधित करने पहुंचे थे। इस रैली में बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे और कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए सभी तैयारियां पहले से की गई थीं।
मंच पर दो अलग-अलग माइक सिस्टम लगाए गए थे। एक माइक का इस्तेमाल मंच संचालन और अन्य नेताओं के भाषण के लिए किया जा रहा था, जबकि मुख्यमंत्री के संबोधन के लिए अलग से विशेष माइक डिवाइस लगाया गया था।
मुख्यमंत्री के भाषण के दौरान आई समस्या
जब मुख्यमंत्री अपना संबोधन दे रहे थे, उसी दौरान अचानक उनका माइक बंद हो गया। इस वजह से रैली में पीछे बैठे लोगों तक उनकी आवाज पहुंचनी बंद हो गई। भीड़ में मौजूद लोगों ने शोर मचाना शुरू कर दिया क्योंकि वे भाषण सुन नहीं पा रहे थे।
स्थिति को संभालने के लिए मुख्यमंत्री को तुरंत दूसरे माइक का सहारा लेना पड़ा और उसी के जरिए उन्होंने अपना भाषण पूरा किया। हालांकि, इस घटना ने कार्यक्रम की व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए।
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जांच के बाद लिया गया सख्त फैसला
इस तकनीकी चूक को हल्के में नहीं लिया गया। घटना के तुरंत बाद विभागीय जांच के आदेश दिए गए थे ताकि यह पता लगाया जा सके कि गलती कहां हुई। जांच पूरी होने के बाद मुख्यालय ने डीआईपीआरओ संजीव सैनी को सस्पेंड करने का फैसला लिया। सरकार का मानना है कि इस तरह की लापरवाही बड़े सार्वजनिक कार्यक्रमों में स्वीकार्य नहीं है, खासकर जब मुख्यमंत्री जैसे उच्च पद के व्यक्ति का कार्यक्रम हो।
अधिकारी की सफाई
निलंबन के बाद डीआईपीआरओ संजीव सैनी ने अपनी सफाई में कहा कि कार्यक्रम से पहले माइक सिस्टम की पूरी जांच की गई थी। उनके अनुसार, यह एक अचानक हुआ तकनीकी फॉल्ट था, जिसे पहले से भांपना संभव नहीं था।
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प्रशासनिक प्रभाव और आगे की स्थिति
फिलहाल रोहतक जिले में डीआईपीआरओ के पद पर किसी अन्य अधिकारी की नियुक्ति नहीं की गई है। प्रशासनिक स्तर पर इस घटना को लेकर सतर्कता बढ़ा दी गई है ताकि भविष्य में इस तरह की स्थिति दोबारा न उत्पन्न हो।









