Haryana Nikay Chunav 2026: हरियाणा में आगामी नगर निकाय चुनावों को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अपनी चुनावी तैयारियों को धार देते हुए राज्य स्तर पर ‘संकल्प पत्र निर्माण समिति’ का गठन कर दिया है। यह समिति चुनाव के लिए पार्टी का मुख्य विजन डॉक्यूमेंट और घोषणापत्र तैयार करने का काम करेगी, जिसमें शहरी विकास के बड़े लक्ष्यों को शामिल किया जाएगा।
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पांच सदस्यीय समिति में दिग्गजों को जिम्मेदारी
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मोहनलाल बडौली द्वारा आधिकारिक तौर पर गठित इस पांच सदस्यीय समिति में संगठन और सरकार के प्रमुख चेहरों को शामिल किया गया है। समिति के सदस्यों के नाम इस प्रकार हैं:
विपुल गोयल: कैबिनेट मंत्री, हरियाणा सरकार।
सुरेंद्र पूनिया: प्रदेश महामंत्री।
कोमल सैनी: पानीपत की मेयर।
वेदपाल एडवोकेट: प्रदेश उपाध्यक्ष।
सुभाष चंद: वाइस चेयरमैन, स्वच्छ भारत मिशन।
यह टीम न केवल अनुभवी नेताओं का मिश्रण है, बल्कि इसमें प्रशासनिक और जमीनी स्तर पर काम करने वाले प्रतिनिधियों को भी जगह दी गई है, ताकि जनता की जरूरतों के अनुरूप संकल्प पत्र तैयार किया जा सके।
इन मुद्दों पर केंद्रित होगा विजन डॉक्यूमेंट
पार्टी सूत्रों के अनुसार, संकल्प पत्र का मुख्य ध्यान शहरी बुनियादी ढांचे (Infrastructure) को आधुनिक बनाने पर होगा। समिति मुख्य रूप से निम्नलिखित मुद्दों पर चर्चा कर मसौदा तैयार करेगी:
सफाई व्यवस्था और स्वच्छता: स्वच्छ भारत मिशन को निकायों में और प्रभावी बनाना।
ट्रैफिक और जल निकासी: शहरों में ट्रैफिक जाम की समस्या और बरसात के दौरान होने वाले जलभराव से मुक्ति के ठोस उपाय।
स्मार्ट सिटी और डिजिटल गवर्नेंस: नगर निगमों के कामकाज में तकनीक का उपयोग बढ़ाना।
बुनियादी सुविधाएं: पेयजल आपूर्ति, स्ट्रीट लाइट और पार्कों का विकास।
चुनाव का पूरा कार्यक्रम और राजनीतिक मायने
हरियाणा नगर निकाय चुनाव 2026 के तहत प्रदेश के तीन प्रमुख नगर निगमों— पंचकूला, अंबाला और सोनीपत सहित कई नगर परिषदों और पालिकाओं के भाग्य का फैसला होना है। चुनाव का कार्यक्रम इस प्रकार है
मतदान की तिथि: 10 मई 2026
मतगणना और परिणाम: 13 मई 2026
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि निकाय चुनाव अक्सर स्थानीय मुद्दों और विकास के दावों पर लड़े जाते हैं। ऐसे में भाजपा द्वारा समय रहते संकल्प पत्र समिति का गठन करना यह दर्शाता है कि पार्टी शहरी मतदाताओं को लुभाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती। विपक्षी दलों की घेराबंदी के बीच भाजपा का यह विजन डॉक्यूमेंट चुनावी वैतरणी पार करने में अहम भूमिका निभा सकता है।
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