Haryana Land Survey: हाई-टेक ड्रोन से होगा करनाल में भूमि सर्वे, जमीन रिकॉर्ड होंगे अपडेट

हरियाणा के करनाल जिले में हाई-टेक ड्रोन तकनीक से 1122 हेक्टेयर भूमि का डिजिटल सर्वे किया जाएगा जिससे जमीन के रिकॉर्ड पूरी तरह अपडेट होंगे लेकिन क्या यह नया सिस्टम जमीन विवादों को खत्म कर पाएगा और क्या इससे ग्रामीण विकास योजनाओं में तेजी आएगी यह बड़ा सवाल बना हुआ है

हाई-टेक ड्रोन से होगा करनाल में भूमि सर्वे

Wrriten By :

Neha Mishra

Published On :

मई 2, 2026

Haryana Land Survey: हरियाणा के करनाल जिले में स्थित कोहंड गांव की जमीन का अब आधुनिक तकनीक से सर्वे किया जाएगा। टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग ने इस काम के लिए टेंडर जारी कर दिया है और इच्छुक एजेंसियों से आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। इस परियोजना के तहत पूरे क्षेत्र का हाई-टेक ड्रोन सर्वे कर डिजिटल भूमि उपयोग मानचित्र तैयार किया जाएगा।

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1122 हेक्टेयर क्षेत्र का विस्तृत सर्वे

इस परियोजना के अंतर्गत लगभग 1122.60 हेक्टेयर क्षेत्र का विस्तृत सर्वे किया जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य मौजूदा भूमि उपयोग का सटीक आकलन करना है, जिसे एक्सिस्टिंग लैंड यूज (ELU) प्लान कहा जाता है। इससे यह पता लगाया जाएगा कि किस भूमि का उपयोग आवासीय, कृषि, औद्योगिक या अन्य कार्यों के लिए हो रहा है।

GIS और AutoCAD तकनीक का उपयोग

GIS और AutoCAD तकनीक का उपयोग
GIS और AutoCAD तकनीक का उपयोग

चयनित एजेंसी को ड्रोन की मदद से पूरे क्षेत्र की हवाई तस्वीरें लेनी होंगी। इसके बाद इस डेटा को GIS (जियोग्राफिक इंफॉर्मेशन सिस्टम) और AutoCAD प्लेटफॉर्म पर प्रोसेस कर एक विस्तृत डिजिटल लैंड यूज प्लान तैयार किया जाएगा। यह तकनीक भविष्य की शहरी और ग्रामीण योजनाओं को अधिक सटीक और प्रभावी बनाने में मदद करेगी।

सभी संरचनाओं की होगी डिजिटल मैपिंग

सर्वे के दौरान क्षेत्र की हर छोटी-बड़ी भौतिक संरचना को चिन्हित किया जाएगा। इसमें सड़कें (पक्की और कच्ची), रेलवे लाइन, बिजली की लाइनें, पानी के स्रोत, सरकारी भूमि, भवन, नहरें, नाले, तालाब और पेड़-पौधे शामिल होंगे। साथ ही बाउंड्री वॉल, पाइपलाइन और बिजली के पोल जैसी संरचनाओं को भी मैप किया जाएगा।

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सजरा मैप से होगा डेटा का मिलान

इस डिजिटल सर्वे को कैडस्ट्रल (सजरा) मैप से भी जोड़ा जाएगा, जिससे भूमि रिकॉर्ड अधिक सटीक और पारदर्शी बन सके। इससे भविष्य में भूमि से जुड़ी योजनाओं, विकास कार्यों और विवाद समाधान में काफी मदद मिलेगी।

आवेदन प्रक्रिया और शर्तें

इस परियोजना में भाग लेने के लिए इच्छुक एजेंसियों को टेंडर जारी होने के 10 दिनों के भीतर आवेदन करना होगा। आवेदन की हार्ड कॉपी करनाल स्थित जिला टाउन प्लानर कार्यालय में जमा करनी होगी। ध्यान देने योग्य बात यह है कि तकनीकी और वित्तीय बिड अलग-अलग जमा करनी होंगी। निर्धारित समय के बाद प्राप्त होने वाले आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे।

विकास योजनाओं में आएगी तेजी

इस ड्रोन आधारित सर्वे से न केवल भूमि रिकॉर्ड आधुनिक होंगे बल्कि भविष्य की शहरी और ग्रामीण योजनाओं को भी गति मिलेगी। सटीक डेटा उपलब्ध होने से सरकारी योजनाओं की प्लानिंग और क्रियान्वयन अधिक प्रभावी और पारदर्शी हो सकेगा।

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