Haryana News: हरियाणा में औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों यानी आईटीआई में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए दाखिला प्रक्रिया का अगला चरण शुरू हो गया है। जिन अभ्यर्थियों ने पहले चरण में ऑनलाइन पंजीकरण कराया था, वो अब अपनी पसंद के ट्रेड और संस्थान का चयन कर सकते हैं। कौशल विकास और औद्योगिक प्रशिक्षण विभाग ने इसके लिए 3 जुलाई से 15 जुलाई तक समय निर्धारित किया गया है। इस अवधि के दौरान अभ्यर्थियों को विभागीय पोर्टल पर लॉगिन कर अपने विकल्प भरने होंगे।
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पूर्ण आवेदन ही दाखिला प्रक्रिया में होंगे शामिल
आपको बता दें कि, विभाग के अनुसार 2 जून से 30 जून तक ऑनलाइन पंजीकरण कराने वाले अभ्यर्थियों के लिए ट्रेड और संस्थान का विकल्प भरना अनिवार्य है। केवल वही आवेदन दाखिला प्रक्रिया में शामिल किए जाएंगे, जो पूरी तरह से भरे गए होंगे और सफलतापूर्वक जमा किए जाएंगे। अधूरे आवेदन या विकल्प न भरने वाले अभ्यर्थियों को सीट आवंटन प्रक्रिया में शामिल नहीं किया जाएगा। इसलिए उम्मीदवारों को सलाह दी गई है कि वे अंतिम तिथि का इंतजार न करें और समय रहते अपने पसंदीदा विकल्प सावधानी से भरें।
नए अभ्यर्थियों के लिए भी खुला रहेगा अवसर
आईटीआई दाखिले के लिए जो अभ्यर्थी पहले ऑनलाइन आवेदन नहीं कर पाए थे, उनके लिए भी विभाग ने मौका दिया है। नए उम्मीदवार 15 जुलाई तक अपना आवेदन जमा कर सकते हैं। इससे उन विद्यार्थियों को राहत मिलेगी, जो किसी कारणवश निर्धारित समय में पंजीकरण नहीं करा पाए थे। विभाग का उद्देश्य अधिक से अधिक युवाओं को तकनीकी प्रशिक्षण से जोड़ना है, ताकि वे रोजगार और स्वरोजगार के बेहतर अवसर प्राप्त कर सकें।
उद्योगों से जुड़ेगा तकनीकी प्रशिक्षण
हरियाणा सरकार तकनीकी शिक्षा को और अधिक व्यावहारिक बनाने की दिशा में लगातार काम कर रही है। इसी कड़ी में ड्यूल सिस्टम ऑफ ट्रेनिंग यानी डीएसटी को बढ़ावा दिया जा रहा है। इस प्रणाली के तहत विद्यार्थियों को आईटीआई में पढ़ाई के साथ-साथ सीधे उद्योगों में प्रशिक्षण का अवसर मिलेगा। इससे विद्यार्थी केवल किताबों तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि आधुनिक मशीनों, तकनीक और वास्तविक कार्य प्रणाली को करीब से समझ सकेंगे।
प्रशिक्षण के साथ मिलेगी प्रोत्साहन राशि
डीएसटी के तहत प्रशिक्षण लेने वाले विद्यार्थियों को उद्योगों में व्यावहारिक ट्रेनिंग के दौरान हर महीने दो हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि भी दी जाएगी। इससे आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को मदद मिलेगी और वे प्रशिक्षण के दौरान आत्मनिर्भर महसूस कर सकेंगे। सरकार का मानना है कि उद्योगों से जुड़ा प्रशिक्षण युवाओं को बाजार की जरूरतों के अनुरूप तैयार करेगा।
कोर्स अवधि बढ़ाने पर विचार
तकनीकी शिक्षा विभाग डीएसटी कोर्स को और उपयोगी बनाने की योजना पर भी काम कर रहा है। वर्तमान में एक वर्ष के इस कोर्स की अवधि को बढ़ाकर लगभग डेढ़ वर्ष करने पर विचार किया जा रहा है। प्रस्ताव के अनुसार पहले छह महीने विद्यार्थियों को आईटीआई संस्थान में प्रशिक्षण दिया जाएगा, जबकि इसके बाद 9 से 12 महीने तक उन्हें उद्योगों में व्यावहारिक प्रशिक्षण मिलेगा।
रोजगारपरक शिक्षा की दिशा में बड़ा कदम
आईटीआई दाखिला प्रक्रिया और डीएसटी मॉडल को हरियाणा के युवाओं के लिए रोजगारपरक शिक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे विद्यार्थियों को अपनी पसंद के ट्रेड में कौशल हासिल करने के साथ उद्योगों में काम करने का अनुभव भी मिलेगा, जो भविष्य में नौकरी और करियर निर्माण में मददगार साबित होगा।










