Haryana Home Stay Policy: हरियाणा सरकार अब पर्यटन को केवल मनोरंजन तक सीमित न रखकर इसे ग्रामीण अर्थव्यवस्था और रोजगार के एक शक्तिशाली माध्यम के रूप में विकसित करने की तैयारी में है। राज्य में फार्म टूरिज्म और होम स्टे मॉडल को सशक्त बनाने के लिए सरकार एक नई और सरल नीति लाने जा रही है। इसका मुख्य उद्देश्य हरियाणा के गांवों को नए पर्यटन हब के रूप में स्थापित करना है, जिससे न केवल पर्यटन बढ़ेगा बल्कि ग्रामीण युवाओं के लिए स्वरोजगार के द्वार भी खुलेंगे।
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5000 करोड़ के वैश्विक बाजार पर हरियाणा की नजर
पर्यटन विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ. अमित कुमार अग्रवाल के अनुसार, वैश्विक स्तर पर फार्म टूरिज्म का बाजार प्रतिवर्ष लगभग 5000 करोड़ रुपये का है। हरियाणा में इस क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं। सरकार का लक्ष्य है कि पर्यटक केवल शहरों तक सीमित न रहें, बल्कि वे गांवों में जाकर ग्रामीण जीवन, खेती और स्थानीय संस्कृति का वास्तविक अनुभव लें।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की प्राथमिकताओं में शामिल इस मॉडल को बढ़ावा देने के लिए हाल ही में चंडीगढ़ में फार्म टूरिज्म और होम स्टे संचालकों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य सिस्टम को पारदर्शी बनाना और सरकारी प्रक्रियाओं में आने वाली अड़चनों को दूर करना था।
‘सेवा का अधिकार’ के तहत आएंगी सुविधाएं
पर्यटन को उद्योग की तरह विकसित करने के लिए सरकार कई महत्वपूर्ण कदम उठाने जा रही है
समग्र नीति का निर्माण: विभिन्न विभागों की अनुमतियों और प्रक्रियागत देरी को खत्म करने के लिए एक व्यापक नीति तैयार की जाएगी, जिसे कैबिनेट की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा।
समय सीमा में काम: इन सेवाओं को ‘सेवा का अधिकार अधिनियम’ (Right to Service Act) के तहत लाने की योजना है, ताकि लाइसेंस और अन्य अनुमतियां एक निश्चित समय सीमा के भीतर मिल सकें।
समस्याओं का समाधान: संचालकों से उनकी समस्याओं पर 5 दिनों के भीतर लिखित सुझाव मांगे गए हैं। साथ ही, अन्य राज्यों के सफल एग्रो टूरिज्म मॉडल का भी अध्ययन किया जा रहा है ताकि हरियाणा की नीति को निवेश के अनुकूल बनाया जा सके।
अंतरराष्ट्रीय ‘गीता पर्यटन हब’ बनने की राह पर
हरियाणा सरकार कुरुक्षेत्र को केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि एक वैश्विक आइकॉनिक डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने के लिए मास्टर प्लान तैयार कर चुकी है।
मास्टर प्लान: पिपली से ज्योतिसर तक के क्षेत्र को विकसित करने के लिए एक विस्तृत योजना तैयार की गई है। इसमें महाभारत अनुभव केंद्र को और अधिक भव्य, इंटरैक्टिव और आधुनिक बनाया जाएगा।
पर्यटक सुविधाएं: कुरुक्षेत्र में पर्यटकों के अनुभव को बेहतर बनाने के लिए सोवेनियर शॉप, फूड कोर्ट और फोटो जोन जैसी सुविधाएं जोड़ी जाएंगी। गर्मियों के मौसम को देखते हुए केंद्र के समय में भी विस्तार किया जाएगा।
वैश्विक पहचान: भारत सरकार के 50 विश्वस्तरीय आइकॉनिक पर्यटन स्थलों की सूची में कुरुक्षेत्र को शामिल करने का प्रस्ताव विचाराधीन है। यदि यह चयन होता है, तो कुरुक्षेत्र अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर एक प्रमुख केंद्र के रूप में उभरेगा।









