Haryana Health Model: हरियाणा ने स्वास्थ्य क्षेत्र में रचा इतिहास, देश के लिए बना हेल्थ मॉडल उदाहरण

हरियाणा ने स्वास्थ्य क्षेत्र में ऐसा ऐतिहासिक बदलाव किया है जिसने पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है और अब इसे एक मजबूत हेल्थ मॉडल के रूप में देखा जा रहा है जहां सरकारी अस्पतालों की गुणवत्ता, ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाएं और राष्ट्रीय मानकों की उपलब्धि ने नई बहस छेड़ दी है

Wrriten By :

Neha Mishra

Published On :

अप्रैल 22, 2026

Haryana Health Model: हेल्थ मॉडल की बात करें तो हरियाणा ने सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार करते हुए एक उदाहरण सेट कर दिया है। राज्य ने न सिर्फ राष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों को पूरा किया है, बल्कि कई क्षेत्रों में उनसे आगे निकलकर अग्रणी स्थिति भी हासिल की है। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ सुमिता मिश्रै ने चंडीगढ़ में आयोजित समीक्षा बैठक के बाद यह जानकारी शेयर की।

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एनक्यूएएस प्रमाणन में हरियाणा की तेज प्रगति

हरियाणा स्टेट हेल्थ रिसोर्स सेंटर (HSHRC) के अनुसार राज्य के 1560 से ज्यादा सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों को नेशनल क्वालिटी एश्योरेंस स्टैंडर्ड (NQAS) प्रमाणन प्राप्त हो चुका है। यह आंकड़ा निर्धारित लक्ष्य से आगे बढ़कर लगभग 57 प्रतिशत तक पहुंच गया है, जो स्वास्थ्य सेवाओं में तेजी से हो रहे सुधार को दर्शाता है।

जिला और ग्रामीण स्तर तक पहुंची गुणवत्ता

स्वास्थ्य सुधार का असर सिर्फ बड़े शहरों और जिला अस्पतालों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसका लाभ ग्रामीण इलाकों तक भी पहुंचा है। राज्य के करीबह 95 प्रतिशत जिला अस्पताल एनक्यूएएस प्रमाणन प्राप्त कर चुके हैं। इसके अलावा 16 उप-जिला अस्पताल, 134 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और 1340 से अधिक आयुष्मान आरोग्य मंदिर सब-सेंटर भी इस गुणवत्ता मानक पर खरे उतरे हैं। इससे स्पष्ट होता है कि स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार पूरे राज्य में समान रूप से किया गया है।

राष्ट्रीय स्तर पर हरियाणा की उपलब्धियां

हरियाणा ने स्वास्थ्य क्षेत्र में कई ऐतिहासिक उपलब्धियां दर्ज की हैं। पंचकूला का जिला नागरिक अस्पताल देश का पहला एनक्यूएएस प्रमाणित जिला अस्पताल बना था। इसके बाद फरीदाबाद का जिला अस्पताल “मुस्कान” प्रमाणन प्राप्त करने वाला पहला जिला अस्पताल बना। वहीं सोनीपत के रायपुर स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिर को वर्चुअल असेसमेंट के माध्यम से पहली बार प्रमाणित किया गया, जो तकनीकी दृष्टि से एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

कायाकल्प योजना से संस्थानों में सुधार

स्वास्थ्य संस्थानों में स्वच्छता, संक्रमण नियंत्रण और बायोमेडिकल वेस्ट प्रबंधन को बेहतर बनाने में कायाकल्प योजना की अहम भूमिका रही है। वर्ष 2025-26 में हजारों संस्थानों ने आंतरिक और पीयर मूल्यांकन पूरा किया। इनमें से 1500 से अधिक संस्थानों ने 70 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त कर प्रोत्साहन राशि के लिए पात्रता हासिल की है। दो संस्थानों को पर्यावरण अनुकूल प्रदर्शन के लिए विशेष सम्मान भी दिया गया।

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सरकार की प्रोत्साहन नीति और भविष्य का लक्ष्य

बताते चलें कि, राज्य सरकार ने स्वास्थ्य संस्थानों को बेहतर प्रदर्शन के लिए 5.39 करोड़ रुपए की प्रोत्साहन राशि देने का निर्णय लिया है, जिससे अस्पतालों में सुविधाओं और सेवाओं की गुणवत्ता में और सुधार देखने को मिलेगा। सरकार का लक्ष्य है कि दिसंबर 2026 तक सभी सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों को एनक्यूएएस प्रमाणन प्राप्त हो जाए।