Haryana News: हरियाणा सरकार ने प्रदेश के युवाओं को भविष्य की अत्याधुनिक तकनीकों और अंतरिक्ष विज्ञान के रहस्यों से रूबरू कराने के लिए एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक कदम उठाया है। राज्य सरकार ने सभी विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों और उच्च शिक्षण संस्थानों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे अपने छात्रों और शिक्षकों का पंजीकरण ‘इंडिया स्पेस लैब-समर इंटर्नशिप एवं टेक्निकल ट्रेनिंग प्रोग्राम-2026’ में सुनिश्चित करें। इस पहल का मुख्य उद्देश्य छात्रों को वैश्विक स्तर पर तकनीकी रूप से सक्षम और प्रतिस्पर्धी बनाना है।
तकनीकी शिक्षा के लिए विशेष सरकारी दिशानिर्देश
बताते चले कि, मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने सभी प्रशासनिक सचिवों को इस संबंध में आधिकारिक पत्र जारी किया है। सरकार की ओर से स्पष्ट किया गया है कि नई दिल्ली स्थित ‘इंडिया स्पेस लैब’ द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम केवल सैद्धांतिक ज्ञान तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह छात्रों, शोधार्थियों और शिक्षकों को स्पेस साइंस (Space Science) और अत्याधुनिक तकनीकों में व्यावहारिक प्रशिक्षण (Hands-on Training) भी प्रदान करेगा। सरकार ने इस कार्यक्रम के व्यापक प्रचार-प्रसार पर जोर देते हुए सभी विभागीय वेबसाइटों और सोशल मीडिया हैंडल पर इसकी जानकारी साझा करने के निर्देश दिए हैं।
एडवांस ड्रोन टेक्नोलॉजी और रॉकेट्री में व्यावहारिक प्रशिक्षण के अवसर
इस तकनीकी प्रशिक्षण कार्यक्रम का पाठ्यक्रम भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। प्रतिभागियों को एडवांस ड्रोन टेक्नोलॉजी (Drone Tech), कैनसैट (CanSat), क्यूबसैट (CubeSat), रॉकेट्री और रिमोट सेंसिंग जैसे जटिल विषयों पर विशेषज्ञों द्वारा शिक्षित किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, छात्रों को जीआईएस (GIS), डिजास्टर मैनेजमेंट और अंतरिक्ष विज्ञान के अन्य आधुनिक आयामों पर भी गहन जानकारी दी जाएगी। यह पूरी इंटर्नशिप ऑनलाइन मोड में संचालित होगी, जिसमें उद्योग जगत के विशेषज्ञों द्वारा लाइव सेशन आयोजित किए जाएंगे, जिससे प्रतिभागियों को घर बैठे उच्च स्तरीय तकनीकी शिक्षा प्राप्त हो सकेगी।
तकनीकी कौशल विकास के लिए पंजीकरण प्रक्रिया
आपकी जानकारी के लिए बता दे कि, यह समर इंटर्नशिप प्रोग्राम दो चरणों में आयोजित किया जाएगा, जिसकी कक्षाएं 17 जून से शुरू होकर 4 जुलाई 2026 तक चलेंगी। सरकार ने जानकारी साझा की है कि इस कार्यक्रम के लिए कुल 2315 सीटें आवंटित की गई हैं, जिनमें से दूसरे बैच के लिए 1045 सीटें आरक्षित रखी गई हैं। इसमें स्नातक (Undergraduate), स्नातकोत्तर (Postgraduate) और शोध छात्र भाग ले सकते हैं। पंजीकरण शुल्क मात्र 950 रुपये रखा गया है, जबकि तकनीकी प्रशिक्षण (Technical Training) के लिए कोई अलग से शुल्क नहीं देना होगा। सफल समापन पर सभी प्रतिभागियों को मान्यता प्राप्त प्रमाणपत्र भी प्रदान किए जाएंगे।
युवा सशक्तिकरण, रोजगार और स्टार्टअप क्षेत्र में नए अनुसंधान की संभावनाएं
हरियाणा सरकार का मानना है कि इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रमों से राज्य के युवाओं को राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर रोजगार के नए अवसर प्राप्त होंगे। अंतरिक्ष अनुसंधान (Space Research) और अत्याधुनिक तकनीकों में दक्ष होने के बाद युवा न केवल उच्च शिक्षा में बेहतर प्रदर्शन करेंगे, बल्कि वे इनोवेशन, रिसर्च और नए स्टार्टअप (Startups) स्थापित करने की दिशा में भी अग्रसर होंगे। यह पहल मुख्यमंत्री की उस दूरदृष्टि का हिस्सा है, जिसके तहत हरियाणा को देश के एक बड़े ‘टेक्नोलॉजी और रिसर्च हब’ के रूप में विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है।










