Haryana Government: कॉमन कैडर को लेकर हरियाणा सरकार का फैसला, ग्रुप-D कर्मचारियों को राहत

हरियाणा सरकार ने ग्रुप-D कर्मचारियों के लिए बड़ा फैसला लिया है। अब पात्र कर्मचारियों को कॉमन कैडर में बने रहने या उससे बाहर निकलने का एकमुश्त विकल्प मिलेगा, जिससे हजारों कर्मचारियों को अपनी सेवा शर्तों को लेकर राहत मिलेगी।

Haryana News

Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

जून 26, 2026

Haryana Government: हरियाणा के ग्रुप-D कर्मचारियों के लिए राज्य सरकार ने एक ऐतिहासिक और कर्मचारी-हितैषी निर्णय लिया है। सरकार ने उन हजारों कर्मचारियों को, जो ‘कॉमन कैडर’ (Common Cadre) के अंतर्गत कार्य कर रहे हैं, एकमुश्त अवसर (One-time option) प्रदान किया है कि वे अपनी इच्छा के अनुसार कॉमन कैडर में बने रहने का चयन करें या उससे बाहर निकलने का विकल्प चुनें। इस महत्वपूर्ण बदलाव के संबंध में मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने आधिकारिक निर्देश जारी कर सभी संबंधित विभागों को इस प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से पूरा करने का आदेश दिया है।

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किन कर्मचारियों पर लागू होगा यह विकल्प?

यह नीति विशेष रूप से विज्ञापन संख्या 04/2018 के तहत भर्ती हुए ग्रुप-D कर्मचारियों और 28 मार्च, 2018 से 31 मार्च, 2020 के बीच अनुकंपा आधार (Compassionate ground) पर नियुक्त हुए कर्मचारियों पर प्रभावी होगी। सरकार का यह कदम उन कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत है जो लंबे समय से अपनी सेवा शर्तों और कैडर को लेकर अस्पष्टता का सामना कर रहे थे।

विकल्पों का चयन और भविष्य की स्थिति

सरकार द्वारा जारी आदेशानुसार, कर्मचारियों को दो स्पष्ट विकल्प दिए गए हैं, जो कर्मचारी कॉमन कैडर को ही अपनी सेवा के लिए उपयुक्त मानते हैं, वे इसे चुन सकते हैं। ऐसे कर्मचारी ‘हरियाणा ग्रुप-D कर्मचारी (भर्ती एवं सेवा शर्तें) अधिनियम, 2018’ के तहत संशोधित प्रावधानों द्वारा शासित होते रहेंगे।

कॉमन कैडर से बाहर निकलना: यदि कोई कर्मचारी कॉमन कैडर से बाहर आने का विकल्प चुनता है, तो वे अपने मूल विभागों के विशिष्ट सेवा नियमों (Departmental Service Rules) के अंतर्गत कार्य करेंगे।

ऑनलाइन पोर्टल और प्रक्रिया की पारदर्शिता

पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी, सुगम और त्रुटिहीन बनाने के लिए सरकार ने एक ऑनलाइन पोर्टल का सहारा लिया है। पात्र कर्मचारी 1 जुलाई से 15 जुलाई, 2026 तक इस पोर्टल पर जाकर अपना विकल्प दर्ज करा सकेंगे। सुरक्षा और प्रमाणिकता के लिए यह पोर्टल ओटीपी (OTP) आधारित होगा, जहाँ कर्मचारी केवल अपने एचआरएमएस (HRMS) में पंजीकृत मोबाइल नंबर के माध्यम से ही लॉगिन कर सकेंगे।

मुख्य सचिव के निर्देश और समय-सीमा का महत्व

मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने सभी प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्षों, मंडलायुक्तों और उपायुक्तों को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने अधीन कार्यरत पात्र कर्मचारियों को इस सुविधा के बारे में व्यापक जानकारी दें। यह सुनिश्चित करना विभागों की जिम्मेदारी होगी कि प्रत्येक पात्र कर्मचारी निर्धारित समय-सीमा के भीतर अपना विकल्प दर्ज करे।

आदेश में एक महत्वपूर्ण बिंदु यह भी स्पष्ट किया गया है कि यदि कोई कर्मचारी 15 जुलाई, 2026 तक अपना विकल्प प्रस्तुत नहीं करता है, तो सरकार उसे ‘कॉमन कैडर में बने रहने’ के लिए स्वतः सहमति (Deemed consent) मान लेगी। अतः सभी कर्मचारियों के लिए यह आवश्यक है कि वे तय समय के भीतर ही इस ऑनलाइन प्रक्रिया को पूरा कर लें। यह कदम हरियाणा सरकार की उस प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जिसमें कर्मचारियों के कार्य-संतोष और प्रशासनिक दक्षता को प्राथमिकता दी जाती है।

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