Haryana News: हरियाणा अग्निशमन विभाग कर्मचारी यूनियन ने एक बार फिर से आंदोलन का रास्ता अपनाने का ऐलान किया है। यूनियन ने घोषणा की है कि 6 से 8 अगस्त तक पूरे राज्य में दमकल कर्मचारी प्रदेशव्यापी हड़ताल पर रहेंगे। यह फैसला सरकार की ओर से मांगों पर सहमति बनने के बावजूद आदेश जारी न किए जाने के विरोध में लिया गया है। कर्मचारियों का कहना है कि लगातार आश्वासनों के बावजूद अब तक किसी भी तरह की आधिकारिक कार्रवाई नहीं हुई है, जिससे पूरे विभाग में गहरा असंतोष फैल गया है।
13 मई की बैठक के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई
यूनियन नेताओं के अनुसार, 13 मई को हरियाणा भवन में हुई एक उच्चस्तरीय बैठक में सरकार और कर्मचारी प्रतिनिधियों के बीच कई महत्वपूर्ण मांगों पर सहमति बनी थी। इस बैठक में राजस्व मंत्री, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी और फायर विभाग के शीर्ष अधिकारी मौजूद थे। बैठक में यह भरोसा दिया गया था कि 30 जून से पहले कैबिनेट में प्रस्ताव पास कर दिए जाएंगे और कर्मचारियों की मांगों को लागू किया जाएगा। लेकिन तय समय सीमा बीत जाने के बाद भी कोई आधिकारिक आदेश जारी नहीं हुआ।
प्रमुख मांगें जो अब तक लंबित हैं
यूनियन द्वारा उठाई गई मांगों में कई अहम मुद्दे शामिल हैं। इनमें शहीद दमकल कर्मचारियों के परिवारों को 50 लाख रुपये मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने की मांग प्रमुख है। इसके अलावा 1181 पे-रोल कर्मचारियों को नियमित करने, 25,500 रुपये वेतनमान लागू करने, महंगाई भत्ता और अन्य भत्तों में बढ़ोतरी करने की भी मांग की गई है। साथ ही कौशल निगम के कर्मचारियों को रोजगार सुरक्षा, सभी फायर कर्मचारियों को जोखिम भत्ता और वर्दी भत्ता देने की मांग भी शामिल है। यूनियन ने यह भी कहा है कि ड्यूटी के दौरान हड़ताल अवधि को कार्य दिवस माना जाए।
लगातार आश्वासन लेकिन कोई ठोस कदम नहीं
यूनियन नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार और विभागीय अधिकारियों की ओर से कई बार आश्वासन दिए गए, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। प्रतिनिधिमंडल ने कई बार अग्निशमन निदेशालय में डीजी फायर से मुलाकात की, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिला। इससे कर्मचारियों का भरोसा लगातार कमजोर होता गया है।
आंदोलन की चरणबद्ध रणनीति
यूनियन ने सरकार को चेतावनी देते हुए आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने की रूपरेखा तैयार की है। यदि 30 जून तक मांगों पर आदेश जारी नहीं किए गए तो 1 और 2 जुलाई को सभी प्रमुख फायर स्टेशनों पर विरोध सभाएं की जाएंगी। इसके बाद 7 जुलाई से 22 जुलाई तक सभी जिला मुख्यालयों पर बड़े पैमाने पर रैलियां आयोजित की जाएंगी। इस दौरान सरकार से जवाबदेही की मांग की जाएगी। साथ ही 22 जून को सभी दमकल केंद्र अधिकारियों को आगामी आंदोलन का औपचारिक नोटिस सौंपा जाएगा।
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अगस्त में तीन दिवसीय हड़ताल की चेतावनी
यदि इसके बावजूद भी सरकार ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया तो 6, 7 और 8 अगस्त को प्रदेशभर में तीन दिवसीय हड़ताल की जाएगी। यूनियन ने स्पष्ट किया है कि इस स्थिति की पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी। कर्मचारियों का कहना है कि वे दिन-रात जनता की सुरक्षा के लिए अपनी जान जोखिम में डालते हैं, लेकिन उनकी मांगों को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है।










