Haryana Cabinet: 27 अप्रैल को विधानसभा का विशेष सत्र, नायब सैनी कैबिनेट ने लगाई मुहर

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में गुरुग्राम में पहली बार ऐतिहासिक कैबिनेट बैठक आयोजित की गई।

Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

अप्रैल 22, 2026

Haryana Cabinet: हरियाणा में राज्य मंत्रिमंडल की अहम बैठक में बड़ा फैसला लिया गया है। गुरुग्राम में आयोजित कैबिनेट बैठक में निर्णय हुआ कि राज्य विधानसभा का एकदिवसीय विशेष सत्र 27 अप्रैल को बुलाया जाएगा। यह पहली बार है जब हरियाणा कैबिनेट की बैठक गुरुग्राम में आयोजित की गई।

बैठक की अध्यक्षता मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने की। बैठक के बाद उन्होंने प्रेस वार्ता में बताया कि विशेष सत्र में कई महत्वपूर्ण विधेयक और नीतिगत फैसले पेश किए जाएंगे।

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क्लेरिकल सर्विस बिल 2026 होगा पेश

मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि विधानसभा के विशेष सत्र में “हरियाणा क्लेरिकल सर्विस बिल 2026” लाया जाएगा। इस बिल का उद्देश्य राज्य में क्लर्क भर्ती प्रक्रिया और सेवा शर्तों को अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनाना है। कैबिनेट बैठक में इस बिल के ड्राफ्ट को भी मंजूरी दे दी गई है, जिससे इसके लागू होने का रास्ता साफ हो गया है।

ग्रुप डी कर्मचारियों के लिए प्रमोशन में राहत

बैठक में हरियाणा के कॉमन कैडर के ग्रुप डी कर्मचारियों के प्रमोशन से जुड़े नियमों पर भी सहमति बनी। नए प्रावधान के अनुसार, जिन कर्मचारियों ने 5 साल से अधिक की सेवा पूरी कर ली है, वे अब क्लर्क पद पर प्रमोशन के लिए पात्र होंगे।

इसके साथ ही प्रमोशन कोटा में भी बदलाव किया गया है। अब ग्रुप डी से क्लर्क पद पर पदोन्नति का कोटा 20 प्रतिशत से बढ़ाकर 30 प्रतिशत कर दिया गया है। इसके अलावा 5 प्रतिशत “एक्स-ग्रेशिया” पद रखने की अनिवार्यता भी नियमों में शामिल की गई है।

विपक्ष पर सरकार का निशाना

प्रेस वार्ता के दौरान मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने विपक्षी दलों पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि हाल ही में संसद में हुई घटनाओं ने विपक्ष का असली चेहरा देश के सामने ला दिया है। उनके अनुसार विपक्ष महिला विरोधी और सत्ता केंद्रित राजनीति करता है।

सीएम ने कहा कि विपक्ष ने महिलाओं को केवल वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल किया है, लेकिन उन्हें निर्णय प्रक्रिया में उचित भागीदारी नहीं दी। उन्होंने यह भी कहा कि महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए प्रधानमंत्री स्तर पर लगातार प्रयास किए जा रहे हैं और यह किसी भी तरह की दया नहीं बल्कि उनका अधिकार है।

परिसीमन और राजनीतिक बयानबाजी पर टिप्पणी

मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर आरोप लगाया कि उन्होंने परिसीमन के मुद्दे पर भ्रम फैलाने की कोशिश की, जबकि केंद्रीय गृहमंत्री ने तथ्यों के आधार पर स्थिति स्पष्ट कर दी है कि किसी भी राज्य का प्रतिनिधित्व कम नहीं होगा। सीएम सैनी ने कहा कि आने वाले समय में महिलाएं अपने मताधिकार की ताकत से उन राजनीतिक दलों को जवाब देंगी जो महिला हितों की बात केवल भाषणों तक सीमित रखते हैं।

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