Haryana News: हरियाणा सरकार ने राज्य में भवन निर्माण से जुड़ी प्रक्रियाओं को सरल और पारदर्शी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। अब घर या व्यावसायिक भवन का नक्शा पास कराने के लिए लोगों को सरकारी दफ्तरों के बार-बार चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। पूरी प्रक्रिया को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर स्थानांतरित कर दिया गया है, जिससे समय और मेहनत दोनों की बचत होगी। साथ ही, इस कदम से भ्रष्टाचार पर भी अंकुश लगने की उम्मीद है।
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मुख्यमंत्री के निर्देश पर डिजिटल सिस्टम लागू
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने हाल ही में शहरी स्थानीय निकाय विभाग की बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए कि बिल्डिंग प्लान स्वीकृति प्रणाली को पूरी तरह ऑनलाइन किया जाए। सरकार का उद्देश्य आम लोगों को सुविधाजनक और तेज सेवाएं प्रदान करना है, ताकि निर्माण कार्य बिना देरी के शुरू हो सके।
छोटे प्लॉटों के लिए स्व-प्रमाणीकरण की सुविधा
सरकार ने छोटे और मध्यम आकार के प्लॉटों के लिए एक बड़ी राहत दी है। अब 1000 वर्ग मीटर तक के रिहायशी प्लॉट और 15 मीटर तक की ऊंचाई वाले भवनों के लिए ‘स्व-प्रमाणीकरण’ की सुविधा लागू की गई है। इसका मतलब है कि अधिकृत आर्किटेक्ट द्वारा तैयार नक्शा ऑनलाइन जमा करते ही निर्माण कार्य शुरू किया जा सकता है, बिना लंबी मंजूरी प्रक्रिया का इंतजार किए।
OBPAS पोर्टल से होगी स्वतः जांच
हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (HSVP) ने इस प्रक्रिया को और प्रभावी बनाने के लिए OBPAS (ऑनलाइन बिल्डिंग प्लान अप्रूवल सिस्टम) पोर्टल लॉन्च किया है। यह पोर्टल स्वतः ही हरियाणा बिल्डिंग कोड के अनुसार नक्शे की जांच करता है। इसके साथ ही, अधिकारियों के लिए तय समय सीमा भी निर्धारित की गई है, जिससे अनावश्यक देरी को रोका जा सके।
समय पर मंजूरी न मिलने पर तय होगी जिम्मेदारी
नई व्यवस्था में यदि निर्धारित समय के भीतर नक्शा पास नहीं होता है, तो संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी। इससे प्रशासनिक प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी और लोगों को समय पर सेवाएं मिल सकेंगी।
प्लॉट नीलामी प्रक्रिया में पारदर्शिता
सरकार ने प्लॉट आवंटन और नीलामी प्रक्रिया को भी अधिक पारदर्शी बनाया है। अब सभी प्लॉटों का आवंटन केवल ई-नीलामी और ई-ड्रॉ के माध्यम से किया जा रहा है। इससे बिचौलियों की भूमिका समाप्त होगी और आम नागरिकों को निष्पक्ष अवसर मिलेगा।
ब्याज दर में कमी से खरीदारों को राहत
प्लॉट खरीदने वालों को आर्थिक राहत देते हुए देरी से भुगतान पर लगने वाली ब्याज दर को 14% से घटाकर 12% कर दिया गया है। इस फैसले से खरीदारों पर वित्तीय बोझ कम होगा और निवेश को बढ़ावा मिलेगा।
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चौथी मंजिल के लिए नई शर्तें लागू
बढ़ते शहरी दबाव को देखते हुए सरकार ने चार मंजिला (स्टिल्ट + 4) मकानों के निर्माण के लिए नई शर्त लागू की है। अब केवल उन्हीं प्लॉटों पर चौथी मंजिल बनाने की अनुमति होगी, जिनके सामने सड़क की चौड़ाई कम से कम 10 मीटर है। यह नियम गुरुग्राम को छोड़कर पूरे हरियाणा में लागू किया गया है।










