Haryana News: हरियाणा में सामने आए 590 करोड़ रुपये के चर्चित बैंकिंग और सरकारी फंड घोटाले ने अब प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में हलचल बढ़ा दी है। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने इस मामले में पंचकूला और चंडीगढ़ के कई ठिकानों पर एक साथ छापेमारी कर महत्वपूर्ण दस्तावेज और डिजिटल सबूत अपने कब्जे में लिए हैं। बताया जा रहा है कि जांच एजेंसी ने कुल सात स्थानों पर कार्रवाई की, जहां से संदिग्ध बैंक लेन-देन और सरकारी फंड से जुड़े रिकॉर्ड बरामद किए गए।
Haryana News: पेट्रोल-डीजल और CNG के दाम बढ़े, जानें अब आपकी जेब पर कितना बढ़ेगा बोझ
सरकारी फंड के दुरुपयोग की आशंका
सीबीआई की शुरुआती जांच में सामने आया है कि सरकारी विभागों से जारी किए गए भुगतान को संदिग्ध बैंक खातों में ट्रांसफर किया गया। इसके बाद रकम को अलग-अलग खातों के जरिए घुमाकर असली लाभार्थियों तक पहुंचाया गया। एजेंसियों को शक है कि कुछ बैंक खातों का इस्तेमाल केवल पैसों के ट्रांजेक्शन को छिपाने और स्रोत बदलने के लिए किया गया। जांच अधिकारियों का मानना है कि यह कोई सामान्य वित्तीय गड़बड़ी नहीं बल्कि एक संगठित नेटवर्क था, जिसमें कई स्तरों पर मिलीभगत की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
मुख्यमंत्री के निर्देश पर शुरू हुई थी जांच
इस मामले की गंभीरता को देखते हुए हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पहले एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) से जांच शुरू करवाई थी। बाद में केस की जटिलता और बड़े स्तर पर वित्तीय अनियमितताओं के संकेत मिलने के बाद इसे सीबीआई को सौंप दिया गया। अब सरकार द्वारा वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ जांच की अनुमति और 17-ए क्लियरेंस दिए जाने को प्रशासनिक सख्ती के रूप में देखा जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, जिन पांच आईएएस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मंजूरी दी गई है, उनसे सीबीआई जल्द पूछताछ कर सकती है।
कई बड़े विभाग जांच के दायरे में
जांच के दौरान जिन अधिकारियों के नाम सामने आए हैं, वे पहले हरियाणा के कई महत्वपूर्ण विभागों में कार्यरत रह चुके हैं। इनमें पंचायत एवं विकास विभाग, हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, हरियाणा विद्युत उत्पादन निगम और पंचकूला नगर निगम जैसे विभाग शामिल बताए जा रहे हैं। इन्हीं विभागों में कथित तौर पर फर्जी खातों के माध्यम से करोड़ों रुपये के भुगतान किए गए। मामले में अब तक तीन लेखा अधिकारियों को बर्खास्त किया जा चुका है, जबकि 16 आरोपियों की गिरफ्तारी भी हो चुकी है।
Haryana News: 20,629 बीएलओ नियुक्त, 15 जून से आपके घर दस्तक देगी चुनाव आयोग की टीम
फर्जी खातों के जरिए चलाया गया नेटवर्क

जांच एजेंसियों का कहना है कि घोटाले में इस्तेमाल किए गए कई बैंक खाते केवल रकम को इधर-उधर ट्रांसफर करने के लिए बनाए गए थे। इन खातों का उद्देश्य असली लाभार्थियों की पहचान छिपाना और पैसों के स्रोत को बदलना था। सीबीआई अब इस पूरे नेटवर्क की परतें खोलने में जुटी हुई है। एजेंसी यह जानने की कोशिश कर रही है कि इस घोटाले को किस स्तर तक संरक्षण मिला और क्या सरकारी तंत्र के भीतर बैठे प्रभावशाली लोगों की इसमें सीधी भूमिका थी।
ऑडियो रिकॉर्डिंग बनी जांच की अहम कड़ी
इस पूरे मामले में कथित ऑडियो रिकॉर्डिंग और डिजिटल सबूतों को सबसे महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सूत्रों के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों के बयानों और रिकॉर्डिंग में कई वरिष्ठ अधिकारियों के नाम सामने आए हैं। बताया जा रहा है कि कुछ रिकॉर्डिंग में फंड ट्रांसफर, बैंक खातों के संचालन और कार्रवाई से बचने के तरीकों पर चर्चा के संकेत मिले हैं। अब सीबीआई इन रिकॉर्डिंग की फॉरेंसिक जांच करा रही है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि बातचीत कब हुई, किन लोगों के बीच हुई और पूरा नेटवर्क कितना बड़ा था।
Haryana News: फरीदाबाद को गंगा जल से मिलेगा पानी, हरियाणा सरकार का बड़ा मास्टर प्लान










