Harshit Rana Fitness : क्रिकेट जैसे तेज़ और प्रतिस्पर्धी खेल में खिलाड़ियों का चोटिल होना सामान्य बात मानी जाती है। इसी वजह से भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने खिलाड़ियों की फिटनेस, पुनर्वास (रिहैबिलिटेशन) और चोट प्रबंधन के लिए बेंगलुरु स्थित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) की स्थापना की है। इस केंद्र का उद्देश्य खिलाड़ियों को वैज्ञानिक तरीके से उपचार उपलब्ध कराना और उन्हें पूरी तरह फिट होने के बाद मैदान पर लौटाना है। हालांकि हाल के दिनों में इस व्यवस्था को लेकर कई सवाल उठने लगे हैं। खिलाड़ियों की फिटनेस रिपोर्ट, चयन प्रक्रिया और मेडिकल टीम के बीच तालमेल को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
जसप्रीत बुमराह के बाहर होने से बढ़ी चर्चा
हाल ही में भारतीय तेज़ गेंदबाज़ जसप्रीत बुमराह श्रीलंका दौरे से बाहर हो गए, जबकि इससे पहले राष्ट्रीय चयन समिति को भरोसा दिलाया गया था कि वह समय पर पूरी तरह फिट हो जाएंगे। बुमराह चोट के कारण लंबे समय तक मैदान से दूर रहे थे और वापसी के बाद भी उन्हें पूरी तरह फिट घोषित नहीं किया जा सका। इस घटनाक्रम के बाद चयनकर्ताओं और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्पोर्ट्स साइंस एवं मेडिकल टीम के बीच समन्वय पर सवाल उठने लगे हैं। कई क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि खिलाड़ियों की फिटनेस संबंधी जानकारी अधिक स्पष्ट और सटीक होनी चाहिए।
हर्षित राणा की फिटनेस रिपोर्ट से जुड़ा खुलासा
इसी बीच एक रिपोर्ट में युवा तेज़ गेंदबाज़ हर्षित राणा की फिटनेस को लेकर भी महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है। रिपोर्ट के अनुसार, जब उनका चयन इंग्लैंड दौरे के लिए भारतीय टीम में किया गया था, तब उनका वजन लगभग 97 किलोग्राम था। इससे पहले वह घुटने की समस्या के कारण कई महीनों तक क्रिकेट से बाहर रहे थे और उनकी सर्जरी भी हुई थी। पुनर्वास के बाद उन्होंने मैदान पर वापसी की, लेकिन बाद में उन्हें हैमस्ट्रिंग की चोट का सामना करना पड़ा, जिससे उनकी उपलब्धता फिर प्रभावित हुई।
वजन को लेकर मेडिकल टीम की सलाह
एक मीडिया रिपोर्ट में बीसीसीआई के एक अधिकारी के हवाले से कहा गया कि भारतीय टीम प्रबंधन ने यह जानकारी दी थी कि हर्षित राणा का वजन निर्धारित सीमा से लगभग चार किलोग्राम अधिक था। रिपोर्ट के अनुसार, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के स्टाफ ने उन्हें सलाह दी कि उनका वजन 96 किलोग्राम से अधिक नहीं होना चाहिए। फिलहाल उनका वजन करीब 94 किलोग्राम बताया गया है और उम्मीद जताई जा रही है कि आवश्यक फिटनेस मानकों को पूरा करने के बाद उन्हें जल्द खेलने की अनुमति मिल सकती है। हालांकि इस बात पर सवाल उठ रहे हैं कि यदि चयन के समय उनका वजन तय सीमा से अधिक था, तो उन्हें पूरी तरह फिट कैसे माना गया।
श्रीलंका दौरे से पहले टीम की तैयारियां
जसप्रीत बुमराह आईपीएल 2026 के बाद प्रतिस्पर्धी क्रिकेट में लौटे थे, लेकिन चोट के कारण वह इंग्लैंड दौरे पर सीमित मुकाबले ही खेल सके। श्रीलंका दौरे के लिए भी उनका चयन किया गया था, लेकिन समय पर फिट नहीं होने के कारण उन्हें टीम से बाहर होना पड़ा। भारत और श्रीलंका के बीच दो मैचों की टेस्ट श्रृंखला 15 अगस्त से शुरू होनी है। इससे पहले भारतीय टीम अपनी तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए 7 अगस्त से श्रीलंकाई इलेवन के खिलाफ तीन दिवसीय अभ्यास मैच खेलेगी।
सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के कामकाज पर बढ़ी निगरानी
इन घटनाओं के बाद बीसीसीआई के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की कार्यप्रणाली पर सवाल और तेज हो गए हैं। रिपोर्टों के अनुसार, फिलहाल बीसीसीआई में स्पोर्ट्स साइंस विभाग का कोई स्थायी प्रमुख नियुक्त नहीं है। ऐसे में खिलाड़ियों की रिकवरी प्रक्रिया, मेडिकल मूल्यांकन और ‘रिटर्न टू प्ले’ प्रोटोकॉल के पालन को लेकर लगातार चर्चा हो रही है। कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि खिलाड़ियों की फिटनेस से जुड़े मानकों का अधिक सख्ती से पालन किया जाना चाहिए, ताकि बार-बार चोटिल होने की घटनाओं को कम किया जा सके। हालांकि हर्षित राणा की चोट के वास्तविक कारण या फिटनेस संबंधी अंतिम निष्कर्ष पर बीसीसीआई की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। ऐसे में इस पूरे मामले पर आगे आने वाले दिनों में बोर्ड की प्रतिक्रिया और मेडिकल टीम की रिपोर्ट पर सभी की नजरें बनी रहेंगी।
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