Harivansh Narayan Singh: बिहार से बड़ी खबर सामने आई है। राज्यसभा के लिए राष्ट्रपति ने जनता दल-यूनाइटेड (जेडीयू) के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा के उपसभापति रहे हरिवंश नारायण सिंह को एक बार फिर मनोनीत किया है। उनका पिछला कार्यकाल 9 अप्रैल को समाप्त हुआ था। 10 अप्रैल को राष्ट्रपति द्वारा मनोनीत किए जाने के बाद वह पुनः राज्यसभा सदस्य बन गए हैं। बताया जा रहा है कि पूर्व मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई के सेवानिवृत्त होने के बाद खाली हुई सीट को भरने के लिए हरिवंश को नामित किया गया है।
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हरिवंश नारायण सिंह का जीवन
हरिवंश नारायण सिंह का जन्म 30 जून 1956 को उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में हुआ। उन्होंने प्राथमिक शिक्षा गांव के पास स्थित स्कूल से प्राप्त की। इसके बाद जेपी इंटर कॉलेज सेवाश्रम से हाईस्कूल पास किया और वाराणसी पहुंचे। यूपी कॉलेज से इंटरमीडिएट करने के बाद उन्होंने काशी हिंदू विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई पूरी की और पत्रकारिता में डिप्लोमा हासिल किया।
अपने करियर की शुरुआत उन्होंने टाइम्स ग्रुप से की। 1981 से 1984 तक हैदराबाद और पटना में बैंक ऑफ इंडिया में नौकरी की। इसके बाद 1984 में पत्रकारिता में वापसी की और लंबे समय तक ‘प्रभात खबर’ से जुड़े रहे। इसी दौरान वह नीतीश कुमार के करीब आए और बाद में जेडीयू के महासचिव बने।
विदाई भाषण में जताया आभार
अपने कार्यकाल समाप्त होने से पहले हरिवंश ने राज्यसभा में विदाई भाषण दिया था। उन्होंने कहा कि उनका कार्यकाल 9 अप्रैल तक था और इन 12 वर्षों में साढ़े चार साल सांसद तथा शेष समय उपसभापति के रूप में सेवा दी। उन्होंने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का आभार जताया जिन्होंने उन्हें दो बार राज्यसभा भेजा। साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अन्य दलों के नेताओं को भी धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि पहले ही कार्यकाल में उपसभापति बनने का अवसर मिलने के लिए वह विशेष रूप से पीएम मोदी के प्रति कृतज्ञ हैं।
नीतीश कुमार के करीबी, बीजेपी में भी पैठ
हरिवंश नारायण सिंह को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का करीबी माना जाता है। हालांकि, उन्होंने बीजेपी में भी अपनी मजबूत पैठ बना ली है। अगस्त 2022 में जब जेडीयू ने बीजेपी से अलग होने का फैसला किया, तब भी हरिवंश ने अपने पद से इस्तीफा नहीं दिया। इससे वह बीजेपी नेतृत्व की नजरों में आ गए। विपक्ष के बहिष्कार के बावजूद उन्होंने नए संसद भवन के उद्घाटन कार्यक्रम में हिस्सा लिया और प्रधानमंत्री मोदी की तारीफ की।
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