Harivansh Deputy Chairman : संसद के उच्च सदन राज्यसभा को एक बार फिर अपना उपसभापति मिल गया है। हरिवंश नारायण सिंह को लगातार तीसरी बार राज्यसभा का उपसभापति चुना गया है। खास बात यह रही कि उनका चयन निर्विरोध हुआ, जिससे सदन में उनके प्रति व्यापक सहमति और विश्वास का संकेत मिलता है।
इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित सत्ता पक्ष और विपक्ष के कई प्रमुख नेताओं ने उन्हें बधाई दी। राष्ट्रपति द्वारा हाल ही में उन्हें राज्यसभा के लिए नामित किए जाने के बाद यह राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है। इससे पहले भी वे दो कार्यकालों में जनता दल (यूनाइटेड) के कोटे से राज्यसभा सदस्य रह चुके हैं और उपसभापति की जिम्मेदारी निभा चुके हैं।
छत्तीसगढ़ में पहुंची झारखंड आवास बोर्ड की टीम, आवासीय योजनाओं और प्रक्रियाओं का करेगी अवलोकन
प्रधानमंत्री और नेताओं की प्रतिक्रिया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हरिवंश नारायण सिंह को तीसरे कार्यकाल के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सदन ने उन पर गहरा विश्वास जताया है। उन्होंने कहा कि उनके अनुभव और नेतृत्व क्षमता ने राज्यसभा की कार्यवाही को मजबूती दी है। पीएम मोदी ने यह भी कहा कि उनके योगदान से संसदीय कार्यों की गरिमा और प्रभावशीलता बढ़ी है।
सत्ता पक्ष के साथ-साथ विपक्षी दलों के नेताओं ने भी उनके चयन पर सहमति जताते हुए उन्हें बधाई दी, जो उनके निष्पक्ष और संतुलित संसदीय कार्यशैली का संकेत माना जा रहा है।
प्रारंभिक जीवन और शिक्षा
हरिवंश नारायण सिंह का जन्म 30 जून 1956 को उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के सिताबदियारा गांव में हुआ था। यह गांव अपनी विशेष भौगोलिक स्थिति के कारण जाना जाता है, जो तीन जिलों—आरा, बलिया और छपरा—के साथ-साथ उत्तर प्रदेश और बिहार की सीमाओं में फैला हुआ है।
उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा के बाद बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) से अर्थशास्त्र में स्नातक की डिग्री प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने वहीं से पत्रकारिता में डिप्लोमा भी किया, जिससे उनका रुझान पत्रकारिता और जनसंचार की ओर मजबूत हुआ।
राजनीतिक और संसदीय सफर
हरिवंश नारायण सिंह ने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत 2014 में की, जब उन्हें जनता दल (यूनाइटेड) की ओर से बिहार से राज्यसभा सदस्य चुना गया। इसके बाद उन्होंने संसदीय कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाई और अपनी कार्यशैली से पहचान बनाई।
9 अगस्त 2018 को उन्हें पहली बार राज्यसभा का उपसभापति चुना गया। इसके बाद 14 सितंबर 2020 को वे दूसरी बार इस पद पर निर्वाचित हुए। अब तीसरी बार निर्विरोध चयन के साथ उन्होंने लगातार एक महत्वपूर्ण संसदीय पद पर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है।
तीसरा कार्यकाल और महत्व
हरिवंश नारायण सिंह का तीसरी बार उपसभापति चुना जाना उनके संसदीय अनुभव और सदन में संतुलित भूमिका का प्रमाण माना जा रहा है। उनके कार्यकाल में राज्यसभा की कार्यवाही को व्यवस्थित और प्रभावी बनाने पर जोर रहा है। इस नए कार्यकाल के साथ उनसे फिर से सदन की कार्यवाही को सुचारू रूप से चलाने की उम्मीद की जा रही है।
यूनिवर्सल हेल्थ कवरेज और सतत विकास लक्ष्य के लिए मुख्य सचिव जैन का प्रस्तावित मॉडल









