
UP Politics: उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी बयानबाजी तेज होती जा रही है। बीजेपी और समाजवादी पार्टी के बीच जुबानी जंग भी लगातार बढ़ रही है। इसी बीच बीजेपी के राष्ट्रीय महामंत्री और पूर्व सांसद हरीश द्विवेदी शनिवार को बस्ती पहुंचे। यहां मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर जमकर हमला बोला। उन्होंने अखिलेश यादव के चुनाव लड़ने और मुख्यमंत्री बनने को लेकर सवाल उठाए। साथ ही दावा किया कि समाजवादी पार्टी इस बार चुनावी मुकाबले में कहीं नजर नहीं आएगी।
अखिलेश यादव पर हरीश द्विवेदी का हमला
हरीश द्विवेदी ने कहा कि अखिलेश यादव एक बार उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बने थे, लेकिन वह अपने काम या अपनी राजनीतिक ताकत के दम पर मुख्यमंत्री नहीं बने थे। उन्हें यह मौका उनके पिता और पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय मुलायम सिंह यादव की वजह से मिला था। द्विवेदी के मुताबिक, मुलायम सिंह के नाम पर चुनाव लड़ा गया और जीत मिलने के बाद उन्होंने अपने बेटे अखिलेश यादव को मुख्यमंत्री बना दिया।

उन्होंने अखिलेश यादव के उस बयान पर भी तंज कसा, जिसमें चुनाव नहीं लड़ने को लेकर बात कही गई थी। हरीश द्विवेदी ने कहा कि अखिलेश यादव शायद अपनी कमजोरियों को छिपाने के लिए ऐसी बातें कर रहे हैं। उन्हें डर है कि अगर वह चुनाव लड़ेंगे तो हार सकते हैं और प्रदेश की जनता के सामने उनकी राजनीतिक ताकत की असलियत आ जाएगी।
अखिलेश यादव के नेतृत्व और सपा के जनाधार पर उठाए सवाल
बीजेपी नेता ने कहा कि अखिलेश यादव ओवरकॉन्फिडेंस में नहीं, बल्कि इस बात को लेकर कॉन्फिडेंट हैं कि वह दोबारा मुख्यमंत्री नहीं बनने वाले हैं। उन्हें पता है कि समाजवादी पार्टी की सरकार बनने की संभावना नहीं है, इसलिए वह पहले से ही चुनावी मैदान से दूरी बनाने की कोशिश कर रहे हैं।
उन्होंने दावा किया कि धरातल पर समाजवादी पार्टी की कोई मजबूत स्थिति नहीं है। द्विवेदी ने कहा कि सपा सरकार के दौरान गरीबों, किसानों और मजदूरों के साथ जिस तरह का व्यवहार हुआ था, उसे उत्तर प्रदेश की जनता आज भी भूली नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि जनता बीजेपी से परेशान होने की बातें विपक्षी नेता करते हैं, लेकिन चुनावों के नतीजे कुछ और ही तस्वीर दिखाते हैं। बीजेपी लगातार चुनाव जीत रही है और 2027 में भी पार्टी प्रचंड बहुमत के साथ सरकार बनाएगी।
मुलायम सिंह यादव की विरासत पर भी साधा निशाना
हरीश द्विवेदी ने अखिलेश यादव की राजनीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि वह अपने पिता मुलायम सिंह यादव की राजनीतिक विरासत को संभाल नहीं पाए। उन्होंने कहा कि मुलायम सिंह यादव ने जमीन से जुड़कर संघर्ष किया और अपनी मेहनत से राजनीति में पहचान बनाई थी, जबकि अखिलेश यादव को परिवार की वजह से राजनीति में बड़ा मौका मिला।

बीजेपी नेता ने कहा कि जब से अखिलेश यादव समाजवादी पार्टी का नेतृत्व कर रहे हैं, तब से पार्टी लगातार चुनाव हार रही है। उन्होंने बीजेपी की पदयात्रा पर सपा की ओर से उठाए जा रहे सवालों का भी जवाब दिया। द्विवेदी ने कहा कि बीजेपी किसी भी कार्यक्रम को आयोजित करने से पहले व्यापारियों, छात्रों और आम लोगों की परेशानी का ध्यान रखती है।
बीजेपी की पदयात्रा का मकसद क्या है?
पदयात्रा के उद्देश्य पर बात करते हुए हरीश द्विवेदी ने कहा कि कांग्रेस और इंडी गठबंधन के नेता देश में झूठ फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। इसी का जवाब देने और सही जानकारी जनता तक पहुंचाने के लिए बीजेपी पदयात्रा निकाल रही है। उन्होंने बताया कि अब तक देशभर में 161 जगहों पर पदयात्राएं पूरी हो चुकी हैं और जल्द ही यह संख्या 180 तक पहुंचने की उम्मीद है। बीजेपी का लक्ष्य सभी प्रशासनिक जिलों में करीब 800 स्थानों पर पदयात्रा आयोजित करने का है। दीपावली से पहले और बाद में दो चरणों में यह अभियान चलाया जा रहा है।
SIR पर कांग्रेस को घेरा
हरीश द्विवेदी ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर (SIR) का भी बचाव किया। उन्होंने कहा कि एसआईआर कोई नई प्रक्रिया नहीं है। पहले भी अलग-अलग समय पर पंडित जवाहरलाल नेहरू और इंदिरा गांधी के दौर में इस तरह की प्रक्रिया अपनाई गई है। उन्होंने कहा कि एसआईआर का मकसद वोटर लिस्ट को सही और पारदर्शी बनाना है। अगर किसी विदेशी नागरिक का नाम मतदाता सूची में दर्ज है, कोई व्यक्ति दो जगह वोटर बना हुआ है या किसी की मृत्यु हो चुकी है, तो ऐसे नामों की जांच कर उन्हें हटाया जाना चाहिए। वहीं, दूसरी जगह शिफ्ट हो चुके मतदाताओं का नाम भी पुरानी सूची से हटना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और उसके सहयोगी दल इस प्रक्रिया को लेकर जनता के बीच भ्रम फैलाने का काम कर रहे हैं।
धारा 370 और राम मंदिर का जिक्र कर कांग्रेस पर हमला
कांग्रेस पर निशाना साधते हुए बीजेपी नेता ने कहा कि जब भी देशहित में कोई बड़ा फैसला लिया गया, कांग्रेस ने उसका विरोध किया। उन्होंने धारा 370 और 35ए हटाने का उदाहरण देते हुए कहा कि कांग्रेस ने इस फैसले का भी विरोध किया था।हरीश द्विवेदी ने राम मंदिर का मुद्दा उठाते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस ने मंदिर निर्माण के रास्ते में अड़चनें डालने की कोशिश की। इसके अलावा उन्होंने सरदार वल्लभभाई पटेल के सम्मान में बनाए गए स्टैच्यू ऑफ यूनिटी का जिक्र करते हुए भी कांग्रेस पर सवाल उठाए।











