Haridwar Road Accident: उत्तराखंड के हरिद्वार में सोमवार की सुबह एक भीषण सड़क हादसे ने पूरे क्षेत्र को दहला दिया। गंगा स्नान करने आए राजस्थान के श्रद्धालुओं से भरी एक बस डंपर की चपेट में आ गई, जिससे बस अनियंत्रित होकर हाईवे पर पलट गई। इस दर्दनाक हादसे में एक महिला श्रद्धालु की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 16 अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं।
बिजली चोरी पर सख्ती: ट्रांसफार्मर-स्तरीय डेटा से होगी खपत और बिलिंग की निगरानी
शांतिकुंज के पास हुआ दर्दनाक हादसा
यह घटना सोमवार सुबह हरिद्वार के सप्तऋषि क्षेत्र में शांतिकुंज गेट नंबर-3 के पास हुई। राजस्थान के नागौर जिले से आए श्रद्धालुओं से भरी बस (AR 06 C 0963) सर्विस लेन से हाईवे पर हरिद्वार की ओर मुड़ रही थी। इसी दौरान देहरादून के रायवाला की तरफ से तेज रफ्तार में आ रहे एक डंपर (UK 08 CB 8077) ने बस को जोरदार टक्कर मार दी।
टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि यात्रियों से भरी बस बीच हाईवे पर ही पलट गई। डंपर चालक ने नियंत्रण खो दिया और वाहन पास ही स्थित ‘श्रीराम पंजाबी ढाबा’ के अंदर जा घुसा। इस दौरान वहां खड़ी एक बुलेरो कार भी डंपर की चपेट में आने से बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई।
मौके पर मची चीख-पुकार
हादसे के बाद बस के अंदर अफरा-तफरी और चीख-पुकार मच गई। बस में कुल 45 से अधिक श्रद्धालु सवार थे। स्थानीय लोगों और वहां मौजूद राहगीरों ने तुरंत बचाव कार्य शुरू किया। सूचना मिलते ही शहर कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक कुंदन सिंह राणा अपनी टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस ने बस के शीशे तोड़कर और मलबे में फंसे यात्रियों को बड़ी मशक्कत से बाहर निकाला।
राजस्थान के नागौर की निवासी थी मृतक महिला
हादसे में जान गंवाने वाली महिला नागौर (राजस्थान) की रहने वाली थी। वह अपने भाई और पूरे परिवार के साथ हरिद्वार गंगा स्नान करने आई थी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया है और महिला के परिजनों को सूचित कर दिया गया है। 16 गंभीर रूप से घायलों को तुरंत उपचार के लिए हरिद्वार जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां डॉक्टरों की टीम उनकी देखरेख कर रही है।
यातायात हुआ बाधित
इस भीषण दुर्घटना के कारण हरिद्वार हाईवे पर काफी देर तक जाम की स्थिति बनी रही। घटनास्थल पर वाहनों का मलबा बिखरे होने के कारण यातायात पूरी तरह ठप हो गया था। बाद में पुलिस ने क्रेन की मदद से क्षतिग्रस्त वाहनों को सड़क से हटवाया, जिसके बाद आवागमन सुचारू हो सका।
प्रशासन अब इस पूरे मामले की गहन जांच कर रहा है कि दुर्घटना के समय वाहनों की गति क्या थी और यह हादसा किसकी लापरवाही से हुआ। फिलहाल, पुलिस मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई कर रही है।
महाराष्ट्र में बड़ा अपडेट: e-KYC सख्ती के बाद घटकर 1.66 करोड़ हुई लाभार्थियों की संख्या










