UP News: UP में कानून व्यवस्था तार-तार? हरदोई में SDM पर जानलेवा हमला, भड़की मायावती

उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले में सरकारी निरीक्षण के दौरान एसडीएम सुशील मिश्रा पर दबंगों द्वारा ईंट-पत्थरों से जानलेवा हमला किया गया है। गंभीर रूप से घायल अधिकारी का अस्पताल में इलाज जारी है। इस घटना पर बसपा प्रमुख मायावती ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं और सख्त कार्रवाई की मांग की है।

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Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

जून 9, 2026

UP News: उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले से एक बेहद सनसनीखेज मामला सामने आया है। शाहाबाद क्षेत्र में एक सरकारी निरीक्षण के दौरान उप जिलाधिकारी (SDM) सुशील मिश्रा पर कुछ स्थानीय दबंगों ने अचानक जानलेवा हमला कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, उपद्रवियों ने प्रशासनिक टीम को देखते ही ईंट और पत्थरों से हमला करना शुरू कर दिया। इस अचानक हुए पथराव में एसडीएम सुशील मिश्रा गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के तुरंत बाद मौके पर मौजूद सुरक्षाकर्मियों और अन्य कर्मचारियों ने उन्हें सुरक्षित निकाला और इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया, जहाँ फिलहाल उनकी हालत स्थिर बनी हुई है।

बसपा सुप्रीमो का तीखा राजनीतिक प्रहार

बताते चले कि, इस प्रशासनिक चूक और हिंसक घटना ने अब राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। बहुजन समाज पार्टी (BSP) की प्रमुख और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने इस मामले पर बेहद कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने घटना की घोर निंदा करते हुए इसे दुर्भाग्यपूर्ण और चिंताजनक बताया है। मायावती ने सोशल मीडिया और प्रेस बयान के जरिए प्रदेश की वर्तमान कानून-व्यवस्था को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में अब अराजक तत्वों और अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हो चुके हैं कि उन्हें कानून का कोई खौफ नहीं रह गया है, जो कि पूरी प्रशासनिक व्यवस्था के लिए खतरे की घंटी है।

सत्ता प्रशासन को बसपा प्रमुख की दोटूक चेतावनी

मायावती ने अपने बयान में योगी सरकार से जवाबदेही तय करने की मांग की। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जब राज्य में एक वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी (एसडीएम) ही अपने सरकारी दायित्वों का निर्वहन करते समय सुरक्षित नहीं है, तो ऐसे माहौल में आम जनता की सुरक्षा की कल्पना कैसे की जा सकती है? बसपा सुप्रीमो ने जोर देकर कहा कि सरकार को इस प्रकार के हमलों की पुनरावृत्ति (दुबारा होने) को रोकने के लिए तुरंत ठोस, दंडात्मक और प्रभावी कदम उठाने चाहिए ताकि सरकारी सेवकों में सुरक्षा की भावना बनी रहे।

आरोपियों की धरपकड़ के लिए टीमें गठित

इस दुस्साहसिक वारदात के बाद पूरे यूपी के प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है। स्थानीय निवासियों के मुताबिक, निरीक्षण के दौरान हुए इस औचक हमले से पूरे शाहाबाद इलाके में दहशत और अफरा-तफरी का माहौल बन गया था। जिला प्रशासन और पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए फौरन जांच तेज कर दी है। आरोपियों की शिनाख्त कर उनकी त्वरित गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई विशेष टीमें गठित की गई हैं। जिला अधिकारी और पुलिस प्रशासन का स्पष्ट कहना है कि दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी और माहौल बिगाड़ने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस घटना ने उत्तर प्रदेश में विपक्षी दलों को सरकार को घेरने का एक बड़ा मुद्दा दे दिया है। बसपा के साथ-साथ अन्य विपक्षी पार्टियों ने भी इस मुद्दे पर सरकार की मंशा और कार्यशैली पर सवाल खड़े किए हैं। आने वाले दिनों में इस पर सियासत और तेज होने की उम्मीद है। हालांकि, राहत की बात यह है कि घायल एसडीएम सुशील मिश्रा का डॉक्टरों की देखरेख में इलाज जारी है और प्रशासन स्थिति पर पूरी तरह नजर बनाए हुए है।