Harassment Case: हरियाणा के पूर्व खेल मंत्री और भारतीय हॉकी टीम के पूर्व कप्तान संदीप सिंह से जुड़े छेड़छाड़ मामले में कानूनी प्रक्रिया एक महत्वपूर्ण मोड़ पर पहुंच गई है। जिला अदालत ने इस मामले में आरोपों को बढ़ाने की मांग पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है और अब 11 मई को इस पर अंतिम निर्णय सुनाया जाएगा। इस फैसले पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं, क्योंकि इससे केस की दिशा तय हो सकती है।
बुधवार को हुई सुनवाई के दौरान इस मामले में दोनों पक्षों ने अपने-अपने तर्क अदालत के सामने रखे। चंडीगढ़ पुलिस की ओर से अदालत में एक अर्जी दाखिल की गई थी, जिसमें भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 376 (दुष्कर्म) और 511 (दुष्कर्म के प्रयास) जोड़ने की मांग की गई थी। पुलिस का मानना है कि उपलब्ध साक्ष्यों और पीड़िता के बयान के आधार पर यह मामला दुष्कर्म के प्रयास के अंतर्गत आता है।
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बचाव पक्ष का विरोध, पहले भी खारिज हो चुकी है अर्जी
संदीप सिंह के बचाव पक्ष ने इस अर्जी का जोरदार विरोध किया। उनका तर्क था कि इसी तरह की मांग पहले भी अदालत में रखी जा चुकी है, जिसे न्यायालय पहले ही खारिज कर चुका है। ऐसे में दोबारा वही अर्जी दाखिल करना उचित नहीं है और इसे भी निरस्त किया जाना चाहिए। बचाव पक्ष ने कहा कि मामले में पहले से ही जो धाराएं लगी हैं, वे पर्याप्त हैं और अतिरिक्त गंभीर धाराएं जोड़ना केवल अनावश्यक दबाव बनाने का प्रयास है।
सरकारी पक्ष ने की आरोप बढ़ाने की मांग
दूसरी ओर, सरकारी वकील अनिल कुमार ने अदालत से आग्रह किया कि आरोपों में संशोधन कर मामले को सेशंस कोर्ट में भेजा जाए। उनका कहना था कि पीड़िता के बयानों और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर दुष्कर्म के प्रयास का मामला बनता है, इसलिए संबंधित धाराएं जोड़ी जानी चाहिए। सरकारी पक्ष ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि नई धाराएं जोड़ी जाती हैं, तो केस की सुनवाई उच्च न्यायालय स्तर यानी सेशंस कोर्ट में होगी, जिससे मामले की गंभीरता को देखते हुए उचित न्याय मिल सके।
मामला क्या है?
यह पूरा मामला दिसंबर 2022 का है, जब हरियाणा की एक महिला जूनियर कोच ने संदीप सिंह पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए थे। पीड़िता की शिकायत के आधार पर 31 दिसंबर 2022 को चंडीगढ़ पुलिस ने उनके खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया था। तब से यह मामला लगातार सुर्खियों में बना हुआ है और समय-समय पर इसमें कानूनी अपडेट सामने आते रहे हैं। अब आरोपों में संभावित बदलाव को लेकर यह केस एक बार फिर चर्चा में है।
11 मई को आएगा फैसला
अदालत द्वारा फैसला सुरक्षित रखे जाने के बाद अब सभी की निगाहें 11 मई पर टिकी हैं, जब यह तय होगा कि संदीप सिंह पर अतिरिक्त गंभीर धाराएं लगेंगी या नहीं। इस निर्णय के बाद ही आगे की कानूनी प्रक्रिया और केस की दिशा स्पष्ट होगी। यह मामला न केवल कानूनी दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि इससे जुड़े सामाजिक और राजनीतिक पहलुओं के कारण भी व्यापक चर्चा का विषय बना हुआ है।









