Hamirpur Boat Accident: उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। बुधवार की शाम यमुना नदी में एक नांव असंतुलित होकर डूब गई, जिससे शादी की खुशियां मातम में बदल गईं। इस हृदयविदारक घटना के बाद से ही पूरे इलाके में कोहराम मचा हुआ है। प्रशासन की टीमें लापता लोगों की तलाश में युद्ध स्तर पर जुटी हुई हैं।
यमुना नदी में नाव पलटने की घटना
बताते चले कि, कुरारा थाना क्षेत्र के भौली ग्राम पंचायत स्थित कुतुबपुर पटिया में बुधवार देर शाम नाव दुर्घटना और जल समाधि (Boat Accident and Water Tragedy) की खबर मिलते ही हड़कंप मच गया। बताया जा रहा है कि नाव में कुल 9 लोग सवार थे, जिनमें से नाविक सहित 3 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। स्थानीय गोताखोरों और ग्रामीणों ने तत्काल मौके पर पहुंचकर डूब रहे लोगों को बचाने का प्रयास किया। बचाए गए तीनों व्यक्तियों को गंभीर हालत में सीएचसी कुरारा में भर्ती कराया गया है, जहाँ उनका उपचार चल रहा है।
विदाई के बाद तरबूज लेने गए थे परिजन
आपकी जानकारी के लिए बता दे कि, हादसे के पीछे की कहानी भावुक कर देने वाली है। मंगलवार को परिवार में भतीजी की शादी थी और बुधवार को विदाई संपन्न हुई थी। शाम करीब 4 बजे परिवार के सदस्य और रिश्तेदार नदी के टापू पर तरबूज लेने और छोटी यात्रा पर गए थे। लौटते समय अचानक नाव अनियंत्रित हो गई। नाविक और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, नाव अचानक पानी भरने के कारण डूबने लगी। तैरना जानने वाले कुछ लोग तो किनारे लग गए, लेकिन अन्य लोग पानी के तेज बहाव की चपेट में आ गए।
नदी में डूबे छह लापता नागरिकों की खोज के लिए प्रशासन ने जाल बिछाया है। लापता होने वालों में 5 मासूम बच्चे और एक महिला शामिल है। जिलाधिकारी अभिषेक गोयल ने बताया कि घटनास्थल पर एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमें (SDRF and NDRF Teams) तैनात कर दी गई हैं। नदी में गहराई अधिक होने के कारण बचाव दल को काफी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सर्च ऑपरेशन पूरी रात जारी रहेगा।
सरकारी सहायता का आश्वासन
हादसे की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक मृगांक शेखर पाठक और जिलाधिकारी सहित कई उच्च अधिकारी घटनास्थल पर मौजूद और निगरानी (Officials Monitoring at the Spot) कर रहे हैं। भाजपा विधायक मनोज प्रजापति ने भी मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और कहा कि सरकार नियम संगत तरीके से पीड़ितों की हर संभव मदद करेगी। राहत एवं बचाव अभियान (Relief and Rescue Operation) को तेज करने के लिए बाढ़ राहत इकाइयों को भी अलर्ट पर रखा गया है ताकि लापता लोगों का जल्द से जल्द पता लगाया जा सके।










