Haldwani Shuddhikaran Row: संसद के मानसून सत्र के आखिरी दिन गुरुवार को राज्यसभा में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली। सदन की कार्यवाही शुरू होते ही कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने उत्तराखंड के हल्द्वानी में आयोजित अपनी रैली के बाद कथित शुद्धिकरण किए जाने का मुद्दा उठाया। खरगे ने इसे लोकतांत्रिक और संवैधानिक मूल्यों से जोड़ते हुए सवाल खड़े किए। इसके जवाब में भाजपा के वरिष्ठ नेता और सदन के नेता जेपी नड्डा ने मामले की जांच कराने का भरोसा दिया।
खरगे ने कहा, भाषण के बाद मंच का किया गया शुद्धिकरण
मल्लिकार्जुन खरगे ने सदन में कहा कि वह हल्द्वानी के रामलीला मैदान में एक जनसभा को संबोधित करने पहुंचे थे। उनके मुताबिक, कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे और उन्होंने अपने भाषण के दौरान किसी समुदाय या धर्म को लेकर टिप्पणी नहीं की थी। खरगे ने कहा कि उन्होंने केवल सरकार से संबंधित मुद्दे जनता के सामने रखे। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके भाषण के बाद भाजपा से जुड़े लोगों ने कथित तौर पर मंच को शुद्ध करने के लिए वहां हवन कराया।
खरगे ने लोकतंत्र और संविधान को लेकर उठाए सवाल
कांग्रेस अध्यक्ष ने राज्यसभा में इस घटना को लेकर सवाल किया कि क्या लोकतंत्र में इस तरह की गतिविधियां उचित हैं। उन्होंने कहा कि वह देश के विपक्ष के नेता हैं और ऐसे में उनके कार्यक्रम के बाद कथित शुद्धिकरण किया जाना बेहद गंभीर विषय है। खरगे ने सवाल उठाया कि जब देश में संविधान और समानता की बात की जाती है, तो इस तरह की घटनाओं को किस नजरिए से देखा जाना चाहिए। उन्होंने सदन में इस मामले पर अपनी नाराजगी जाहिर की।
जेपी नड्डा ने आरोपों पर जांच का दिया भरोसा
राज्यसभा में खरगे की बात का जवाब देते हुए केंद्रीय मंत्री और सदन के नेता जेपी नड्डा ने कहा कि खरगे द्वारा उठाया गया विषय निश्चित रूप से गंभीर और दुखद है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारतीय जनता पार्टी इस तरह की किसी गतिविधि का समर्थन नहीं करती है। नड्डा ने कहा कि पार्टी ऐसी घटनाओं का समर्थन कभी नहीं करती और वह इस मामले की जानकारी लेकर इसकी जांच कराने का भरोसा देते हैं।
नड्डा बोले, बीजेपी ऐसी गतिविधियों का समर्थन नहीं करती
जेपी नड्डा ने सदन में कहा कि हल्द्वानी में वास्तव में क्या हुआ, इसकी जानकारी जुटाई जाएगी। उन्होंने कहा कि संबंधित घटना की निश्चित रूप से जांच कराई जाएगी और यदि कुछ गलत हुआ है तो उसके तथ्यों को सामने लाया जाएगा। नड्डा ने साफ किया कि भाजपा ऐसी गतिविधियों का समर्थन नहीं करती। उन्होंने यह भी कहा कि इस मामले को पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के स्तर पर देखा जाएगा। साथ ही उन्होंने खरगे की भावनाएं आहत होने पर खेद भी जताया।
8 अगस्त को हल्द्वानी में हुई थी कांग्रेस की रैली
दरअसल, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने 8 अगस्त को हल्द्वानी के रामलीला मैदान में ‘विजय शंखनाद रैली’ को संबोधित किया था। इसी कार्यक्रम के बाद कथित शुद्धिकरण यज्ञ को लेकर विवाद खड़ा हुआ। आरोप है कि श्रीराम सेना की ओर से रैली के बाद रामलीला मैदान में कथित तौर पर शुद्धिकरण यज्ञ कराया गया। इस घटना के सामने आने के बाद कांग्रेस नेताओं ने इसका विरोध शुरू कर दिया।
कांग्रेस ने शुद्धिकरण यज्ञ पर जताई कड़ी आपत्ति
कांग्रेस ने कथित शुद्धिकरण कार्यक्रम को लेकर कड़ा विरोध दर्ज कराया है। पार्टी नेताओं ने इसे सामाजिक भेदभाव से जोड़ते हुए आरोप लगाया कि इस तरह की घटना दलित और पिछड़े वर्गों के प्रति भेदभावपूर्ण मानसिकता को दर्शाती है। कांग्रेस ने संबंधित लोगों के खिलाफ उचित कार्रवाई किए जाने की मांग भी की है। पार्टी का कहना है कि लोकतांत्रिक राजनीतिक कार्यक्रम के बाद इस तरह की गतिविधियां स्वीकार नहीं की जा सकतीं।
स्थानीय कांग्रेस नेताओं ने भी उठाए सवाल
स्थानीय कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि किसी राजनीतिक दल की सार्वजनिक सभा के बाद मंच को कथित रूप से शुद्ध करने का आयोजन सामाजिक समानता की भावना के विपरीत है। उनका कहना है कि लोकतंत्र में राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हो सकते हैं, लेकिन किसी नेता या राजनीतिक कार्यक्रम से जुड़े स्थान के साथ इस तरह का व्यवहार उचित नहीं माना जा सकता। इसी वजह से विवाद लगातार राजनीतिक रंग लेता जा रहा है।
संसद तक पहुंचा मुद्दा, आगे बढ़ सकती है सियासत
हल्द्वानी के रामलीला मैदान से शुरू हुआ कथित शुद्धिकरण विवाद अब संसद तक पहुंच चुका है। कांग्रेस अध्यक्ष खरगे ने खुद राज्यसभा में इस मामले को उठाकर इसे राष्ट्रीय राजनीतिक बहस का विषय बना दिया है। वहीं, जेपी नड्डा के जांच के आश्वासन के बाद अब इस मामले में आगे क्या कार्रवाई होती है, इस पर नजर रहेगी। आने वाले दिनों में यह मुद्दा सामाजिक समानता, राजनीतिक मर्यादा और लोकतांत्रिक मूल्यों को लेकर एक बार फिर सियासी बहस को तेज कर सकता है।
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