Guwahati News: ब्राह्मपुत्र पर छह लेन वाला पुल तैयार, पीएम मोदी करेंगे उद्घाटन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 14 फरवरी को ब्रह्मपुत्र पर बने छह लेन वाले 1.24 किलोमीटर लंबा कुमार भास्कर वर्मा सेतु का उद्घाटन करेंगे।

Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

फ़रवरी 14, 2026

Guwahati News: प्रधानमंत्री Narendra Modi 14 फरवरी को ब्रह्मपुत्र नदी पर बने छह लेन वाले कुमार भास्कर वर्मा सेतु का उद्घाटन करेंगे। यह पुल न केवल इंजीनियरिंग का शानदार नमूना है, बल्कि यातायात को तेज करने वाला एक महत्वपूर्ण टाइम-कटर भी है। वर्तमान में गुवाहाटी और नॉर्थ गुवाहाटी के बीच यात्रा का समय 45 से 60 मिनट के बीच रहता है, लेकिन नया पुल इसे घटाकर केवल 7 से 10 मिनट कर देगा।

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पुल की संरचना और लागत

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पीएम मोदी करेंगे उद्घाटन

1.24 किलोमीटर लंबा यह पुल 8.4 किलोमीटर के बड़े कनेक्टिविटी कॉरिडोर का हिस्सा है। इसे बनाने में लगभग 3,300 करोड़ रुपये का खर्च आया है। यह संरचना मौजूदा नदी क्रॉसिंग पर दबाव कम करने के साथ गुवाहाटी शहर में बढ़ते वाहन ट्रैफिक को संभालने के लिए डिजाइन की गई है। पुराने दिनों में लोग सरायघाट ब्रिज या फेरी सर्विस पर निर्भर रहते थे, जिससे यात्रा समय लंबा और असुविधाजनक हो जाता था।

ट्रैफिक जाम और मौसम की बाधाओं से राहत

पीक आवर्स में सरायघाट मार्ग पर जाम की वजह से यात्रा में एक घंटे से अधिक समय लग सकता था। वहीं मानसूनी बाढ़ या सर्दियों के घने कोहरे के कारण फेरी सेवा अक्सर बंद हो जाती थी। कुमार भास्कर वर्मा सेतु इन समस्याओं का स्थायी समाधान प्रदान करेगा। यह पुल हर मौसम में चालू रहेगा और ब्रह्मपुत्र के पानी के लेवल पर निर्भर नहीं करेगा।

शहर के विकास में योगदान

पुल केवल ट्रैफिक कम करने तक सीमित नहीं है। यह गुवाहाटी शहर के दक्षिणी किनारे पर भीड़ को कम करने की योजना का हिस्सा भी है। भविष्य में गुवाहाटी हाई कोर्ट और कई सरकारी ऑफिस नॉर्थ गुवाहाटी में शिफ्ट होंगे। नया पुल सुनिश्चित करेगा कि उत्तरी किनारा आसानी से और तेज़ी से पहुंचा जा सके। इसके साथ ही शहर की व्यस्तता और ट्रैफिक जाम में भी उल्लेखनीय कमी आएगी।

पुल का नाम और ऐतिहासिक महत्व

इस पुल का नाम 7वीं सदी के राजा कुमार भास्कर वर्मा के नाम पर रखा गया है। वे कामरूप साम्राज्य के शासक थे और उनके शासन काल को असम में खुशहाली और राजनीतिक स्थिरता लाने के लिए याद किया जाता है। उनके नाम पर पुल का नामकरण स्थानीय इतिहास और सांस्कृतिक विरासत को सम्मान देने का प्रतीक भी है।

कुमार भास्कर वर्मा सेतु न केवल गुवाहाटी और नॉर्थ गुवाहाटी के बीच यात्रा का समय घटाएगा, बल्कि शहर के यातायात प्रबंधन, बाढ़ और मौसम बाधाओं से राहत, और प्रशासनिक पहुंच को भी बेहतर बनाएगा। यह पुल आधुनिक इंजीनियरिंग, शहर नियोजन और ऐतिहासिक गौरव का शानदार मिश्रण है। उद्घाटन के साथ ही यह ब्रह्मपुत्र के इस हिस्से में एक नई शुरुआत और सुविधाजनक कनेक्टिविटी का प्रतीक बन जाएगा।

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