Gurugram Hit And Run Case: गुरुग्राम के चर्चित गोल्फ कोर्स रोड पर स्पोर्ट्स बाइक सवार युवती को कार से कुचलने के प्रयास और टक्कर मारने के मामले में नया मोड़ आ गया है। इस घटना के मुख्य आरोपी कल्याण बैंसला और उसके चचेरे भाई लवनीश बैंसला (गुर्जर) को पुलिस ने राजस्थान के दौसा से गिरफ्तार कर लिया है। हालांकि, आरोपियों की गिरफ्तारी और एफआईआर में हत्या के प्रयास जैसी गंभीर धाराएं जोड़े जाने के बावजूद पीड़ित बाइक राइडर शिवानी चौहान उर्फ सिया इन कार्रवाइयों से पूरी तरह संतुष्ट नहीं हैं।
मजिस्ट्रेट के सामने अपने कानूनी बयान दर्ज कराने और मेडिको-लीगल जांच (एमएलसी) प्रक्रिया से गुजरने के बाद दिल्ली के कालकाजी स्थित अपने घर लौटीं सिया ने दो-टूक शब्दों में कहा कि महज गिरफ्तारी न्याय का विकल्प नहीं हो सकता।
‘गिरफ्तारी काफी नहीं, जमानत मिली तो क्या होगा’

मीडिया और न्याय के सामने अपनी बात रखते हुए सिया ने कहा कि भले ही पुलिस ने दोनों आरोपियों को दबोच लिया है, लेकिन अगर उन्हें कानूनी प्रक्रिया के तहत आसानी से जमानत मिल जाती है, तो ऐसे अपराधियों के हौसले और बुलंद हो जाएंगे। उन्होंने कड़े शब्दों में चेतावनी दी कि यदि इस मामले में मिसाल कायम करने वाली सख्त सजा नहीं दी गई, तो सड़क पर इस तरह की दबंगई और वारदातों का सिलसिला थमेगा नहीं।
इसके अलावा, सिया ने एक अहम खुलासा करते हुए बताया कि घटना के वक्त कार चला रहे कल्याण बैंसला के साथ वाहन में दो अन्य लोग भी मौजूद थे। उन्होंने पुलिस और प्रशासन से मांग की है कि उन अन्य लोगों की भी शिनाख्त कर तत्काल गिरफ्तारी की जाए और उन्हें भी उनके किए की सजा मिले।
मजिस्ट्रेट के समक्ष बयां किया खौफनाक मंजर
सिया ने जानकारी दी कि उन्होंने मजिस्ट्रेट के सामने पेश होकर पूरी घटना का एक-एक विवरण विस्तार से दर्ज कराया है। उन्होंने बताया कि किस प्रकार आरोपियों की कार ने उनकी जान लेने की नीयत से उन्हें टक्कर मारी और यह हादसा उनके लिए किस कदर घातक साबित हो सकता था। अपनी चोटों के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि एमएलसी के बाद कुछ अंदरूनी और गंभीर चोटों के एक्स-रे परीक्षण बुधवार को कराए जाएंगे, ताकि चोटों की सही स्थिति का मेडिकल रिकॉर्ड पुख्ता हो सके।
वहीं, पीड़िता के वकील अभिषेक चौहान ने स्पष्ट किया है कि यदि आरोपियों की तरफ से अदालत में जमानत याचिका दाखिल की जाती है, तो वे और उनकी कानूनी टीम इसका पुरजोर विरोध करेंगे। उनका मानना है कि जब तक इस खौफनाक वारदात की निष्पक्ष और पूरी जांच मुकम्मल नहीं हो जाती, तब तक आरोपियों को किसी भी कीमत पर रिहाई नहीं मिलने दी जानी चाहिए।
आरोपों पर सिया का बेबाक जवाब और घटना का पूरा सच

दूसरी तरफ, मुख्य आरोपी कल्याण बैंसला के समर्थकों और करीबियों की तरफ से सोशल मीडिया पर सिया पर ही घटना को तोड़-मरोड़कर पेश करने और पब्लिसिटी स्टंट करने के झूठे आरोप लगाए जा रहे हैं। इन तमाम आधारहीन बातों पर प्रतिक्रिया देते हुए सिया ने दो-टूक कहा कि इन ओछी हरकतों और बयानों से उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता। उन्होंने यह भी साझा किया कि वह पहले राजनीतिक और सामाजिक रूप से सक्रिय रही हैं और साल 2022 में आम आदमी पार्टी (AAP) के टिकट पर दिल्ली नगर निगम (MDC) का चुनाव भी लड़ चुकी हैं, जिसके चलते लोग उन्हें पहले से जानते हैं।
गौरलतब है कि यह पूरी घटना रविवार सुबह की है, जब सिया अपनी हाई-एंड Aprilia RS 457 स्पोर्ट्स बाइक पर सवार होकर गुरुग्राम की गोल्फ कोर्स रोड से गुजर रही थीं। इसी दौरान पीछे से आ रही एक मारुति सियाज कार ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। इस खौफनाक हादसे और आरोपियों की बदसलूकी के तमाम सबूत सिया और उनके साथ चल रहे साथी राइडर्स के हेलमेट कैमरों में साफ-साफ रिकॉर्ड हो गए थे।
पीड़िता का आरोप था कि कार सवार लोग नशे की हालत में थे और लगातार उन्हें परेशान कर रहे थे। उन्होंने रास्ता काटकर जानबूझकर टक्कर मारी, जिससे बाइक करीब 300 मीटर तक सड़क पर घिसटती चली गई। हालांकि, अब पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपियों को राजस्थान से दबोच लिया है, लेकिन सिया और उनके समर्थकों की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि अदालत से इन दोषियों को कितनी कड़ी सजा मिलती है।
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