UP News: गुलाब सिंह लोधी के बलिदान दिवस पर योगी का बड़ा ऐलान, स्मारकों के लिए 500 करोड़

लखनऊ के झंडे वाले पार्क में अमर शहीद गुलाब सिंह लोधी के 91वें बलिदान दिवस पर CM योगी आदित्यनाथ ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। योगी ने कहा कि 32 वर्ष की उम्र में गुलाब सिंह लोधी ने देश की आजादी के लिए प्राण न्योछावर किए। सरकार ने महापुरुषों के स्मारकों और प्रतिमाओं के संरक्षण के लिए 500 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं।

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Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

अगस्त 23, 2026

UP News: लखनऊ के अमीनाबाद स्थित झंडे वाले पार्क में अमर शहीद गुलाब सिंह लोधी के 91वें बलिदान दिवस पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शहीद गुलाब सिंह लोधी को नमन करते हुए उनके बलिदान को याद किया। सीएम योगी ने कहा कि गुलाब सिंह लोधी ने महज 32 वर्ष की उम्र में देश की आजादी के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिए थे।

अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ गुलाब सिंह लोधी ने उठाई थी आवाज

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि गुलाब सिंह लोधी का जन्म वर्ष 1903 में उन्नाव के एक सामान्य किसान परिवार में हुआ था। बचपन से ही उनके मन में देश को अंग्रेजी हुकूमत से मुक्त कराने की भावना थी। इसी राष्ट्रभक्ति और आजादी के जुनून के चलते उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाई और अंग्रेजी शासन के खिलाफ संघर्ष किया।

झंडे वाले पार्क में तिरंगा फहराना बना शहादत की वजह

सीएम योगी ने कहा कि अंग्रेजी शासन के दौर में सार्वजनिक स्थानों पर तिरंगा फहराना किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं था। ऐसे समय में गुलाब सिंह लोधी ने लखनऊ के झंडे वाले पार्क में तिरंगा फहराने का साहस दिखाया। अंग्रेजी हुकूमत ने उनके इस कदम को बर्दाश्त नहीं किया और उन्हें गोलियों से भून दिया गया। उनका बलिदान आज भी देशभक्ति की मिसाल है।

गुलाब सिंह लोधी का बलिदान नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा

मुख्यमंत्री ने कहा कि गुलाब सिंह लोधी जैसे स्वतंत्रता सेनानियों का त्याग देश की आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा है। उन्होंने कहा कि आजादी केवल राजनीतिक संघर्ष का परिणाम नहीं थी, बल्कि इसके पीछे हजारों स्वतंत्रता सेनानियों का त्याग और बलिदान था। ऐसे वीरों के योगदान को याद रखना और नई पीढ़ी तक उनकी कहानी पहुंचाना बेहद जरूरी है।

उन्नाव में गुलाब सिंह लोधी के नाम पर बने कई संस्थान

सीएम योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार अमर शहीद गुलाब सिंह लोधी की स्मृतियों को संरक्षित करने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्नाव में उनके नाम पर पार्क, स्वास्थ्य केंद्र और पुलिस प्रशिक्षण महाविद्यालय का नाम रखा गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और अमर बलिदानियों के योगदान को सम्मान देना सरकार की जिम्मेदारी है।

अवंतीबाई लोधी से ऊदा देवी तक महापुरुषों को सम्मान

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश में स्वतंत्रता आंदोलन और सामाजिक न्याय के लिए योगदान देने वाले महापुरुषों के सम्मान में कई संस्थानों का नामकरण किया गया है। वीरांगना अवंतीबाई लोधी के नाम पर अलीगढ़ में स्टेडियम और बदायूं में पीएसी की नई बटालियन का नाम रखा गया है। लखनऊ में महिला पीएसी बटालियन का नाम वीरांगना ऊदा देवी के नाम पर किया गया है।

कोरबाई और अहिल्याबाई होलकर के नाम पर भी संस्थान

सीएम योगी ने बताया कि गोरखपुर में महिला पीएसी बटालियन का नाम वीरांगना कोरबाई के नाम पर रखा गया है। वहीं औरैया के नए मेडिकल कॉलेज का नाम अहिल्याबाई होलकर के नाम पर किया गया है। उन्होंने कहा कि ऐसे नामकरण का उद्देश्य महापुरुषों और वीरांगनाओं के योगदान को समाज की स्मृति में बनाए रखना और युवा पीढ़ी को उनके संघर्ष से परिचित कराना है।

महापुरुषों के स्मारकों के लिए 500 करोड़ रुपये मंजूर

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बताया कि प्रदेश सरकार ने हाल ही में करीब 500 करोड़ रुपये की धनराशि सामाजिक न्याय और देश के लिए अपना जीवन समर्पित करने वाले महापुरुषों के सम्मान में स्वीकृत की है। इस राशि से महापुरुषों की प्रतिमाओं पर छज्जा लगाने, पार्क विकसित करने, निर्माण कार्य कराने और प्रतिमाओं के संरक्षण जैसे कार्य किए जाएंगे।

आंबेडकर, संत रविदास और महर्षि वाल्मीकि की प्रतिमाओं का संरक्षण

सीएम योगी के मुताबिक, इस योजना के तहत बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर, संत रविदास, महर्षि वाल्मीकि समेत अन्य महापुरुषों की प्रतिमाओं के आसपास विकास और संरक्षण से जुड़े काम कराए जाएंगे। सरकार का उद्देश्य इन स्मारकों को बेहतर तरीके से संरक्षित करना और आने वाली पीढ़ियों को इन महान व्यक्तित्वों के योगदान से परिचित कराना है।

गुलाब सिंह लोधी का बलिदान कभी भुलाया नहीं जा सकता: योगी

कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अमर शहीद गुलाब सिंह लोधी को नमन करते हुए कहा कि देश की आजादी के लिए दिया गया उनका बलिदान कभी भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि ऐसे अमर शहीदों की स्मृतियां देशवासियों को राष्ट्रसेवा और देशभक्ति की प्रेरणा देती रहेंगी। सरकार आगे भी स्वतंत्रता सेनानियों और महापुरुषों के सम्मान में इसी तरह के कार्य करती रहेगी।