बांग्लादेश में हिंदू परिवार के 4 सदस्यों की संदिग्ध हत्या, पिता की छत पर तो मां-बेटी के शव सीढ़ियों पर मिले

ढाका  बांग्लादेश के रंगपुर शहर में एक ही परिवार के चार लोगों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है. एक बंद घर के अंदर रिटायर्ड स्कूल टीचर, उनकी पत्नी, बेटी और 12 साल के बेटे के शव बरामद किए गए हैं. शुरुआती जांच में पुलिस को आशंका है कि चारों की गला घोंटकर हत्या की गई है. पुलिस, CID और डिटेक्टिव ब्रांच (DB) की टीमें संयुक्त रूप से मामले की जांच कर रही हैं।  'द डेली स्टार' की रिपोर्ट के मुताबिक, रंगपुर शहर के दासपारा (मछुआपारा) इलाके में शनिवार रात करीब 11:30 बजे चारों शव बरामद किए

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Published On :

अगस्त 23, 2026

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ढाका 
बांग्लादेश के रंगपुर शहर में एक ही परिवार के चार लोगों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है. एक बंद घर के अंदर रिटायर्ड स्कूल टीचर, उनकी पत्नी, बेटी और 12 साल के बेटे के शव बरामद किए गए हैं. शुरुआती जांच में पुलिस को आशंका है कि चारों की गला घोंटकर हत्या की गई है. पुलिस, CID और डिटेक्टिव ब्रांच (DB) की टीमें संयुक्त रूप से मामले की जांच कर रही हैं। 

'द डेली स्टार' की रिपोर्ट के मुताबिक, रंगपुर शहर के दासपारा (मछुआपारा) इलाके में शनिवार रात करीब 11:30 बजे चारों शव बरामद किए गए. मृतकों की पहचान रंगपुर जिला स्कूल के रिटायर्ड शिक्षक गणपति चक्रवर्ती (65), उनकी पत्नी प्रीतिलता चक्रवर्ती (50), बेटी आगामी चक्रवर्ती प्रार्थी (23) और बेटे प्रियम चक्रवर्ती (12) के रूप में हुई है। 

रंगपुर मेट्रोपॉलिटन कोतवाली पुलिस स्टेशन के प्रभारी नजमुल कादर ने घटना की पुष्टि की है. वहीं रंगपुर मेट्रोपॉलिटन CID के प्रभारी सुबीर चौधरी ने बताया कि मां और बेटी के शव सीढ़ियों से बरामद किए गए, जबकि गणपति चक्रवर्ती का शव घर की छत पर मिला. उनके 12 वर्षीय बेटे का शव एक बेड के नीचे पाया गया। 

गला घोंटकर हत्या की आशंका
CID अधिकारी के मुताबिक, शुरुआती तौर पर आशंका है कि चारों की गला घोंटकर हत्या की गई. वारदात गुरुवार आधी रात से शुक्रवार तड़के के बीच किसी समय हुई हो सकती है. हालांकि मौत की असली वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद ही स्पष्ट होगी. परिजनों के मुताबिक, गुरुवार रात से परिवार के चारों मोबाइल फोन बंद आ रहे थे. प्रीतिलता की छोटी बहन पूजा चक्रवर्ती ने बताया कि उनकी आखिरी बार गुरुवार दोपहर अपनी बहन से बात हुई थी. फोन लगातार बंद मिलने के बाद परिवार के लोग शनिवार रात दासपारा स्थित घर पहुंचे। 

उन्होंने देखा कि घर का मुख्य गेट बंद था और अंदर की सभी लाइटें बुझी हुई थीं. इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई. पुलिस ने मौके पर पहुंचकर ताला तोड़ा और घर में दाखिल हुई, जहां अलग-अलग जगहों पर चारों के शव मिले। 
'परिवार की किसी से दुश्मनी नहीं थी'
परिजनों का कहना है कि गणपति की किसी से कोई दुश्मनी नहीं थी. उनकी भतीजी सोमा चक्रवर्ती ने बताया कि रिटायरमेंट के बाद गणपति होम्योपैथी प्रैक्टिशनर के रूप में काम करने लगे थे। 

गणपति पिछले साल 31 दिसंबर को रंगपुर जिला स्कूल से रिटायर हुए थे. उनकी बेटी ने इसी साल रंगपुर कारमाइकल कॉलेज से अंग्रेजी में मास्टर्स की पढ़ाई पूरी की थी, जबकि बेटा रंगपुर जिला स्कूल में पांचवीं कक्षा का छात्र था। 

स्थानीय लोगों के मुताबिक, परिवार करीब चार साल से इस इलाके में रह रहा था. गणपति ने यहां तीन मंजिला मकान बनवाया था, जिसका कुछ निर्माण कार्य अभी बाकी था। 

रंगपुर मेट्रोपॉलिटन पुलिस कमिश्नर मोहम्मद अब्दुल माबूद ने कहा कि मामले की सर्वोच्च प्राथमिकता से जांच की जा रही है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद मौत की वजह स्पष्ट होगी. डिटेक्टिव ब्रांच की टीम भी वारदात की सच्चाई सामने लाने और मामले को सुलझाने में जुटी है। 

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