शिक्षक भर्ती-2016 विवाद में बड़ा अपडेट, कमेटी ने मांगे अंक और चयनित अभ्यर्थियों का विवरण

रांची  वन मैन फैक्ट फाइंडिंग कमेटी के अध्यक्ष सेवानिवृत्त जस्टिस गौतम कुमार चौधरी ने स्नातक प्रशिक्षित शिक्षक संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा-2016 की नियुक्ति से जुड़े विवाद में अभ्यर्थियों को अपना दावा पेश करने का अंतिम मौका दिया गया है। शनिवार को मामले की आनलाइन सुनवाई करते हुए कमेटी सभी प्रार्थियों को दो सप्ताह के भीतर अपना दावा और संबंधित विवरण प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। कमेटी ने स्पष्ट किया कि तय समय सीमा के बाद किसी भी नए दावे पर विचार नहीं किया जाएगा। मामले की अगली सुनवाई 12 सितंबर को होगी। प्रार्थियों को अपने दावे में यह बताना होगा कि

Wrriten By :

Editor

Published On :

अगस्त 23, 2026

Advertisements
728x90 Uttar Pradesh Police Mission Shakti Digital.jpg

रांची
 वन मैन फैक्ट फाइंडिंग कमेटी के अध्यक्ष सेवानिवृत्त जस्टिस गौतम कुमार चौधरी ने स्नातक प्रशिक्षित शिक्षक संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा-2016 की नियुक्ति से जुड़े विवाद में अभ्यर्थियों को अपना दावा पेश करने का अंतिम मौका दिया गया है।

शनिवार को मामले की आनलाइन सुनवाई करते हुए कमेटी सभी प्रार्थियों को दो सप्ताह के भीतर अपना दावा और संबंधित विवरण प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। कमेटी ने स्पष्ट किया कि तय समय सीमा के बाद किसी भी नए दावे पर विचार नहीं किया जाएगा। मामले की अगली सुनवाई 12 सितंबर को होगी।

प्रार्थियों को अपने दावे में यह बताना होगा कि वे नियुक्ति के लिए किस आधार पर योग्य हैं। साथ ही, उन्हें अपनी श्रेणी में उनसे कम अंक पाने वाले ऐसे अभ्यर्थी का विवरण देना होगा, जिसका चयन हो चुका है। प्रार्थियों को अपने प्राप्त अंकों का पूरा विवरण भी देना होगा।

शनिवार की सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता अमृतांश वत्स, तान्या सिंह, शुभम मिश्रा सहित अन्य अधिवक्ताओं ने आनलाइन अपना पक्ष रखा।

जांच रिपोर्ट के लिए तीन माह का अतिरिक्त समय
बता दें कि स्नातक प्रशिक्षित शिक्षक नियुक्ति से जुड़े मामले में हाई कोर्ट के जस्टिस दीपक रोशन की अदालत ने मीना कुमारी एवं अन्य से संबंधित 257 याचिकाओं पर फैसला सुनाते हुए मामले की जांच के लिए वन मैन फैक्ट फाइंडिंग कमेटी का गठन किया था।

कमेटी का अध्यक्ष हाई कोर्ट के सेवानिवृत्त जस्टिस गौतम कुमार चौधरी को बनाया गया है। हाई कोर्ट ने कमेटी को जांच पूरी कर तीन माह के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया था। निर्धारित अवधि पूरी होने के बाद जांच रिपोर्ट पेश नहीं हो सकी।

2