95 साल की सोनादेवी की इच्छा पूरी करने पोते बने सहारा, पालकी में पहुंचाया शिवधाम।

 हापुड़  सावन की कांवड़ यात्रा में जहां तीव्र ध्वनि यंत्रों की धुन और आकर्षक कांवड़ों की धूम है, वहीं हापुड़ में शुक्रवार को एक ऐसा दृश्य देखने को मिला जिसने हर किसी का दिल जीत लिया। मेरठ रोड पर 95 वर्षीय सोनादेवी पालकी में बैठकर हाथ जोड़कर भोलेनाथ का जयघोष कर रही थीं, जबकि उनके करीब 25 पोते बारी-बारी से पालकी को अपने कंधों पर उठाकर गांव की ओर बढ़ रहे थे। जिसने भी यह दृश्य देखा, उसके कदम ठहर गए और लोग इस परिवार की श्रद्धा व समर्पण की सराहना करते नजर आए। बुलंदशहर जिले के हसनपुर जागीर गांव

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Published On :

अगस्त 7, 2026

 हापुड़
 सावन की कांवड़ यात्रा में जहां तीव्र ध्वनि यंत्रों की धुन और आकर्षक कांवड़ों की धूम है, वहीं हापुड़ में शुक्रवार को एक ऐसा दृश्य देखने को मिला जिसने हर किसी का दिल जीत लिया।

मेरठ रोड पर 95 वर्षीय सोनादेवी पालकी में बैठकर हाथ जोड़कर भोलेनाथ का जयघोष कर रही थीं, जबकि उनके करीब 25 पोते बारी-बारी से पालकी को अपने कंधों पर उठाकर गांव की ओर बढ़ रहे थे। जिसने भी यह दृश्य देखा, उसके कदम ठहर गए और लोग इस परिवार की श्रद्धा व समर्पण की सराहना करते नजर आए।

बुलंदशहर जिले के हसनपुर जागीर गांव की रहने वाली 95 वर्षीय सोनादेवी की वर्षों से इच्छा थी कि वह हरिद्वार जाकर मां गंगा में स्नान करें और कांवड़ यात्रा का हिस्सा बनें। बढ़ती उम्र के कारण उनके लिए यह यात्रा आसान नहीं थी। ऐसे में परिवार के युवाओं ने उनकी इस इच्छा को अपना संकल्प बना लिया।

हरिद्वार ले जाकर गंगा स्नान कराया
'महाकाल ग्रुप' के नाम से कांवड़ यात्रा कर रहे करीब 25 पोतों ने पहले अपनी दादी को हरिद्वार ले जाकर गंगा स्नान कराया। इसके बाद उन्हें पालकी में बैठाकर बारी-बारी से कंधों पर उठाते हुए गांव तक ला रहे हैं। यात्रा के दौरान सभी पोते भगवान शिव के जयकारे लगाते हुए भक्ति में लीन दिखाई दिए।

मेरठ रोड से गुजरते समय यह अनूठा दृश्य लोगों के आकर्षण का केंद्र बना रहा। राहगीरों ने यात्रा को रुककर देखा और कई लोगों ने मोबाइल फोन से वीडियो बनाकर इस भावुक पल को कैमरे में भी कैद किया।

पोतों का कहना है कि दादी की इच्छा पूरी करना उनके लिए सबसे बड़ा सौभाग्य है। उनका कहना है कि प्रदेश सरकार द्वारा कांवड़ यात्रा के लिए किए गए सुरक्षा, यातायात और अन्य प्रबंधों के चलते पूरी यात्रा सुगमता और श्रद्धा के साथ संपन्न हो रही है।