पीक ऑवर्स में जाम की वजह खोजेगी सरकार, दिल्ली की 1796 सड़कों की होगी डिजिटल स्टडी

नई दिल्ली दिल्ली में पीक ऑवर्स के दौरान लगने वाले जाम से राहत दिलाने के लिए पीडब्ल्यूडी और ट्रैफिक पुलिस सड़कों का डिजिटल सिमुलेशन मॉडल तैयार करेंगे। इसके जरिए हर सड़क के अलग-अलग स्ट्रेच पर ट्रैफिक की स्थिति की वर्चुअल स्टडी कर जाम की वजहें पहचानी जाएंगी। योजना के तहत दिल्ली की 2205.68 किलोमीटर लंबी मुख्य सड़कों पर गाड़ियों की संख्या, टर्निंग मूवमेंट, पीक ऑवर में रफ्तार और पैदल यात्रियों की आवाजाही से जुड़ा डेटा जुटाया जाएगा। इस परियोजना पर 11.17 करोड़ रुपये खर्च होंगे और तीन महीने में स्टडी पूरी करने का टारगेट है। 11.17 करोड़ होंगे खर्च, तीन

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Published On :

अक्टूबर 30, 2026

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नई दिल्ली
दिल्ली में पीक ऑवर्स के दौरान लगने वाले जाम से राहत दिलाने के लिए पीडब्ल्यूडी और ट्रैफिक पुलिस सड़कों का डिजिटल सिमुलेशन मॉडल तैयार करेंगे। इसके जरिए हर सड़क के अलग-अलग स्ट्रेच पर ट्रैफिक की स्थिति की वर्चुअल स्टडी कर जाम की वजहें पहचानी जाएंगी। योजना के तहत दिल्ली की 2205.68 किलोमीटर लंबी मुख्य सड़कों पर गाड़ियों की संख्या, टर्निंग मूवमेंट, पीक ऑवर में रफ्तार और पैदल यात्रियों की आवाजाही से जुड़ा डेटा जुटाया जाएगा। इस परियोजना पर 11.17 करोड़ रुपये खर्च होंगे और तीन महीने में स्टडी पूरी करने का टारगेट है।

11.17 करोड़ होंगे खर्च, तीन महीने में पूरी करनी होगी स्टडी
पीडब्ल्यूडी अधिकारियों के मुताबिक, पिछले कुछ सालों में उन सड़कों पर भी जाम लगने लगा है, जहां पहले ऐसी स्थिति नहीं थी। सड़क हादसों में बढ़ोतरी को देखते हुए हर स्ट्रेच का वैज्ञानिक अध्ययन करने का फैसला लिया गया है। जुटाए गए डेटा को स्पेशल सॉफ्टवेयर में डालकर डिजिटल मॉडल बनाया जाएगा।

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अधिकारियों के अनुसार, साउथ जोन की 270 सड़कों की कुल लंबाई 426.28 किलोमीटर है। नॉर्थ जोन में 1,137 सड़कें हैं, जिनकी लंबाई 1,374.76 किलोमीटर है। वहीं, ईस्ट जोन की 389 सड़कों की कुल लंबाई 404.64 किलोमीटर है। तीनों जोन की कुल 1,796 सड़कों की लंबाई 2,205.68 किलोमीटर है।