UP News: गोरखपुर जीआरपी ने यात्रियों के खोए और चोरी हुए मोबाइल फोन बरामद करने के मामले में बड़ी सफलता हासिल की है। पिछले तीन महीनों से चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत सर्विलांस टीम और अलग-अलग थानों की पुलिस ने करीब 510 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। बरामद किए गए मोबाइलों की कुल कीमत लगभग 1 करोड़ 30 लाख रुपये बताई जा रही है। इनमें कई महंगे आईफोन के साथ-साथ अलग-अलग कंपनियों के एंड्रॉइड स्मार्टफोन भी शामिल हैं।
चोरी हुए मोबाइल की तलाश में सर्विलांस टीम ने लगाया पूरा जोर

बताते चले कि, जीआरपी की सर्विलांस टीम ने मोबाइल फोन बरामद करने के लिए तकनीकी माध्यमों का इस्तेमाल किया। मोबाइल की लोकेशन और अन्य तकनीकी जानकारी के आधार पर पुलिस ने उनकी तलाश शुरू की। जांच के दौरान मोबाइल फोन की लोकेशन उत्तर प्रदेश से बाहर दूसरे राज्यों में भी मिली। इसके बाद संबंधित स्थानों पर कार्रवाई कर कई मोबाइल फोन बरामद किए गए।
पुलिस के मुताबिक, बरामद मोबाइल बिहार, मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़, झारखंड, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली समेत कई राज्यों से ट्रेस किए गए। इस कार्रवाई से यह साफ हुआ कि यात्रियों के गुम या चोरी हुए मोबाइल कई बार दूसरे राज्यों तक पहुंच जाते हैं, लेकिन तकनीकी निगरानी के जरिए पुलिस उनकी लोकेशन तक पहुंच सकती है।
रेलवे स्टेशन और चलती ट्रेन में चोरी हुए मोबाइल भी बरामद
गोरखपुर जीआरपी के अनुसार, बरामद किए गए मोबाइल फोन अलग-अलग परिस्थितियों में यात्रियों से खोए या चोरी हुए थे। इनमें रेलवे स्टेशन, प्लेटफॉर्म, वेटिंग हॉल और चलती ट्रेनों में यात्रियों के मोबाइल छूटने या चोरी होने के मामले शामिल हैं। यात्रा के दौरान मोबाइल फोन चोरी या गुम होने के बाद यात्रियों ने जीआरपी और संबंधित पुलिस थानों में शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद इन मोबाइलों को सर्विलांस सिस्टम के जरिए ट्रैक करने का प्रयास शुरू किया गया। लगातार निगरानी और तकनीकी जांच के बाद पुलिस को बड़ी संख्या में मोबाइल बरामद करने में सफलता मिली।
आज 150 लोगों को लौटाए गए उनके मोबाइल फोन
गोरखपुर जीआरपी ने बरामद किए गए मोबाइल फोन में से करीब 150 मोबाइल उनके वास्तविक मालिकों को वापस सौंपे। लंबे समय बाद अपना फोन वापस पाकर लोगों के चेहरे पर खुशी नजर आई। मोबाइल में मौजूद जरूरी निजी डेटा, संपर्क और अन्य महत्वपूर्ण जानकारी के कारण इनकी वापसी यात्रियों के लिए काफी अहम मानी जा रही है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मोबाइल बरामद करने के बाद उनके वास्तविक मालिकों की पहचान और शिकायत से संबंधित जानकारी का मिलान किया गया। प्रक्रिया पूरी होने के बाद मोबाइल संबंधित लोगों को सौंपे गए।
गोरखपुर जीआरपी की टीम को मिला इनाम
एसपी जीआरपी लक्ष्मी निवास मिश्र के मुताबिक, मोबाइल बरामदगी अभियान में सर्विलांस टीम ने अहम भूमिका निभाई। टीम के बेहतर प्रदर्शन को देखते हुए उसे 2 हजार रुपये का इनाम दिया गया। वहीं, करीब 170 मोबाइल फोन बरामद करने वाली गोरखपुर जीआरपी टीम को 1 हजार रुपये का पुरस्कार दिया गया। एसपी जीआरपी ने बताया कि यात्रियों के खोए और चोरी हुए मोबाइल फोन को बरामद करने का अभियान आगे भी जारी रहेगा। जीआरपी का लक्ष्य ज्यादा से ज्यादा ऐसे मोबाइल फोन को ट्रेस कर उनके वास्तविक मालिकों तक पहुंचाना है।
मोबाइल चोरी पर जीआरपी की सख्ती
गोरखपुर जीआरपी की इस कार्रवाई से उन यात्रियों को राहत मिली है, जिनके मोबाइल रेलवे यात्रा के दौरान खो गए थे या चोरी हो गए थे। पुलिस अब तकनीकी निगरानी और सर्विलांस के जरिए ऐसे मामलों में कार्रवाई को और तेज करने की तैयारी में है। आने वाले दिनों में और मोबाइल फोन बरामद कर उनके मालिकों को सौंपे जाने की उम्मीद है।










