Silver price crash: चांदी की कीमतों में भारी गिरावट, खरीदारी का सुनहरा मौका या और गिरेंगे दाम?

भारतीय सर्राफा बाजार में भारी हलचल है। बुधवार को MCX पर चांदी की कीमतों में ₹4600 से अधिक की गिरावट आई, जिससे यह अपने उच्चतम स्तर से ₹1.80 लाख सस्ती हो गई है। सोने के दाम भी ₹38,000 तक टूटे हैं। डॉलर की मजबूती और वैश्विक बिकवाली ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है।

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

फ़रवरी 18, 2026

Silver price crash: भारतीय सर्राफा बाजार (Bullion Market) में इन दिनों गजब की उथल-पुथल मची हुई है। सुरक्षित निवेश माने जाने वाले सोना और चांदी की कीमतों में गिरावट का ऐसा सिलसिला शुरू हुआ है जिसने बाजार के जानकारों को भी हैरान कर दिया है। सोमवार और मंगलवार की गिरावट के बाद, बुधवार को बाजार खुलते ही चांदी की कीमतों में जो ‘फिसलन’ देखी गई, उसने निवेशकों की चिंता को चरम पर पहुँचा दिया है।

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MCX पर चांदी के भाव में भारी गिरावट

बताते चले कि, बुधवार सुबह जैसे ही मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर कारोबार की शुरुआत हुई, चांदी के दाम ताश के पत्तों की तरह ढह गए। शुरुआती कुछ ही घंटों के भीतर चांदी की कीमतों में 4,600 रुपये प्रति किलो से अधिक की बड़ी गिरावट दर्ज की गई। बाजार में इसे “सिल्वर क्रैश” का नाम दिया जा रहा है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि चांदी अपने ‘ऑल टाइम हाई’ (All-time High) स्तर से अब तक लगभग 1.80 लाख रुपये से ज्यादा सस्ती हो चुकी है। जिन निवेशकों ने ऊंचे स्तरों पर खरीदारी की थी, उनके लिए यह एक बड़ा वित्तीय झटका साबित हो रहा है।

सोने की कीमतों में कमजोरी और गोल्ड रेट अपडेट

चांदी के साथ-साथ पीली धातु यानी सोने पर भी बिकवाली का भारी दबाव देखा जा रहा है। घरेलू बाजार में सोने के दाम (Gold Rates) भी लगातार गोते लगा रहे हैं। आंकड़ों के मुताबिक, सोना अपने उच्चतम स्तर से अब तक तकरीबन 38,000 रुपये प्रति 10 ग्राम से अधिक नीचे आ चुका है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों में आ रही कमजोरी का सीधा असर भारतीय सर्राफा बाजार पर पड़ रहा है, जिससे खुदरा और वायदा दोनों बाजारों में दाम गिर रहे हैं।

डॉलर की मजबूती और वैश्विक संकेतों का असर

सर्राफा बाजार में आई इस सुनामी के पीछे कई बड़े कारण हैं। बाजार जानकारों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अमेरिकी डॉलर (US Dollar Index) की मजबूती ने कीमती धातुओं की चमक फीकी कर दी है। जब डॉलर मजबूत होता है, तो आमतौर पर सोना-चांदी जैसे कमोडिटीज पर दबाव बढ़ता है। इसके अलावा, वैश्विक स्तर पर ब्याज दरों को लेकर बनी अनिश्चितता और निवेशकों द्वारा सुरक्षित निवेश (Safe-haven investment) से हाथ खींचने के कारण अंतरराष्ट्रीय स्पॉट मार्केट में बिकवाली का दौर चल रहा है।

क्या चांदी का ‘बुलबुला’ फूट चुका है?

चांदी में आई इस तेज गिरावट को लेकर कई विश्लेषक इसे “बुलबुला फूटना” (Bubble Burst) करार दे रहे हैं। पिछले कुछ महीनों में चांदी ने कृत्रिम तेजी के दम पर रिकॉर्ड ऊंचाई छुई थी, लेकिन अब मुनाफावसूली (Profit Booking) और कमजोर ग्लोबल सेंटिमेंट्स ने इसे जमीन पर ला दिया है। तकनीकी चार्ट्स पर भी चांदी कमजोर नजर आ रही है। हालांकि, बाजार का एक धड़ा इसे लंबी अवधि के निवेशकों (Long-term Investors) के लिए एक बेहतरीन खरीदारी का अवसर मान रहा है, क्योंकि आने वाले शादी-ब्याह के सीजन में मांग बढ़ने की पूरी संभावना है।

रिटेल खरीदारों के लिए अवसर और भविष्य की रणनीति

कीमतों में आई इस भारी कमी के बावजूद, खुदरा खरीदारों (Retail Buyers) के लिए यह एक राहत भरी खबर हो सकती है। गहने बनवाने या निवेश करने वालों को अब काफी कम दाम पर सोना-चांदी उपलब्ध हो रहे हैं। विशेषज्ञों की सलाह है कि इस अस्थिर बाजार में एकमुश्त पैसा लगाने के बजाय ‘चरणबद्ध तरीके’ (Step-by-step investment) से निवेश करें। आगामी दिनों में अंतरराष्ट्रीय भू-राजनीतिक परिस्थितियां और केंद्रीय बैंकों के फैसले ही तय करेंगे कि सोने और चांदी की अगली चाल क्या होगी।

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