UP News: लखनऊ में आयोजित घुमंतू विकास बोर्ड के गठन को लेकर आयोजित आभार एवं अभिनंदन समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश सरकार समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक विकास योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा वर्ष 2014 में दिया गया “सबका साथ, सबका विकास” का मंत्र ही सरकार की नीतियों का आधार है।
सीएम योगी ने कहा कि सरकार की योजनाओं में किसी भी नागरिक के साथ जाति, क्षेत्र, भाषा या धर्म के आधार पर कोई भेदभाव नहीं किया जाता। हर पात्र व्यक्ति को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि घुमंतू एवं विमुक्त समाज के लिए गठित होने वाला विकास बोर्ड उनके जीवन में बड़ा बदलाव लाने वाला कदम साबित होगा।
घुमंतू विकास बोर्ड से मिलेगा सम्मान, अधिकार और विकास का नया अवसर
बताते चले कि, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि घुमंतू एवं विमुक्त समाज को अब लंबे समय तक उपेक्षा और असुविधाओं का सामना नहीं करना पड़ेगा। घुमंतू विकास बोर्ड के माध्यम से इस समाज को शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास, रोजगार और सामाजिक सुरक्षा से जोड़ने की दिशा में प्रभावी कार्य किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह बोर्ड केवल एक सरकारी व्यवस्था नहीं होगी, बल्कि वर्षों से वंचित समाज को न्याय, सम्मान और समान अवसर उपलब्ध कराने का मजबूत माध्यम बनेगा। बोर्ड के जरिए घुमंतू समुदायों की समस्याओं को सीधे सरकार तक पहुंचाने और उनके समाधान के लिए योजनाबद्ध तरीके से काम किया जाएगा।
CM योगी बोले- जिन्हें पहले नहीं मिला सम्मान, उन्हें मुख्यधारा से जोड़ रही डबल इंजन सरकार
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हमेशा इस बात पर जोर देते हैं कि जिन लोगों को पिछली सरकारों ने नजरअंदाज किया, उन्हें सम्मान देकर समाज की मुख्यधारा से जोड़ने का काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार के लिए जनता केवल वोट बैंक नहीं बल्कि जनार्दन है। सीएम योगी ने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि लंबे समय तक कई वंचित समुदायों की समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया गया। लेकिन वर्तमान सरकार ऐसे समाजों के उत्थान के लिए लगातार फैसले ले रही है और उन्हें विकास की प्रक्रिया में भागीदार बना रही है।
अंग्रेजों के कानून से प्रभावित समुदायों को अब मिलेगा विकास का सहारा
सीएम योगी ने कहा कि वर्ष 1871 में अंग्रेजों ने क्रिमिनल ट्राइब एक्ट लागू कर कई ऐसे समुदायों को अपराधी घोषित कर दिया था, जिन्होंने स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। आजादी के बाद बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर ने इस अन्याय को समाप्त कर इन समुदायों को विमुक्त जाति का दर्जा दिलाने का काम किया। उन्होंने कहा कि हालांकि आजादी के बाद लंबे समय तक इन समुदायों के समग्र विकास के लिए पर्याप्त प्रयास नहीं हुए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने पहली बार राष्ट्रीय स्तर पर इनके लिए आयोग का गठन किया और अब उत्तर प्रदेश सरकार घुमंतू विकास बोर्ड बनाकर एक नई पहल कर रही है।
घुमंतू समाज की मांग पर सरकार ने लिया विकास बोर्ड बनाने का फैसला
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बताया कि घुमंतू समाज के सम्मेलन में बोर्ड गठन की मांग रखी गई थी, जिसे सरकार ने पूरा किया है। उन्होंने कहा कि बोर्ड में विभिन्न घुमंतू और विमुक्त जातियों को प्रतिनिधित्व दिया जाएगा, जिससे उनकी समस्याएं और सुझाव सीधे सरकार तक पहुंच सकेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार पहले ही वनटांगिया, मुसहर, थारू, गौड़, चेरो, बुक्सा, कोल और सहरिया जैसे वंचित समुदायों को राशन कार्ड, आवास, आयुष्मान भारत कार्ड, बिजली, गैस कनेक्शन, भूमि पट्टा और पेंशन जैसी योजनाओं से जोड़ चुकी है।
घुमंतू विकास बोर्ड करेगा शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार योजनाओं को मजबूत
समाज कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने घुमंतू विकास बोर्ड के गठन को ऐतिहासिक कदम बताया। उन्होंने कहा कि यह बोर्ड शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास, आजीविका और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी योजनाओं को प्रभावी तरीके से समाज तक पहुंचाने का काम करेगा। उन्होंने बताया कि बोर्ड गठन के बाद एक विशेष कार्यदल बनाया जाएगा, जो घुमंतू एवं विमुक्त समाज के सर्वांगीण विकास के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार करेगा।
कार्यक्रम के दौरान सपेरा समाज के लोगों ने पारंपरिक बीन वादन के जरिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का स्वागत किया और घुमंतू विकास बोर्ड के गठन के फैसले के लिए सरकार का आभार जताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य हर जरूरतमंद तक विकास की हर सुविधा पहुंचाना है।










