Ghooskhor Pandat Controversy: मनोज बाजपेयी की फिल्म पर लखनऊ में FIR, जानें पूरा मामला

मनोज बाजपेयी की अपकमिंग फिल्म ‘घूसखोर पंडत’ विवादों में घिर गई है। लखनऊ में एफआईआर दर्ज होने के बाद फिल्ममेकर नीरज पांडे ने पूरे मामले पर अपनी सफाई पेश की है।

Ghooskhor Pandat Controversy

Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

फ़रवरी 6, 2026

Ghooskhor Pandat Controversy: मनोज बाजपेयी की अपकमिंग नेटफ्लिक्स थ्रिलर ‘घूसखोर पंडत’ हाल ही में विवादों में घिर गई है। इस फिल्म का टीज़र मुंबई में एक इवेंट में जारी किया गया, जिसके तुरंत बाद इसे लेकर आपत्तियां सामने आईं। फिल्म में मनोज बाजपेयी अजय दीक्षित नामक भ्रष्ट पुलिस ऑफिसर का किरदार निभा रहे हैं, जिसे ‘पंडत’ के नाम से जाना जाता है। फिल्म को रितेश शाह ने डायरेक्ट किया है और इसे शाह और नीरज पांडे ने मिलकर लिखा है। इसमें नुसरत भरूचा और साकिब सलीम भी महत्वपूर्ण भूमिकाओं में हैं।

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विवाद की वजह

Ghooskhor Pandat Controversy
मनोज बाजपेयी की फिल्म पर लखनऊ में FIR

‘नेक्स्ट ऑन नेटफ्लिक्स’ इवेंट में टीज़र लॉन्च होते ही विवाद शुरू हो गया। मुंबई के वकील आशुतोष दुबे ने ‘घूसखोर पंडत’ के टाइटल पर आपत्ति जताते हुए नेटफ्लिक्स और फिल्म के निर्माताओं को लीगल नोटिस भेजा। उनका कहना है कि “पंडत” शब्द, जो कि धार्मिक विद्वान या पुजारी के लिए उपयोग किया जाता है, के साथ ‘घूसखोर’ शब्द जोड़ना अपमानजनक और समुदाय के लिए हानिकारक है।

नोटिस में टाइटल को हटाने की मांग की गई और इसे सामाजिक रूप से भड़काऊ, असंवैधानिक और मानहानिकारक बताया गया। इसमें कहा गया कि फिल्म के मेकर्स किसी समुदाय से जुड़े पहचान वाले शब्द का उपयोग करने के बजाय न्यूट्रल या फिक्शनल टाइटल चुन सकते थे। नोटिस में यह भी तर्क दिया गया कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का मतलब यह नहीं कि किसी समुदाय को अपमानित किया जाए, चाहे वह व्यंग्य या फिक्शन के नाम पर ही क्यों न हो।

लखनऊ में FIR दर्ज

विवाद बढ़ने के बाद, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर लखनऊ के हजरतगंज पुलिस स्टेशन में फिल्म के डायरेक्टर और टीम के खिलाफ FIR दर्ज की गई। शिकायत में आरोप लगाया गया कि फिल्म के कंटेंट से सामाजिक भावनाएं आहत हुई हैं और यह सामाजिक सद्भाव को नुकसान पहुंचा सकती है। पुलिस ने बताया कि कुछ वर्गों ने फिल्म को आपत्तिजनक माना, जिससे अशांति की आशंका पैदा हुई। इसके बाद पुलिस ने डायरेक्टर और टीम के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी।

फिल्म मेकर्स का बयान

विवाद के बीच, फिल्म के मेकर नीरज पांडे ने बयान जारी किया। उन्होंने कहा कि फिल्म पूरी तरह से फिक्शनल है और ‘पंडत’ शब्द केवल एक फिक्शनल कैरेक्टर का नाम है। उनका कहना है कि फिल्म किसी धर्म, जाति या समुदाय का प्रतिनिधित्व नहीं करती और किसी पर टिप्पणी नहीं करती। नीरज पांडे ने बताया कि सभी प्रमोशनल मटेरियल फिलहाल हटा दिए गए हैं ताकि दर्शक पूरी फिल्म देखकर ही समझें। उन्होंने कहा, “हमारा मकसद केवल कहानी बताना है, न कि किसी समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुँचाना।”

‘घूसखोर पंडत’ का सार

फिल्म ‘घूसखोर पंडत’ में मनोज बाजपेयी अजय दीक्षित का किरदार निभा रहे हैं, जो भ्रष्ट पुलिस ऑफिसर है। कहानी मुख्य रूप से एक ही रात के घटनाक्रम पर आधारित है। इसके अलावा नुसरत भरूचा और साकिब सलीम भी मुख्य भूमिकाओं में हैं। फिल्म का डायरेक्शन रितेश शाह ने किया है और नीरज पांडे ने इसे लिखा है। विवाद बढ़ने के बावजूद फिल्म को दर्शकों के लिए पूरी तरह तैयार किया जा रहा है, और निर्माता टीम ने कहा है कि फिल्म का वास्तविक अनुभव तभी मिलेगा जब इसे पूरी तरह देखा जाएगा।

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