General Naravane Book Controversy: लोकसभा के बजट सत्र के दौरान पूर्व सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे की किताब को लेकर एक नया विवाद सामने आया है। नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने संसद में किताब के अंश पढ़ने की कोशिश की, लेकिन किताब की पब्लिकेशन अभी अप्रूव नहीं हुई है। इस बीच, किताब की प्री-प्रिंट कॉपी के लीक होने के मामले में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने एफआईआर दर्ज की है।
किताब का लीक और संसद में चर्चा

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने लोकसभा में किताब ‘फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी’ के अंश पढ़ने की कोशिश की, जिससे किताब की चर्चा फिर से सुर्खियों में आ गई। संसद में यह कोशिश इस कारण रुकी क्योंकि पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया (PRHI) ने साफ किया कि किताब अभी तक पब्लिश नहीं हुई है और इसकी कोई भी कॉपी जनता के लिए उपलब्ध नहीं कराई गई है।
पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया की सफाई
PRHI ने बयान में कहा कि उनके पास इस किताब के पब्लिशिंग के एक्सक्लूसिव अधिकार हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि किताब का कोई भी वर्जन – प्रिंट, डिजिटल, PDF या ऑनलाइन – अभी तक पब्लिक डोमेन में नहीं आया है। पब्लिशर ने चेतावनी दी कि यदि कोई भी कॉपी सर्कुलेशन में है, तो यह कॉपीराइट उल्लंघन होगा और इसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
कॉपीराइट उल्लंघन पर कानूनी कार्रवाई
PRHI ने कहा कि किताब की कोई भी पूरी या आंशिक कॉपी, चाहे प्रिंट में हो, डिजिटल फॉर्मेट में या ऑनलाइन, उनके कॉपीराइट का उल्लंघन मानी जाएगी। उन्होंने साफ किया कि इसके गलत प्रसार के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पब्लिशर ने यह भी बताया कि उनके पास इस किताब की पब्लिशिंग के एकमात्र अधिकार हैं और कोई भी अन्य व्यक्ति इसे सार्वजनिक करने का हकदार नहीं है।
पुलिस में मामला दर्ज
दिल्ली पुलिस के अनुसार, किताब के लीक होने और अप्रूव न हुई पब्लिकेशन के उल्लंघन की जांच के लिए स्पेशल सेल में एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि कौन और कैसे किताब की कॉपी सर्कुलेशन में आई। बताया जा रहा है कि पिछले हफ्ते संसद परिसर में राहुल गांधी को किताब की कॉपी दिखाते हुए देखा गया था।
किताब की पब्लिकेशन अभी बाकी
PRHI ने स्पष्ट किया कि किताब अभी पब्लिश नहीं हुई है। इसलिए, किसी भी तरह से किताब के अंश को पढ़ना या साझा करना कॉपीराइट का उल्लंघन माना जाएगा। पब्लिशर ने कहा कि इस मामले में किसी भी प्रकार की अनधिकृत गतिविधि को गंभीरता से लिया जाएगा और इसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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