Dhiraj Seth Nepal Visit: भारतीय सेना प्रमुख बने नेपाली सेना के मानद जनरल, जानें 76 साल पुरानी परंपरा

भारतीय सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ को नेपाल के राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने नेपाली सेना के मानद जनरल की उपाधि दी। यह सम्मान भारत-नेपाल के बीच 1950 से चली आ रही अनोखी परंपरा का हिस्सा है, जिसमें दोनों देशों के सेना प्रमुखों को एक-दूसरे की सेनाओं का मानद जनरल बनाया जाता है।

General Dhiraj Seth

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

अगस्त 17, 2026

Dhiraj Seth Nepal Visit:  भारतीय सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ को सोमवार को नेपाल में एक विशेष अलंकरण समारोह के दौरान नेपाली सेना के मानद जनरल की उपाधि से सम्मानित किया गया। यह समारोह नेपाल की राजधानी काठमांडू स्थित शीतल निवास में आयोजित हुआ। नेपाल के राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने जनरल सेठ को यह सम्मान प्रदान किया। यह सम्मान दोनों पड़ोसी देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे सैन्य संबंधों और आपसी विश्वास को दर्शाता है।

चार दिवसीय आधिकारिक दौरे पर नेपाल पहुंचे सेना प्रमुख

जनरल धीरज सेठ रविवार को नेपाल पहुंचे थे। वह नेपाली सेना के प्रमुख जनरल अशोक राज सिग्देल के निमंत्रण पर चार दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर नेपाल गए हैं। अपनी यात्रा के दौरान वह दोनों देशों की सेनाओं के बीच सहयोग, आपसी हित और रक्षा संबंधों को मजबूत करने से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा करेंगे।

विशेष समारोह में कई वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद

राष्ट्रपति पौडेल के सचिवालय की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, मानद जनरल की उपाधि प्रदान किए जाने के समारोह में नेपाल के उपराष्ट्रपति राम सहाय प्रसाद यादव भी मौजूद रहे। इसके अलावा विदेश मंत्री शिशिर खनाल, नेपाल में भारत के राजदूत नवीन श्रीवास्तव और नेपाली सेना तथा नेपाल सरकार के कई वरिष्ठ अधिकारी समारोह में शामिल हुए। कार्यक्रम में दोनों देशों के बीच मजबूत सैन्य संबंधों की झलक भी देखने को मिली।

1950 से चली आ रही है मानद जनरल की परंपरा

भारत और नेपाल के बीच एक-दूसरे के सेना प्रमुखों को मानद जनरल की उपाधि देने की परंपरा काफी पुरानी है। इसकी शुरुआत वर्ष 1950 में हुई थी। इस परंपरा के तहत दोनों देशों के सेना प्रमुखों को एक-दूसरे की सेना में मानद जनरल का पद प्रदान किया जाता है। इसे भारत और नेपाल के बीच विशेष सैन्य संबंधों और ऐतिहासिक मित्रता का प्रतीक माना जाता है।

नेपाली सेना प्रमुख से जनरल सेठ ने की अहम मुलाकात

मानद सम्मान प्राप्त करने के बाद जनरल धीरज सेठ ने नेपाली सेना के मुख्यालय में जनरल अशोक राज सिग्देल से मुलाकात की। दोनों सैन्य प्रमुखों के बीच द्विपक्षीय रक्षा सहयोग और आपसी हित से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई। बातचीत के दौरान भारत और नेपाल की सेनाओं के बीच मौजूदा संबंधों को और मजबूत करने के उपायों पर भी विचार-विमर्श किया गया।

रक्षा साझेदारी को लेकर भारतीय दूतावास ने कही बड़ी बात

नेपाल स्थित भारतीय दूतावास ने जनरल सेठ की यात्रा को दोनों देशों के रक्षा संबंधों के लिए महत्वपूर्ण बताया। दूतावास के अनुसार, भारत और नेपाल के बीच रक्षा साझेदारी साझा मूल्यों, आपसी विश्वास और लंबे समय से कायम सैन्य संबंधों पर आधारित है। जनरल सेठ की यात्रा इसी विशेष और समय की कसौटी पर खरी उतरी साझेदारी को आगे बढ़ाने का अवसर प्रदान करती है।

भारतीय राजदूत से भी मिले सेना प्रमुख

जनरल धीरज सेठ ने नेपाल में भारत के राजदूत नवीन श्रीवास्तव से भी मुलाकात की। इस दौरान दोनों के बीच भारत और नेपाल के व्यापक द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने को लेकर चर्चा हुई। दोनों देशों के बीच राजनीतिक, आर्थिक, सांस्कृतिक और रक्षा सहयोग को लगातार बढ़ाने पर भी जोर दिया गया।

नेपाली सेना को सैन्य और चिकित्सा उपकरण सौंपे

अपनी नेपाल यात्रा के दौरान जनरल सेठ ने नेपाली सेना को कुछ सैन्य और चिकित्सा उपकरण भी सौंपे। यह कदम दोनों सेनाओं के बीच सहयोग और मित्रता को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सैन्य सहयोग के साथ चिकित्सा क्षेत्र में सहायता भी दोनों देशों की सेनाओं के बीच व्यापक साझेदारी को दर्शाती है।

गार्ड ऑफ ऑनर का किया निरीक्षण, पौधारोपण भी

नेपाली सेना की ओर से जारी बयान के अनुसार, जनरल धीरज सेठ ने नेपाली सेना के मुख्यालय परिसर में पौधारोपण किया। इसके बाद उन्होंने गार्ड ऑफ ऑनर का निरीक्षण भी किया। यात्रा के दौरान हुए इन कार्यक्रमों ने भारत और नेपाल की सेनाओं के बीच सम्मान और सहयोग की भावना को और मजबूत किया।

यात्रा से मजबूत होंगे भारत-नेपाल के सैन्य संबंध

नेपाली सेना ने उम्मीद जताई कि जनरल धीरज सेठ की यात्रा से भारत और नेपाल की सेनाओं के बीच आपसी विश्वास, सहयोग और समन्वय और मजबूत होगा। दोनों देशों के बीच सैन्य प्रशिक्षण, रक्षा सहयोग और उच्चस्तरीय आदान-प्रदान की पुरानी परंपरा रही है। ऐसे में भारतीय सेना प्रमुख की नेपाल यात्रा को द्विपक्षीय रक्षा संबंधों को नई मजबूती देने वाले महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा रहा है।

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