पटना
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने अपनी नई टीम का एलान कर दिया है। बिहार से होने के कारण माना जा रहा था कि उनकी राष्ट्रीय टीम में प्रदेश के नेताओं को अपेक्षाकृत अधिक प्रतिनिधित्व मिलेगा।
हालांकि, राष्ट्रीय पदाधिकारियों की सूची में बिहार से तीन नेताओं को ही महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिली है। इनमें राज्यसभा सदस्य शिवेश राम और सिद्धार्थ शंभु का पार्टी संगठन में कद बढ़ा है। वहीं ऋतुराज सिन्हा को भी जिम्मेदारी दी गई है।
सिद्धार्थ शंभु को राष्ट्रीय मंत्री की जिम्मेदारी
वैश्य समाज का प्रतिनिधित्व करने वाले सिद्धार्थ शंभु को भाजपा ने राष्ट्रीय मंत्री की जिम्मेदारी सौंपी है। वह लगातार तीन बार बिहार भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष रह चुके हैं।
संगठन में लंबे अनुभव को देखते हुए उन्हें अब राष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण भूमिका दी गई है। प्रदेश संगठन में सक्रिय रहने के बाद राष्ट्रीय टीम में जगह मिलने को उनके राजनीतिक कद में बढ़ोतरी के तौर पर देखा जा रहा है।
शिवेश राम बने एससी मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष
राज्यसभा सदस्य शिवेश राम को भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया गया है। कुछ महीने पहले ही भाजपा ने उन्हें राज्यसभा भेजा था।
इसके बाद अब संगठन में उन्हें महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई है। एससी मोर्चा की कमान मिलने से बिहार के साथ ही राष्ट्रीय स्तर पर भी उनकी भूमिका बढ़ गई है।
ऋतुराज सिन्हा को भी मिली जिम्मेदारी
भाजपा नेता ऋतुराज सिन्हा को प्रकोष्ठ संकुल सह-संयोजक की जिम्मेदारी दी गई है। वे पूर्व में राष्ट्रीय मंत्री थे। इस तरह से उनका कद घटा है। पार्टी के विभिन्न प्रकोष्ठों के बीच समन्वय में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण होगी।
वहीं संजय मयूख को राष्ट्रीय सह मीडिया प्रभारी के दायित्व से मुक्त कर दिया गया है।
मंगल पांडेय को लेकर लगाए जा रहे थे कयास
नितिन नवीन की टीम के एलान से पहले बिहार के कई नेताओं के नाम को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चा थी। बिहार सरकार के पूर्व मंत्री मंगल पांडेय को भी राष्ट्रीय टीम में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिलने के कयास लगाए जा रहे थे।
संगठन में उनकी सक्रियता और पार्टी के भीतर उनकी भूमिका को देखते हुए माना जा रहा था कि वह टीम नितिन का हिस्सा बन सकते हैं।
हालांकि, घोषित टीम में उन्हें जगह नहीं मिली। बिहार से राष्ट्रीय उपाध्यक्ष का पद मिलता रहा है। पूर्व में पूर्व डिप्टी सीएम रेणु देवी, किरण घई को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष पद पर रखा गया था।
बिहार को प्रतिनिधित्व मिला, लेकिन उम्मीद से कम
नितिन नवीन के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद यह चर्चा तेज थी कि बिहार के नेताओं को राष्ट्रीय संगठन में बड़ी जिम्मेदारियां मिल सकती हैं।
नई टीम में तीन नेताओं को राष्ट्रीय स्तर पर दायित्व मिलने से बिहार को प्रतिनिधित्व तो मिला है, लेकिन राजनीतिक हलकों में जितने बड़े प्रतिनिधित्व की उम्मीद जताई जा रही थी, उसके मुकाबले संख्या सीमित रही।










