रेलवे के लिए कमाई का इंजन बनी Vande Bharat, 162 ट्रेनें दौड़ीं; AC चेयर कार से हुई शानदार कमाई

 नई दिल्ली भारतीय रेलवे के लिए वंदे भारत ट्रेनें पटरियों पर दौड़ता मुनाफे का जरिया बन रही है और 'Cash Cow' बनी नजर आ रही है. जहां एक ओर इसे सेमी हाई स्पीड ट्रेन Vande Bharat से यात्रा करने वाले रेल यात्रियों की तादाद में भारी बढ़ोतरी हो रही है, तो वहीं कुछ कैटेगरी में ये लगातार रेलवे को कमाई करा रही हैं. खासतौर पर AC थ्री टियर और AC चेयर कार ने तेजी से लाभ कमाया है. आकर्षक डिजाइन वाली इन ट्रेनों की पॉपुलैरिटी में जोरदार इजाफा देखने को मिल रहा है।  अब तक 9 करोड़ से ज्यादा यात्रियों

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Published On :

अगस्त 17, 2026

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 नई दिल्ली

भारतीय रेलवे के लिए वंदे भारत ट्रेनें पटरियों पर दौड़ता मुनाफे का जरिया बन रही है और 'Cash Cow' बनी नजर आ रही है. जहां एक ओर इसे सेमी हाई स्पीड ट्रेन Vande Bharat से यात्रा करने वाले रेल यात्रियों की तादाद में भारी बढ़ोतरी हो रही है, तो वहीं कुछ कैटेगरी में ये लगातार रेलवे को कमाई करा रही हैं. खासतौर पर AC थ्री टियर और AC चेयर कार ने तेजी से लाभ कमाया है. आकर्षक डिजाइन वाली इन ट्रेनों की पॉपुलैरिटी में जोरदार इजाफा देखने को मिल रहा है। 

अब तक 9 करोड़ से ज्यादा यात्रियों को सफर 
Vande Bharat ट्रेनों की डिमांड को देखते हुए इसके नेटवर्क का भारतीय रेलवे द्वारा लगातार विस्तार किया जा रहा है. भारत में मेड इन इंडिया, सेमी-हाई स्पीड वाली वंदे भारत ट्रेनें आधुनिक सुविधाओं और तेज रफ्तार के अलावा और भी बहुत शानदार सेवाएं यात्रियों को देती हैं. 2019 में अपनी शुरुआत के बाद से वंदे भारत ने मार्च 2026 तक एक लाख यात्राएं पूरी की हैं और इस नेटवर्क पर रेल यात्रियों की संख्या की बात करें, तो इन ट्रेनों से 9.1 करोड़ से ज्यादा यात्री सफर कर चुके हैं। 

ये है Vande Bharat का सबसे व्यस्त रूट
वित्त वर्ष 2026 में वंदे भारत नेटवर्क पर यात्रियों की संख्या में भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई और करीब 3.98 करोड़ यात्रियों ने यात्रा की. यह वित्त वर्ष 2025 के 2.97 करोड़ यात्रियों की तुलना में 34% की मजबूत वार्षिक वृद्धि को दर्शाता है. वंदे भारत एक्सप्रेस नेटवर्क में नई दिल्ली-वाराणसी कॉरिडोर सबसे व्यस्त मार्ग बना हुआ है, जिसमें अब तक 73 लाख से अधिक यात्री यात्रा कर चुके हैं। 

FY2025 के वित्तीय प्रदर्शन के आंकड़ों पर नजर डालें, तो दो यात्री श्रेणियों में वंदे भारत ट्रेन ने जोरदार लाभ कमाया है. इनमें पहली AC थ्री-टियर है और दूसरी AC चेयर कार, एसी थ्री-टियर ने FY2023 से 2025 तक लगातार कमाई का सिलसिला जारी रखा है, जिससे लंबी दूरी की वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों को बढ़ावा मिला है। 

कमाई के आंकड़े देखें, तो AC थ्री-टियर ने फाइनेंशियल ईयर 2025 में 3,645.44 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया, जो वित्त वर्ष 2024 के 2,501.07 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2023 के 3,300.08 करोड़ रुपये से अधिक है. वहीं  एसी चेयर कार कैटेगरी ने वित्त वर्ष 2025 में 376.77 करोड़ रुपये का मुनाफा दर्ज किया, जो वित्त वर्ष 2024 के 203.96 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2023 के 297.62 करोड़ रुपये के नुकसान की भरपाई करता है. हालांकि, साधारण श्रेणी में भारी नुकसान उठाना पड़ा, जबकि फर्स्ट क्लास ने करीब 48.77 करोड़ रुपये का घाटा इस दौरान दर्ज किया है। 

देश में चल रहीं 162 वंदे भारत
देश में प्रीमियम रेल यात्रा की बढ़ती डिमांड में Vande Bharat Trains बड़ा रोल निभा रही हैं. वर्तमान में, देश भर में 162 वंदे भारत सेवाएं संचालित हैं और इनकी डिमांड के चलते ही भारत में वंदे भारत योजनाओं को गति भी मिल रही है. इसी साल जनवरी महीने में लंबी दूरी की कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए भारतीय रेलवे ने वंदे भारत स्लीपर (Vande Bharat Sleeper) सेवा शुरू की है. संचालन के पहले तीन महीनों के भीतर, इस सेवा ने 119 ट्रिप में 1.21 लाख यात्रियों को सफर कराया, जबकि 100% से अधिक की ऑक्यूपेंसी रेट बनाए रखा। 

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