Gandhinagar Water Contamination: मध्य प्रदेश के इंदौर के बाद अब गुजरात की राजधानी गांधीनगर से एक बेहद चिंताजनक मामला सामने आया है। शहर के कई इलाकों में दूषित पानी की आपूर्ति के कारण बच्चों के स्वास्थ्य पर गहरा संकट मंडरा रहा है। बीते कुछ दिनों में दूषित जल के सेवन से 100 से अधिक बच्चे गंभीर रूप से बीमार हो गए हैं, जिससे स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है।
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दूषित जल जनित रोग और टाइफाइड का प्रकोप
बताते चले कि, गांधीनगर के विभिन्न सेक्टरों में पिछले कुछ दिनों से गंदे पानी की सप्लाई हो रही है। इस लापरवाही का नतीजा यह हुआ कि बड़ी संख्या में बच्चे टाइफाइड और डायरिया जैसी बीमारियों की चपेट में आ गए हैं। हालात इस कदर बिगड़ चुके हैं कि गांधीनगर के सिविल अस्पताल में मरीजों की संख्या क्षमता से बाहर हो गई, जिसके चलते प्रशासन को आनन-फानन में बच्चों के लिए एक नया स्पेशल वार्ड खोलना पड़ा। वर्तमान में 94 मरीजों का उपचार सिविल अस्पताल और सेक्टर-24 व 29 के अर्बन हेल्थ सेंटर (UHC) में किया जा रहा है, जबकि 19 बच्चों को स्थिति में सुधार के बाद छुट्टी दे दी गई है।
मासूम की मौत और परिवारों में दहशत
आपको बता दे कि, इस जल संकट ने एक परिवार को कभी न भूलने वाला जख्म दिया है। दूषित पानी के कारण हुए टाइफाइड से एक 6 वर्षीय मासूम बच्ची की मौत हो गई है। त्रासदी यहीं खत्म नहीं हुई; उसी परिवार का दूसरा बच्चा भी अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रहा है। बताया जा रहा है कि उस परिवार के सभी चारों बच्चों की तबीयत खराब है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि नलों में पानी नहीं आ रहा है और जो पानी मोटर के जरिए खींचा जा रहा है, वह बेहद बदबूदार और गंदा है, जिसे पीने से घरों में बीमारी फैली है।
स्वास्थ्य विभाग का सघन निगरानी और सर्वे अभियान
मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने सेक्टर 24, 26, 28 और आदिवाड़ा जैसे प्रभावित क्षेत्रों में 75 स्वास्थ्य टीमों को तैनात किया है। इन टीमों ने अब तक लगभग 20,800 घरों का दरवाजा खटखटाया है और करीब 90 हजार लोगों की स्वास्थ्य जांच की है। प्रभावित क्षेत्रों में चौबीसों घंटे (24×7) ओपीडी सेवाएं शुरू कर दी गई हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।
नगर निगम की कार्रवाई और बचाव के उपाय
बीमारी को फैलने से रोकने के लिए नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग ने युद्ध स्तर पर कदम उठाए हैं। अब तक प्रभावित इलाकों में 30 हजार टाइफाइड की गोलियां और 20 हजार से अधिक ओआरएस (ORS) पैकेट बांटे गए हैं। प्रशासन ने लोगों को सख्त हिदायत दी है कि वे पानी को उबालकर ही पिएं। वहीं, नगर निगम ने आश्वासन दिया है कि जल आपूर्ति प्रणाली में सुधार के लिए ‘स्विचओवर’ का काम सोमवार तक पूरा कर लिया जाएगा, जिससे 24 घंटे स्वच्छ पानी की आपूर्ति सुनिश्चित हो सकेगी।










