FMCG Price Hike: घर का बजट बिगाड़ेगी महंगाई! साबुन, शैंपू, डिटर्जेंट और बिस्किट होंगे महंगे

सितंबर में FMCG कंपनियां साबुन, बिस्किट, शैंपू और डिटर्जेंट जैसे रोजमर्रा के सामान की कीमतों में बदलाव कर सकती हैं, कच्चे माल और ईंधन की बढ़ती लागत के बीच Britannia, HUL, Dabur और Godrej जैसी कंपनियां मार्जिन बचाने के लिए क्या रणनीति अपना रही हैं, जानिए पूरी खबर

घर का बजट बिगाड़ेगी महंगाई!

Wrriten By :

Neha Mishra

Published On :

अगस्त 10, 2026

FMCG Price Hike: अगर आप रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाले साबुन, बिस्किट, शैंपू, टूथपेस्ट और डिटर्जेंट खरीदते हैं, तो आने वाले समय में आपकी जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ सकता है। देश की कई बड़ी FMCG कंपनियां सितंबर के दौरान चुनिंदा प्रोडक्ट्स की कीमतों में बढ़ोतरी करने की तैयारी में हैं। कंपनियों के इस फैसले के पीछे कच्चे माल की बढ़ती लागत, ईंधन खर्च और वैश्विक स्तर पर बनी अनिश्चित परिस्थितियों को प्रमुख वजह माना जा रहा है। चीनी और पाम ऑयल जैसे जरूरी कच्चे माल की कीमतों में बढ़ोतरी से FMCG कंपनियों की लागत बढ़ी है। इसके अलावा फ्यूल कॉस्ट में इजाफे ने भी कंपनियों के मार्जिन पर दबाव बढ़ाया है। ऐसे में कंपनियां लागत का कुछ हिस्सा ग्राहकों पर डालने के विकल्प तलाश रही हैं।

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कंपनियां अपना मार्जिन बचाने में जुटीं

FMCG सेक्टर में इस समय कीमतों को लेकर रणनीति में बदलाव देखने को मिल रहा है। जून तिमाही के दौरान कंपनियों ने औसतन करीब 2 से 5 फीसदी तक कीमतों में बढ़ोतरी की थी। अब मौजूदा तिमाही में भी मार्जिन बनाए रखने के लिए कंपनियां चुनिंदा प्रोडक्ट्स की कीमत बढ़ाने या पैकेट का वजन घटाने जैसे तरीके अपना सकती हैं।

इसी रणनीति को Shrinkflation कहा जाता है। इसमें किसी प्रोडक्ट की कीमत पहले जैसी रहती है, लेकिन पैकेट में मौजूद सामान की मात्रा या वजन कम कर दिया जाता है।

Britannia अपनाएगी Shrinkflation का तरीका

बिस्किट बनाने वाली प्रमुख कंपनी Britannia Industries कीमत सीधे बढ़ाने के बजाय कुछ प्रोडक्ट्स में Shrinkflation का सहारा ले सकती है। इसके तहत 5 रुपये और 10 रुपये वाले बिस्किट पैकेट की कीमत समान रखी जा सकती है, लेकिन उनमें बिस्किट का वजन थोड़ा कम किया जाएगा।

कंपनी के MD और CEO रक्षित हरगवे ने अर्निंग्स कॉल के दौरान संकेत दिया कि मौजूदा तिमाही में कीमतों से जुड़े और बदलाव देखने को मिल सकते हैं। उनके मुताबिक, जून तिमाही में कीमतों का प्रभाव करीब 1 फीसदी रहा था, जबकि आगे इसका असर बढ़कर लगभग 1.5 से 2 फीसदी तक हो सकता है।

HUL के कई रोजमर्रा के सामान हो सकते हैं महंगे

Hindustan Unilever Limited (HUL) भी कीमतों में बदलाव करने वाली कंपनियों में शामिल हो सकती है। कंपनी के सर्फ एक्सेल और रिन जैसे डिटर्जेंट, लक्स और डव जैसे साबुन, क्लिनिक प्लस और सनसिल्क जैसे शैंपू तथा टूथपेस्ट समेत रोजमर्रा की कई श्रेणियों के प्रोडक्ट्स की कीमतों पर असर पड़ सकता है। इन प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल आम घरों में नियमित रूप से होता है, इसलिए कीमत बढ़ने की स्थिति में इसका सीधा असर घरेलू बजट पर देखने को मिल सकता है।

Dabur और Godrej भी कर सकती हैं कीमतों में बदलाव

FMCG सेक्टर की अन्य बड़ी कंपनियां भी लागत के दबाव से निपटने की तैयारी में हैं। Dabur और Godrej Consumer Products जैसी कंपनियां मौजूदा तिमाही में कुछ चुनिंदा प्रोडक्ट कैटेगरी में कीमतों में बदलाव कर सकती हैं। Godrej Consumer Products ने जून तिमाही में औसतन करीब 5 फीसदी तक कीमतों में बढ़ोतरी की थी।

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कच्चे तेल और मानसून पर कंपनियों की नजर

FMCG कंपनियां आगे की रणनीति तय करने के लिए मानसून की स्थिति, कच्चे तेल की कीमतों और अल नीनो की संभावित स्थिति पर भी नजर बनाए हुए हैं। इन कारकों का असर कच्चे माल और लॉजिस्टिक्स की लागत पर पड़ सकता है। अगर लागत का दबाव आगे भी जारी रहता है, तो आने वाले महीनों में ग्राहकों को रोजमर्रा के कई FMCG प्रोडक्ट्स के लिए पहले से ज्यादा कीमत चुकानी पड़ सकती है।