FIH Youth Hockey5s World Cup: भारतीय सब-जूनियर पुरुष हॉकी टीम ने मस्कट में आयोजित एफआईएच यूथ हॉकी 5एस एशिया चैंपियनशिप 2026 के फाइनल में पाकिस्तान को 3-1 से हराकर शानदार अंदाज में स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया। इस यादगार जीत के साथ भारतीय टीम ने न केवल एशियाई खिताब जीता, बल्कि पहली बार आयोजित होने वाले एफआईएच यूथ हॉकी 5एस विश्व कप के लिए भी अपना स्थान पक्का कर लिया। पूरे टूर्नामेंट में भारतीय टीम का प्रदर्शन बेहद प्रभावशाली रहा और उसने बिना कोई मुकाबला गंवाए चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया।
रोमित, केतन और शाहरुख ने दिलाई यादगार जीत
फाइनल मुकाबले में भारत ने शुरुआत से ही आक्रामक खेल दिखाया। टीम ने बेहतरीन पासिंग, तेज मूवमेंट और अनुशासित रणनीति के दम पर पाकिस्तान पर दबाव बनाए रखा। मैच के 5वें मिनट में रोमित पाल ने शानदार गोल कर भारत का खाता खोला। पहले हाफ तक भारत 1-0 की बढ़त के साथ मजबूत स्थिति में था। दूसरे हाफ में कप्तान केतन कुशवाहा ने 12वें मिनट में गोल कर बढ़त दोगुनी कर दी। इसके तुरंत बाद 13वें मिनट में शाहरुख अली ने तीसरा गोल दागकर भारत को 3-0 की मजबूत बढ़त दिला दी।
पाकिस्तान की वापसी नाकाम, भारत ने ट्रॉफी पर जमाया कब्जा
तीन गोल से पिछड़ने के बाद पाकिस्तान ने वापसी की कोशिश की। मोहम्मद उस्मान ने 16वें मिनट में गोल कर अंतर जरूर कम किया, लेकिन भारतीय डिफेंस ने इसके बाद विपक्षी टीम को कोई और मौका नहीं दिया। गोलकीपर और रक्षापंक्ति ने संयम के साथ खेलते हुए पाकिस्तान के सभी हमलों को विफल कर दिया। निर्धारित समय समाप्त होने तक भारत ने 3-1 की बढ़त बरकरार रखी और खिताबी मुकाबला अपने नाम कर लिया। फाइनल में पहुंचने के कारण भारत और पाकिस्तान दोनों ने एफआईएच यूथ हॉकी 5एस विश्व कप के लिए क्वालीफाई भी कर लिया।
पूरे टूर्नामेंट में भारत का रहा अपराजित अभियान
भारतीय पुरुष टीम ने पूरे टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन किया। टीम ने लीग चरण से लेकर फाइनल तक लगातार जीत दर्ज की और एलीट पूल की अंक तालिका में शीर्ष स्थान हासिल किया। खिलाड़ियों ने आक्रमण और रक्षा दोनों विभागों में संतुलित प्रदर्शन करते हुए विरोधी टीमों को कोई बड़ा मौका नहीं दिया। इस जीत ने भारतीय जूनियर हॉकी की मजबूत प्रतिभा और भविष्य की संभावनाओं को भी उजागर किया।
महिला टीम ने जीता रजत पदक, विश्व कप में बनाई जगह
महिला वर्ग में भारतीय सब-जूनियर टीम खिताब जीतने से चूक गई। फाइनल मुकाबले में चीन ने भारत को 4-2 से हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। चीन ने शुरुआती मिनटों में लगातार तीन गोल दागकर मुकाबले पर मजबूत पकड़ बना ली। भारत की ओर से नौशीन नाज और पुष्पा मांझी ने गोल कर वापसी की कोशिश की, लेकिन टीम अंतर कम नहीं कर सकी। हालांकि, फाइनल तक पहुंचने और पूरे टूर्नामेंट में बेहतरीन प्रदर्शन के दम पर भारतीय महिला टीम ने भी एफआईएच यूथ हॉकी 5एस विश्व कप के लिए सफलतापूर्वक क्वालीफाई कर लिया।
हॉकी इंडिया ने खिलाड़ियों के लिए घोषित किए नकद पुरस्कार
दोनों भारतीय टीमों के शानदार प्रदर्शन के बाद हॉकी इंडिया ने खिलाड़ियों और सहयोगी स्टाफ के लिए नकद पुरस्कारों की घोषणा की। स्वर्ण पदक जीतने वाली पुरुष टीम के प्रत्येक खिलाड़ी को 2 लाख रुपये तथा सपोर्ट स्टाफ के प्रत्येक सदस्य को 1 लाख रुपये दिए जाएंगे। वहीं, रजत पदक विजेता महिला टीम की प्रत्येक खिलाड़ी को 1 लाख रुपये और सहयोगी स्टाफ के प्रत्येक सदस्य को 50 हजार रुपये का पुरस्कार मिलेगा। इस सम्मान का उद्देश्य युवा खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाना और भारतीय हॉकी को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए प्रेरित करना है।
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