FIFA World Cup 2026: अमेरिका के बाद अब कनाडा ने खेल जगत में एक बेहद कड़ा और अप्रत्याशित फैसला लिया है। फुटबॉल वर्ल्ड कप के रोमांच के बीच घाना राष्ट्रीय टीम के उप-कप्तान और दिग्गज फुटबॉलर थॉमस पार्टी को कनाडा में प्रवेश करने से पूरी तरह रोक दिया गया है। कनाडा सरकार के इस सख्त रुख के कारण थॉमस पार्टी पनामा के खिलाफ होने वाले अपनी टीम के बेहद महत्वपूर्ण शुरुआती मुकाबले में मैदान पर नहीं उतर पाएंगे। हालांकि, घाना के फैंस के लिए थोड़ी राहत की बात यह है कि वह अमेरिका की सरजमीं पर होने वाले अगले मैचों में अपनी टीम का हिस्सा बन सकेंगे। इस फैसले के बाद खेल प्रेमियों के बीच यह सवाल तेजी से तैर रहा है कि आखिर इतने बड़े खिलाड़ी के साथ ऐसा क्यों किया गया।
फीफा का बयान और शुरुआती मैच से बाहर हुए थॉमस पार्टी
भारतीय समयानुसार 18 जून की सुबह घाना का मुकाबला पनामा से होना निर्धारित है, लेकिन इस मैच में घाना की टीम को अपने इस स्टार मिडफील्डर के बिना ही मैदान पर रणनीति बनानी होगी। अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल महासंघ (FIFA) ने इस संबंध में आधिकारिक घोषणा करते हुए बताया कि 32 वर्षीय इस फुटबॉलर को रोड आइलैंड में बने टीम के आधिकारिक बेस कैंप में शामिल होने की अनुमति नहीं दी जाएगी, क्योंकि कनाडा सरकार ने उनकी वीजा एप्लीकेशन को पूरी तरह खारिज कर दिया है। इस पूरे विवाद पर फीफा ने अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ते हुए स्पष्ट किया है कि किसी भी अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी को अपने देश में प्रवेश और वीजा देने का अंतिम अधिकार पूरी तरह से वहां की स्थानीय सरकार का ही होता है।
संगीन आपराधिक आरोप और इंग्लिश कोर्ट का कानूनी शिकंजा
थॉमस पार्टी को वीजा न मिलने के पीछे उनके अतीत से जुड़े कुछ बेहद गंभीर और संगीन आपराधिक मामले हैं। आर्सेनल के पूर्व फुटबॉलर थॉमस पार्टी पर साल 2025 में इंग्लैंड में पांच महिलाओं के साथ दुष्कर्म (रेप) और एक यौन उत्पीड़न (सेक्शुअल असॉल्ट) का बेहद गंभीर आरोप लगा था। उन पर यह आरोप है कि उन्होंने साल 2021 से 2022 के बीच लंदन में इन घिनौने अपराधों को अंजाम दिया था। इसके अलावा, साल 2020 में भी उन पर एक अन्य महिला से दुष्कर्म का मामला दर्ज हुआ था। वर्तमान में वह भले ही जमानत पर बाहर हैं, लेकिन इंग्लिश कोर्ट ने उनकी अंतरराष्ट्रीय यात्राओं पर कई कड़े प्रतिबंध लगाए हैं। इस मामले में इस वर्ष नवंबर में दोबारा अदालती ट्रायल शुरू होने वाला है, जिसमें पार्टी ने खुद को पूरी तरह बेगुनाह बताया है।
कनाडा की सख्त इमिग्रेशन पॉलिसी और अमेरिका में खेलने की उम्मीद
कनाडा की सरकार ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए इस संवेदनशील मामले पर अपना रुख पूरी तरह स्पष्ट कर दिया है। कनाडाई प्रशासन का कहना है कि उपलब्ध इनपुट और देश के कड़े कानूनों के तहत ही यह निर्णय लिया गया है, क्योंकि वे अपने देश के नागरिकों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं कर सकते। कनाडाई अधिकारियों ने साफ किया कि चाहे कोई भी वैश्विक स्तर का बड़ा खेल आयोजन हो, उनकी सख्त इमिग्रेशन नीतियां किसी के लिए नहीं बदलेंगी। इस झटके के बावजूद घाना की टीम के लिए अच्छी खबर यह है कि पनामा के बाद उनके अगले मुकाबले इंग्लैंड और क्रोएशिया के खिलाफ अमेरिका में होने हैं। अमेरिकी अधिकारियों से मंजूरी मिलने के कारण थॉमस पार्टी उन मैचों में खेलने के लिए पूरी तरह उपलब्ध रहेंगे।
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