FIFA 2026 tickets : फीफा वर्ल्ड कप 2026 फाइनल टिकटों की आसमान छूती कीमतें, 10 लाख के पार पहुंचा एक टिकट

फुटबॉल प्रेमियों के लिए बड़ा झटका! फीफा वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल टिकटों की कीमतें आधिकारिक तौर पर $10,990 (लगभग 10.20 लाख रुपये) तक पहुँच गई हैं। डायनामिक प्राइसिंग और बढ़ती मांग ने आम फैंस के लिए स्टेडियम पहुंचना मुश्किल कर दिया है। क्या टिकटों के दाम अभी और बढ़ेंगे? जानिए पूरी रिपोर्ट।

FIFA 2026 tickets

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

अप्रैल 3, 2026

Advertisements
728x90 Uttar Pradesh Police Mission Shakti Digital.jpg

FIFA 2026 tickets : दुनिया के सबसे बड़े खेल आयोजनों में से एक, फीफा वर्ल्ड कप 2026 का बिगुल बजने वाला है। 11 जून से शुरू होने वाले इस टूर्नामेंट का फाइनल मुकाबला 19 जुलाई को खेला जाएगा। लेकिन खेल शुरू होने से पहले ही, फाइनल मैच के टिकटों की कीमतों ने पूरी दुनिया के फुटबॉल प्रेमियों के होश उड़ा दिए हैं। विभिन्न श्रेणियों के टिकटों के दामों में बेतहाशा बढ़ोतरी की गई है, जिससे खेल प्रशंसकों में भारी निराशा और आक्रोश देखा जा रहा है। सोशल मीडिया पर लोग इस प्रक्रिया को ‘अमीरों का खेल’ करार दे रहे हैं।

लाखों में पहुँचे दाम: मिडिल क्लास की पहुँच से बाहर

फाइनल मुकाबले के लिए ‘कैटेगरी 1’ के टिकट की कीमत ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। इसकी कीमत $10,990 (लगभग 10 लाख 19 हजार टका) से भी ऊपर निकल गई है। यह राशि न केवल भारत बल्कि दुनिया के अधिकांश देशों के मध्यम वर्गीय प्रशंसकों के लिए एक बड़ी रकम है। केवल फाइनल ही नहीं, बल्कि ब्राजील, अर्जेंटीना, इंग्लैंड, जर्मनी और मेजबान मेक्सिको जैसे दिग्गज देशों के शुरुआती मैचों के टिकट भी काफी महंगे बेचे जा रहे हैं। प्रशंसकों का कहना है कि फुटबॉल जैसा जन-साधारण का खेल अब आम आदमी की जेब से दूर होता जा रहा है।

डायनामिक प्राइसिंग और श्रेणियों का गणित

फीफा की नई ‘डायनामिक प्राइसिंग’ पॉलिसी विवादों के केंद्र में है। इस नीति के तहत जैसे-जैसे मांग बढ़ती है, टिकटों की कीमतें भी स्वतः ही बढ़ती जाती हैं। दूसरी कैटेगरी के टिकट के दाम बढ़कर 6 लाख 87 हजार टका तक पहुँच गए हैं, जबकि तीसरी कैटेगरी के लिए फैंस को 5 लाख 39 हजार टका खर्च करने पड़ रहे हैं। ‘फुटबॉल सपोर्टर्स यूरोप’ (FSE) जैसी संस्थाओं ने इस मुनाफ़ाखोरी वाली नीति के खिलाफ औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है। फिलहाल फीफा ने ग्रुप स्टेज के 72 में से केवल 17 मैचों के टिकट जारी किए हैं, जबकि नॉकआउट राउंड के टिकटों का आना अभी बाकी है।

जटिल बिक्री प्रक्रिया और तकनीकी खामियां

सिर्फ कीमतें ही समस्या नहीं हैं, बल्कि टिकट खरीदने की प्रक्रिया भी सिरदर्द बन गई है। ‘लॉटरी सिस्टम’ और ‘पहले आओ पहले पाओ’ के चक्कर में लाखों फैंस घंटों ऑनलाइन इंतजार करने के बावजूद खाली हाथ रह गए हैं। कई यूजर्स ने शिकायत की है कि उन्हें गलत कतार (Queue) में भेज दिया गया या भुगतान के समय तकनीकी गड़बड़ी का सामना करना पड़ा। अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट्स के अनुसार, ‘लास्ट-मिनट सेल्स फेज’ के दौरान लिंक पर क्लिक करने के बाद भी फैंस सही पेज तक नहीं पहुँच पा रहे थे, जिससे टिकटों की कालाबाजारी की आशंका भी बढ़ गई है।

सोशल मीडिया पर फूट पड़ा फैंस का गुस्सा

इंटरनेट पर फुटबॉल फैंस फीफा के खिलाफ मोर्चा खोले हुए हैं। एक यूजर ने लिखा, “वर्ल्ड कप अब केवल अमीरों का इवेंट बनकर रह गया है, आम जनता के लिए यह मुमकिन नहीं।” एक अन्य प्रशंसक ने नाराजगी जताते हुए कहा कि घंटों इंतजार और अचानक बढ़ती कीमतों ने इस पूरे अनुभव को ‘अफ़रा-तफ़री’ में बदल दिया है। गौरतलब है कि दक्षिण अफ्रीका और मेजबान मेक्सिको के बीच होने वाले उद्घाटन मैच के टिकट भी 2 लाख 55 हजार टका में बिक रहे हैं। ऊंची कीमतों के कारण कई मैचों के प्रति लोगों की दिलचस्पी कम हुई है और अब फैंस ने स्टेडियम के बजाय टीवी या मोबाइल स्क्रीन पर ही मैच देखने का मन बना लिया है।

2