FIFA World Cup 2026: मिस्र ने पेनल्टी शूटआउट में ऑस्ट्रेलिया को हराया, लगातार तीसरी बार रचा इतिहास

फीफा विश्व कप 2026 में एक रोमांचक मुकाबले में मिस्र ने पेनल्टी शूटआउट के जरिए ऑस्ट्रेलिया को हराकर लगातार तीसरी बड़ी जीत दर्ज की। मैच बेहद कांटे का रहा और अंतिम क्षणों तक रोमांच बना रहा। आखिर मिस्र की जीत का असली कारण क्या रहा और ऑस्ट्रेलिया कहां चूक गया, जानिए पूरी रिपोर्ट।

FIFA World Cup 2026

Wrriten By :

Neha Mishra

Published On :

जुलाई 4, 2026

FIFA World Cup 2026:  फीफा वर्ल्ड कप 2026 में मिस्र की राष्ट्रीय फुटबॉल टीम ने इतिहास के पन्नों में अपना नाम स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज करा लिया है। वर्ल्ड कप इतिहास में चौथी बार भागीदारी कर रही मिस्र की टीम ने पहली बार नॉकआउट मुकाबले में जीत दर्ज कर सभी को चौंका दिया। बेहद रोमांचक और संघर्षपूर्ण रहे इस मुकाबले में मिस्र ने ऑस्ट्रेलिया को पेनल्टी शूटआउट में 4-2 से पराजित किया। निर्धारित समय तक दोनों टीमें 1-1 की बराबरी पर थीं। मैच की शुरुआत मिस्र के लिए बेहतरीन रही, जब 13वें मिनट में इमाम अशूर ने शानदार हेडर के जरिए टीम को 1-0 की शुरुआती बढ़त दिलाई। यह क्षण मिस्र के समर्थकों के लिए उत्सव जैसा था, लेकिन खेल के 55वें मिनट में मैच का रुख तब बदल गया जब मिस्र के डिफेंडर मोहम्मद हानी से एक दुर्भाग्यपूर्ण ‘आत्मघाती गोल’ (Self-goal) हो गया, जिससे ऑस्ट्रेलिया को बराबरी मिल गई।

मोहम्मद हानी का दर्दनाक मैच और अनचाहा रिकॉर्ड

डिफेंडर मोहम्मद हानी के लिए यह मुकाबला किसी बुरे सपने से कम नहीं रहा। वे एक ही वर्ल्ड कप में दो आत्मघाती गोल करने वाले फुटबॉल इतिहास के पहले खिलाड़ी बन गए। इससे पहले ग्रुप चरण में बेल्जियम के खिलाफ भी उनसे यही गलती हुई थी। हानी के लिए यह मैच शारीरिक और मानसिक रूप से बेहद कष्टकारी साबित हुआ। आत्मघाती गोल करने से महज 10 मिनट पहले ही वे ऑस्ट्रेलिया के मिडफील्डर कोनोर मेटकाफे से टकराकर गंभीर रूप से चोटिल हो गए थे। सिर में चोट लगने के कारण कनकशन की आशंका को देखते हुए उन्हें स्ट्रेचर पर मैदान से बाहर ले जाना पड़ा, जो टीम के लिए एक बड़ा झटका था। अतिरिक्त समय (एक्स्ट्रा टाइम) में दोनों ही टीमों ने गोल करने का भरसक प्रयास किया, लेकिन किसी को भी सफलता नहीं मिली।

पेनल्टी शूटआउट में मिस्र का दबदबा

मैच का निर्णय पेनल्टी शूटआउट से हुआ, जहाँ मिस्र के खिलाड़ियों ने अपने धैर्य और कौशल का बेहतरीन प्रदर्शन किया। मिस्र की ओर से होसाम अब्दुलमागुद, महमूद साबिर, रामी राबिया और मोहम्मद सालाह ने गोल दागे। यह देखना अद्भुत था कि मोहम्मद सालाह मांसपेशियों की गंभीर चोट के बावजूद मैदान पर उतरे और दबाव के क्षणों में अपनी टीम को जीत दिलाई। दूसरी ओर, ऑस्ट्रेलिया के लिए हैरी साउटार का शॉट चूक गया और 18 वर्षीय लुकास हेरिंगटन की किक क्रॉसबार से टकराकर बाहर निकल गई। ऑस्ट्रेलिया के लिए केवल जैकसन इरविन और अवेर माबिल ही गोल कर सके। नॉकआउट मैचों में ऑस्ट्रेलिया का रिकॉर्ड लगातार निराशाजनक रहा है, और इस बार भी उन्हें हार का सामना करना पड़ा।

अब मेसी बनाम सालाह: क्वार्टर फाइनल की महाजंग

इस ऐतिहासिक जीत के साथ मिस्र ने अंतिम-16 के बाद क्वार्टर फाइनल की ओर कदम बढ़ा दिए हैं। अब मंगलवार को मिस्र का मुकाबला डिफेंडिंग चैंपियन और लियोनेल मेसी की कप्तानी वाली अर्जेंटीना से होगा। अर्जेंटीना ने अपने पिछले मुकाबले में केप वर्डे को 3-2 से हराकर अंतिम-8 में जगह बनाई है। फुटबॉल प्रेमियों के लिए मेसी और मोहम्मद सालाह को एक ही मैदान पर आमने-सामने देखना किसी बड़े तोहफे से कम नहीं होगा। पूरी दुनिया की नजरें इस महामुकाबले पर टिकी हैं, जहाँ मिस्र की टीम अपने आत्मविश्वास के साथ अर्जेंटीना को कड़ी टक्कर देने के लिए तैयार है। यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या मिस्र की टीम अपनी इस जीत की लय को बरकरार रख पाती है या डिफेंडिंग चैंपियन अर्जेंटीना का विजय रथ जारी रहेगा।

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