FIFA World Cup 2026 में बड़ा उलटफेर, 52 साल बाद डीआर कांगो ने पहली बार नॉकआउट में जगह बनाई

फीफा वर्ल्ड कप 2026 में डीआर कांगो ने इतिहास रचते हुए 52 साल बाद पहली बार नॉकआउट चरण में जगह बना ली। उज्बेकिस्तान पर 3-1 की शानदार वापसी जीत के साथ टीम ने दुनिया को चौंका दिया। अब उसका सामना इंग्लैंड से होगा। आखिर इस ऐतिहासिक जीत के पीछे कौन से खिलाड़ी रहे सबसे बड़े हीरो, जानिए पूरी रिपोर्ट।

FIFA World Cup 2026

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

जून 28, 2026

FIFA World Cup 2026  : फीफा वर्ल्ड कप के इतिहास में डीआर कांगो की टीम ने एक अविस्मरणीय उपलब्धि हासिल करते हुए शनिवार को अटलांटा में उज्बेकिस्तान को 3-1 से मात दी। इस जीत के साथ ही टीम ने 52 वर्षों का लंबा इंतजार खत्म करते हुए पहली बार विश्व कप में जीत का स्वाद चखा है। यह जीत न केवल प्रतीकात्मक थी, बल्कि इसने डीआर कांगो को पहली बार नॉकआउट चरण में भी पहुंचा दिया है। अब राउंड ऑफ 32 में उनका मुकाबला फुटबॉल की दिग्गज टीम इंग्लैंड से होगा। गौरतलब है कि डीआर कांगो की टीम दूसरी बार वर्ल्ड कप खेल रही है, इससे पहले उन्होंने 1974 में ‘जैरे’ (Zaire) के नाम से इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में हिस्सा लिया था।

शुरुआती झटके से उबरकर ‘लेपर्ड्स’ की शानदार वापसी

मैच के शुरुआती क्षणों में उज्बेकिस्तान ने आक्रामक रुख अपनाते हुए डीआर कांगो पर दबाव बनाया। खेल के 10वें मिनट में उज्बेकिस्तान के कप्तान एल्दोर शोमुरोदोव ने अब्बोसबेक फैज़ुल्लाएव के बेहतरीन पास पर गोलकीपर लियोनेल म्पासी को छकाते हुए एक खूबसूरत लॉब शॉट से अपनी टीम को 1-0 की शुरुआती बढ़त दिला दी। डीआर कांगो ने 7 मिनट बाद ही वापसी की कोशिश की, जब नथानाएल म्बुकू ने गोल दागा, लेकिन वीएआर (VAR) रीप्ले की जांच के बाद रेफरी ने इसे फाउल करार देकर खारिज कर दिया। बिल्ड-अप के दौरान म्बुकू को शेर्ज़ोद नस्रुल्लाएव के खिलाफ फाउल करने का दोषी पाया गया था, जिससे कांगो की उम्मीदों को थोड़ा झटका लगा।

पेनल्टी बनी टर्निंग पॉइंट, विस्सा-मायेल के गोलों से मिली जीत

मैच का रुख पूरी तरह से 68वें मिनट में बदल गया। जब डीआर कांगो को पेनल्टी बॉक्स के अंदर अब्दुकोदिर खुसानोव द्वारा योआने विस्सा को गिराने के कारण पेनल्टी मिली। विस्सा ने इस मौके का फायदा उठाते हुए शानदार स्पॉट-किक के जरिए स्कोर 1-1 से बराबर कर दिया। इस गोल ने पूरी टीम के आत्मविश्वास को नई ऊर्जा दी और खेल का मोमेंटम डीआर कांगो की तरफ मुड़ गया। महज 10 मिनट बाद, मेशाक एलिया की मदद से फिस्टन मायेल ने गोल कर टीम को 2-1 की महत्वपूर्ण बढ़त दिला दी। अंत में, इंजरी टाइम के दौरान विस्सा ने एक और लाजवाब गोल दागकर जीत पर पक्की मुहर लगा दी। मेशाक एलिया के सटीक पास को निचले कोने में कर्ल करते हुए विस्सा ने अपना दूसरा गोल पूरा किया।

4 अंकों के साथ नॉकआउट की राह हुई साफ

इस शानदार जीत के साथ, डीआर कांगो ने अपने तीनों ग्रुप मैचों से 4 अंक जुटाकर टूर्नामेंट के नॉकआउट चरण में अपनी जगह सुरक्षित कर ली है। इससे पहले, ग्रुप स्टेज के अपने मुकाबलों में उन्होंने क्रिस्टियानो रोनाल्डो की पुर्तगाल जैसी मजबूत टीम को भी 1-1 के ड्रॉ पर रोककर अपनी मजबूती का परिचय दिया था। ‘लेपर्ड्स’ के नाम से मशहूर यह टीम अब इंग्लैंड के खिलाफ होने वाले अगले बड़े मुकाबले के लिए पूरी तरह तैयार है। टूर्नामेंट के इस चरण तक पहुंचना कांगो के फुटबॉल इतिहास के लिए एक नए युग की शुरुआत जैसा है, जहां उनकी युवा और ऊर्जावान टीम ने साबित कर दिया है कि दृढ़ संकल्प के साथ किसी भी बड़ी टीम को पछाड़ना संभव है।

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