Farmers Protest: पंजाब और हरियाणा के किसानों द्वारा एक बार फिर दिल्ली कूच के ऐलान के बाद प्रशासनिक और सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह से सतर्क हो गई है। जींद प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करते हुए दातासिंह वाला (खनौरी) बॉर्डर को रविवार को पूरी तरह से सील कर दिया है। सीमा पर सुरक्षा के कड़े प्रबंध करते हुए चार लेयर की सुरक्षा व्यवस्था तैनात की गई है, ताकि पंजाब की ओर से आ रहे किसानों के जत्थे को हरियाणा में प्रवेश करने से रोका जा सके। इस दौरान प्रशासन और किसानों के बीच खींचतान का माहौल देखने को मिल रहा है।
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किसानों का जत्था रोका और बेनतीजा रही प्रशासनिक वार्ता
पंजाब की तरफ से दिल्ली जाने के लिए पहुंचे 51 किसानों के जत्थे को हरियाणा सीमा पर ही रोक लिया गया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जींद की उपायुक्त (डीसी) डॉ. वैशाली शर्मा और पुलिस अधीक्षक (एसपी) कुलदीप सिंह ने किसान नेताओं के साथ लगभग डेढ़ घंटे तक दो दौर की महत्वपूर्ण वार्ता की, लेकिन यह बातचीत पूरी तरह से बेनतीजा रही।
प्रशासनिक अधिकारियों ने किसानों से उनकी संख्या कम करने और मुख्यमंत्री के साथ बैठक कराने का प्रस्ताव रखा था, जिसे किसान नेताओं ने साफ तौर पर ठुकरा दिया। किसानों का कहना है कि उनका मुख्य मुद्दा व्यापार समझौते (ट्रेड डील) से जुड़ा हुआ है, इसलिए वे राज्य स्तर की बजाय सीधे केंद्रीय कृषि मंत्री से बातचीत की मांग पर अड़े हुए हैं।
पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने की बैठक
वार्ता के दौरान पंजाब की ओर से किसानों के एक पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन के साथ पक्ष रखा। इस प्रतिनिधिमंडल में प्रमुख रूप से किसान नेता:
काका सिंह कोटड़ा
बलदेव सिंह सरसा
इंद्रजीत पन्नीवाल
सुखदेव भोजराज
अमनजीत सिंह अरोड़ा
शामिल थे। हालांकि, बातचीत बेनतीजा रहने के बाद किसान नेता वापस पंजाब की सीमा की ओर लौट आए और खनौरी-दातासिंह वाला बॉर्डर पर ही अपना पड़ाव डाल दिया। किसानों ने स्पष्ट ऐलान किया है कि वे मांगें पूरी होने तक 29 अगस्त तक बॉर्डर पर ही डटे रहेंगे और उनका उद्देश्य शांतिपूर्ण तरीके से पैदल दिल्ली पहुंचना है।
हरियाणा में किसानों की हिरासत
दूसरी ओर, दिल्ली की तरफ बढ़ने का प्रयास कर रहे हरियाणा के विभिन्न हिस्सों के किसानों पर पुलिस ने सख्ती बरती है। जानकारी के अनुसार, पुलिस ने हरियाणा के 33 किसानों को हिरासत में ले लिया है। इसके अलावा, कैथल की तरफ से किसान नेता अभिमन्यु कोहाड़ के नेतृत्व में बॉर्डर की ओर कूच कर रहे 18 अन्य किसानों को भी पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने की खबर है।
जंतर-मंतर तक लाई जाएगी शुभकरण सिंह के शहादत स्थल की मिट्टी
इस आंदोलन के दौरान किसानों ने अपनी पुरानी घटनाओं और साथियों की शहादत को याद करते हुए एक भावनात्मक कदम भी उठाया है। रविवार को किसानों ने खनौरी में ठीक उसी स्थान से पवित्र मिट्टी एकत्र की, जहां 21 फरवरी 2024 को शुभकरण सिंह की मौत हुई थी।
किसान अब इसी मिट्टी को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर तक अपनी पदयात्रा निकालेंगे। यह पूरी पदयात्रा गैर-एसकेएम किसान संगठनों के बैनर तले और किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल के नेतृत्व में शुरू की जा रही है, जिससे आने वाले दिनों में आंदोलन के और अधिक तेज होने के आसार जताए जा रहे हैं।
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