Jahangir Khan Falta : प्रत्याशी जहांगीर खान की सीट फलता में सड़क पर उतरे वोटर, टीएमसी पर आरोप

बंगाल चुनाव 2026 के दूसरे चरण से पहले फलता सीट पर महासंग्राम छिड़ गया है! टीएमसी प्रत्याशी जहांगीर खान के खिलाफ मतदाताओं ने मोर्चा खोल दिया है। आरोप है कि वोटरों को डराया-धमकाया जा रहा है। इसी बीच यूपी कैडर के सिंघम IPS अजय पाल शर्मा की एंट्री ने मामले को और गर्मा दिया है।

Jahangir Khan Falta

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

मई 2, 2026

Jahangir Khan Falta : पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के दौरान कई क्षेत्रों से अनियमितताओं और धांधली की शिकायतें सामने आई थीं। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए चुनाव आयोग ने शनिवार, 2 मई को 15 चिन्हित मतदान केंद्रों पर दोबारा वोटिंग कराने का निर्णय लिया है। सुबह से ही इन केंद्रों पर मतदाताओं की लंबी कतारें देखी जा रही हैं। सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच लोग अपने मताधिकार का प्रयोग करने पहुंच रहे हैं। आयोग ने स्पष्ट किया है कि चुनावी प्रक्रिया की शुचिता और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए यह कदम उठाना अनिवार्य था, ताकि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की गुंजाइश न रहे।

फाल्टा में तनाव: हिंदू ग्रामीणों ने टीएमसी नेता पर लगाए गंभीर आरोप

पुनर्मतदान के बीच दक्षिण 24 परगना जिले के फाल्टा सब-डिवीजन अंतर्गत हसीमपुर इलाके में स्थिति तनावपूर्ण हो गई है। यहाँ स्थानीय हिंदू ग्रामीणों ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) के पंचायत प्रधान इसराफिल चोंकदार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। ग्रामीणों का आरोप है कि उन्हें मतदान करने से रोकने और डराने के लिए जान से मारने की धमकियां दी जा रही हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि उन्हें ‘गंगा में फेंक देने’ की बात कही गई, जिससे पूरे गांव में असुरक्षा और भय का माहौल व्याप्त है। बड़ी संख्या में ग्रामीण सड़कों पर उतरकर प्रशासन से सुरक्षा और न्याय की गुहार लगा रहे हैं।

‘सिर्फ हिंदू होने के कारण बनाया जा रहा निशाना’: महिलाओं का दर्द

इलाके की महिलाओं ने अत्यंत गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि वे किसी विशेष राजनीतिक दल का हिस्सा नहीं हैं, फिर भी उन्हें प्रताड़ित किया जा रहा है। उनका कहना है कि केवल हिंदू पहचान के कारण उन्हें इस धारणा के आधार पर धमकाया जा रहा है कि उन्होंने भाजपा (BJP) के पक्ष में मतदान किया है। एक स्थानीय महिला ने बताया कि टीएमसी नेता ने खुलेआम धमकी दी है कि यदि उनके पक्ष के लोग चुनाव जीतते हैं, तो विरोधियों के घरों को जला दिया जाएगा और इलाके में खून-खराबा होगा। इन बयानों के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है।

प्रशासनिक सतर्कता और भारी पुलिस बल की तैनाती

बढ़ते तनाव को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है। हसीमपुर और आसपास के क्षेत्रों में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि किसी को भी कानून व्यवस्था हाथ में लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी और मतदान केंद्रों के आसपास सुरक्षा घेरा मजबूत कर दिया गया है। ग्रामीणों ने मांग की है कि दोषियों के खिलाफ तत्काल प्राथमिकी दर्ज कर सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाए ताकि वे बिना किसी डर के अपने क्षेत्र में रह सकें।

साउथ परगना की दो प्रमुख सीटों पर 15 बूथों का गणित

निर्वाचन आयोग ने साउथ परगना जिले की दो महत्वपूर्ण सीटों—मगराहाट वेस्ट और डायमंड हार्बर—पर फिर से मतदान कराने का आदेश दिया है। जानकारी के अनुसार, मगराहाट वेस्ट के 11 और डायमंड हार्बर के 4 पोलिंग बूथों पर वोटिंग चल रही है। आयोग को कुल 77 केंद्रों पर पुनर्मतदान के अनुरोध मिले थे, जिनमें ईवीएम से छेड़छाड़ और तकनीकी खराबी के आरोप लगाए गए थे। ऑब्जर्वर्स की रिपोर्ट के आधार पर अंततः 15 बूथों को पुनर्मतदान के लिए चुना गया, जहाँ सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक मतदाता अपने वोट डाल सकेंगे।

सुप्रीम कोर्ट का कड़ा रुख: टीएमसी की याचिका खारिज

चुनावी गहमागहमी के बीच 4 मई को होने वाली मतगणना से पहले तृणमूल कांग्रेस को देश की शीर्ष अदालत से बड़ा झटका लगा है। सुप्रीम कोर्ट ने टीएमसी की उस याचिका को खारिज कर दिया है, जिसमें मतगणना केंद्रों पर केंद्रीय कर्मचारियों और पीएसयू (PSU) कर्मियों की तैनाती के चुनाव आयोग के फैसले को चुनौती दी गई थी। कोर्ट ने सुनवाई के दौरान स्पष्ट किया कि आयोग का यह निर्णय नियमों के दायरे में है और निष्पक्ष गणना के लिए केंद्रीय कर्मियों की नियुक्ति में कोई विधिक त्रुटि नहीं है। अदालत के इस फैसले ने आयोग की कार्यप्रणाली पर मुहर लगा दी है।

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