Falta Election Action : चुनाव से ठीक पहले बड़ी कार्रवाई, फालता पंचायत के वाइस प्रेसिडेंट सलाखों के पीछे

पश्चिम बंगाल के फालता विधानसभा क्षेत्र में 21 मई को होने वाले ऐतिहासिक पुनर्मतदान से ठीक पहले सुरक्षा बलों ने आधी रात को छापेमारी कर स्थानीय पंचायत के वाइस प्रेसिडेंट को दबोच लिया है; लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस रसूखदार नेता पर मतदाताओं को धमकाने के अलावा और कौन से गंभीर गुप्त आरोप लगे हैं? जानने के लिए पढ़ें पूरी खबर।

Falta Election Action

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

मई 16, 2026

Falta Election Action : पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले से इस वक्त की एक बहुत ही बड़ी और चौंकाने वाली राजनीतिक खबर सामने आ रही है। स्थानीय पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने एक त्वरित कार्रवाई करते हुए फालता पंचायत के मौजूदा वाइस प्रेसिडेंट (उपाध्यक्ष) सैदुल खान को बीती रात औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अधिकारियों से मिली प्राथमिक जानकारी के मुताबिक, सैदुल खान की यह गिरफ्तारी किसी नए मामले में नहीं, बल्कि काफी समय से लंबित चल रहे एक पुराने आपराधिक केस के सिलसिले में की गई है। इस गिरफ्तारी के बाद क्षेत्र का सियासी पारा अचानक बेहद गर्म हो गया है, क्योंकि सैदुल खान को फालता विधानसभा सीट से चुनाव लड़ रहे तृणमूल कांग्रेस (TMC) के कद्दावर उम्मीदवार जहांगीर खान का न सिर्फ बेहद करीबी माना जाता है, बल्कि वे उनके पारिवारिक रिश्तेदार भी हैं।

फालता विधानसभा सीट पर 21 मई को पुनर्मतदान, सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट

इस हाई-प्रोफाइल गिरफ्तारी का समय बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि दक्षिण 24 परगना की फालता विधानसभा सीट पर आगामी 21 मई को दोबारा वोटिंग यानी पुनर्मतदान (Re-polling) होने जा रहा है। चुनाव आयोग के कड़े निर्देशों के बाद इस सीट पर सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए गए हैं ताकि मतदान पूरी तरह निष्पक्ष और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराया जा सके। इस पुनर्मतदान के आधिकारिक और अंतिम नतीजे 24 मई को घोषित किए जाएंगे। ऐसे में मतदान से ठीक कुछ दिन पहले टीएमसी उम्मीदवार के मुख्य रणनीतिकार और रिश्तेदार की गिरफ्तारी को तृणमूल कांग्रेस के लिए एक बहुत बड़े राजनीतिक झटके के रूप में देखा जा रहा है।

कौन हैं टीएमसी उम्मीदवार जहांगीर खान? वोटरों को धमकाने के लगे हैं गंभीर आरोप

फालता सीट से सत्तारूढ़ दल के टिकट पर चुनाव लड़ रहे जहांगीर खान इस समय विवादों के केंद्र में बने हुए हैं। दक्षिण 24 परगना की राजनीति में दखल रखने वाले जहांगीर खान पर मौजूदा विधानसभा चुनाव के दौरान आम मतदाताओं को डराने, धमकाने और अपनी ताकत का दुरुपयोग कर जबरन वोट हासिल करने के कई गंभीर आरोप लग चुके हैं। हद तो तब हो गई जब चुनावी सरगर्मी के बीच उन्होंने क्षेत्र की कानून व्यवस्था को संभालने में जुटे वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी अजय पाल शर्मा को लेकर भी एक बेहद अमर्यादित और विवादित बयान सार्वजनिक मंच से दे डाला, जिसके बाद वे चुनाव आयोग और विपक्ष के निशाने पर आ गए।

जहांगीर खान का प्रोफाइल: करोड़पति होने के साथ-साथ अब तक बेदाग था रिकॉर्ड

अगर जहांगीर खान के व्यक्तिगत और आर्थिक प्रोफाइल पर नजर डालें, तो चुनावी हलफनामे के अनुसार वे केवल 12वीं कक्षा तक ही पढ़े-लिखे हैं। वर्तमान में उनकी कुल आयु 41 वर्ष है और उनके पास लगभग 2.1 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्ति है। इस चुनाव से पहले तक उनका कोई भी पुराना आपराधिक इतिहास या बैकग्राउंड नहीं रहा था और उनके खिलाफ किसी भी थाने में कोई गंभीर मुकदमा दर्ज नहीं था। लेकिन हालिया चुनावी गतिविधियों और विवादित बयानों ने उनकी राजनीतिक छवि को पूरी तरह बदल कर रख दिया है।

आईपीएस अजय पाल शर्मा को खुलेआम धमकी: ‘पिक्चर अभी बाकी है मेरे दोस्त’

जहांगीर खान ने ड्यूटी पर तैनात आईपीएस अधिकारी अजय पाल शर्मा और केंद्रीय सुरक्षा बलों (CRPF) को खुलेआम चुनौती देते हुए एक बेहद तीखा और भड़काऊ भाषण दिया था। उन्होंने भरी जनसभा में कहा था, “उन्होंने (IPS) इस खेल की शुरुआत की है, लेकिन इसे खत्म हम करेंगे। पिक्चर अभी बाकी है मेरे दोस्त। अगर आप सोच रहे हो कि कुछ सीआरपीएफ के जवानों के दम पर आप बच जाओगे तो आप बहुत बड़ी गलतफहमी में हो। हमारे यहां की आम जनता ही हमारी असली ताकत है, अगर हमारे लोग एक साथ सड़कों पर उतर आए तो वे सीआरपीएफ को हटाकर रख देंगे। अगर यहां के लोग पैदल चलने लगे, तो सीआरपीएफ के लोग हवा में उड़ जाएंगे।”

बंगाल चुनाव में भाजपा की प्रचंड जीत: 80 सीटों पर सिमट कर रह गई टीएमसी

गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में हाल ही में संपन्न हुए विधानसभा चुनावों के नतीजों ने पूरे देश को चौंका दिया है। इस बार के चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने ऐतिहासिक और प्रचंड जीत हासिल करते हुए राज्य की कुल सीटों में से 207 सीटों पर अपना परचम लहराया है और सरकार बनाने का गौरव प्राप्त किया है। इसके विपरीत, लंबे समय तक सत्ता में रही ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस (TMC) को करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा है और वह महज 80 सीटों पर ही सिमट कर रह गई है। हालांकि, कड़े राजनीतिक गतिरोध और धांधली की शिकायतों के बाद फालता विधानसभा सीट पर चुनाव आयोग ने पुराने मतदान को रद्द कर दिया था, जिसके चलते अब यहां दोबारा चुनाव कराए जा रहे हैं।

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