पंजाब कांग्रेस में गुटबाजी तेज! राहुल गांधी के आने से पहले चन्नी गुट ने किया शक्ति प्रदर्शन

चंडीगढ़  पंजाब कांग्रेस में गुटबाजी को समाप्त करना पार्टी हाईकमान के लिए गंभीर चुनौती बन गया है। हालात यह हैं कि प्रदेश के नेता जब दिल्ली तलब किए जाते हैं तब वहां वे एकजुटता की बातें करते हैं, लेकिन पंजाब की धरती पर आते ही गुटों में बंट जाते हैं। इसी बीच कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी के सितंबर महीने के पंजाब दौरे से पहले प्रदेश कांग्रेस के नेताओं को एक मंच पर लाना हाईकमान के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। कांग्रेस के लिए सबसे बड़ी परेशानी पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी गुट से है। चन्नी गुट इन

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Published On :

अगस्त 31, 2026

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चंडीगढ़
 पंजाब कांग्रेस में गुटबाजी को समाप्त करना पार्टी हाईकमान के लिए गंभीर चुनौती बन गया है। हालात यह हैं कि प्रदेश के नेता जब दिल्ली तलब किए जाते हैं तब वहां वे एकजुटता की बातें करते हैं, लेकिन पंजाब की धरती पर आते ही गुटों में बंट जाते हैं। इसी बीच कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी के सितंबर महीने के पंजाब दौरे से पहले प्रदेश कांग्रेस के नेताओं को एक मंच पर लाना हाईकमान के लिए बड़ी चुनौती बन गया है।

कांग्रेस के लिए सबसे बड़ी परेशानी पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी गुट से है। चन्नी गुट इन दिनों राज्य में जहां भी मौका मिलता है, वहां अपना शक्ति प्रदर्शन करने से नहीं चूकता।  कांग्रेस में गुटबाजी पहली बार नहीं है लेकिन जिस तरह के हालात इस समय पार्टी हाईकमान के सामने बने हैं, उससे हाईकमान भी असहज महसूस कर रहा है।

एक मंच पर लाने में कामयाब
हाईकमान बार-बार यह तो कह रहा है कि गुटबाजी सहन नहीं होगी लेकिन किसी पर भी कार्रवाई करने से अभी तक बच रहा है। पूर्व की बात करें तो राजिंदर कौर भट्ठल, नवजोत सिंह सिद्धू और कैप्टन अमरिंदर सिंह गुट अलग-अलग समय में एक दूसरे के खिलाफ बयानबाजी तो करते थे लेकिन हाईकमान हर समय उनको एक मंच पर लाने में कामयाब हो जाता था।

अब हालात यह हैं कि चन्नी गुट ने प्रदेश प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है।  हाईकमान की कई कोशिशों के बाद भी दोनों गुट एक नहीं हो सके हैं। हाल ही में लुधियाना के इसड़ू में रैली की बात हो या अमृतसर के बाबा बकाला में रक्खड़ पुन्नया में आयोजित होने वाली रैली… दोनों ही स्थानों पर चन्नी गुट हावी रहा।

नहीं पहुंचे वड़िंग गुट के नेत
इससे पहले जब भी यहां पर रैली हुई तो गुटबाजी के बावजूद पार्टी नेता एक मंच पर दिखाई देते और जनता में यह संदेश देने का प्रयास करते कि वे एक हैं। शुक्रवार को बाबा बकाला में रक्खड़ पुन्नया के अवसर पर चन्नी गुट की ओर से की गई रैली में प्रदेश प्रधान राजा वड़िंग का मंच पर लगे पोस्टर में चित्र तो दिखा लेकिन न तो वड़िंग और न ही वड़िंग गुट का कोई नेता पहुंचा।

हालात ऐसे बने कि प्रदेश नेतृत्व को यह तर्क देना पड़ रहा है कि यह कार्यक्रम स्थानीय स्तर पर होते हैं। प्रदेश प्रधान राजा वड़िंग ने शनिवार को इस पर सफाई देते हुए कहा कि यह जरूरी नहीं कि पार्टी के सभी वरिष्ठ नेता हर कार्यक्रम में मौजूद रहें। उनके अलावा कई अन्य वरिष्ठ नेता नहीं पहुंचे थे। 

रंधावा से मिल स्लीपर सेल के बारे में पूछेंगे
वड़िंग प्रदेश प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने शनिवार को एक वीडियो संदेश जारी किया। उन्होंने कहा कि बाबा बकाला में रैली के दौरान सुखजिंदर रंधावा द्वारा पार्टी में ‘स्लीपर सेल’ और ‘समझौता करने वाले नेताओं’ का बयान दिया गया।

वड़िंग ने कहा कि रंधावा से पूछेंगे कि उनका इशारा किसकी ओर है। उन्होंने कहा कि हर पार्टी में ऐसे लोग हो सकते हैं और उनकी पहचान कर उन्हें सामने लाना जरूरी है, क्योंकि वे विरोधियों से ज्यादा पार्टी को नुकसान पहुंचाते हैं। 

वही घर है, वही रंधावा… जदों भी आओगे तुहाडा वेलकम’
वड़िंग के वीडियो संदेश के बाद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने इंटरनेट मीडिया पर पोस्ट डालकर जवाब दिया। रंधावा ने लिखा, 'वही घर है, वही रंधावा, जदों भी तुसी आओगे… तुहाडा मोस्ट वेलकम।'

 

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